स्क्रब टाइफस नेपाल में : डा. अरुण कुमार सिंह

डा. अरुण कुमार सिंह (बालरोग विशेषज्ञ,  बी.पी. कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान धरान),२४ अगस्त |
आज कल स्क्रब टाइफस नाम की बीमारी के कई मामले सामने आ रहे हैं। पूर्वी पहाडी जिल्ला धनकुटा, भोजपुर, संखुवासभा, इलाम और खोटाङ मे  इस वर्ष स्क्रब टाइफस से संक्रमित बालबालिकाओं की मृत्यु  की संख्या  बढ्ती जा रही है ।प्रतिष्ठान मे  सावन भर में  सात महीना से १४ वर्ष उम्र के ११ बाल बालिका को स्क्रब टाइफस से संक्रमित उपचारके लिय  भरती कराया गया । जिस मे  भोजपुर  तीन वर्षीय मौसम विक और  संखुवासभा में संयोग राई का निधन हो गया था ।
 scrub tyfus
स्क्रब टाइफस एक जीवाणु के काटने से फैलता है जो खेतों झाड़ियों घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में फैलता है और स्क्रब टाइफस बुखार बन जाता है। काटते ही उसके लार में मौजूद एक खतरनाक जीवाणु रिक्टशिया सुसुगामुशी मनुष्य के रक्त में फैल जाता है। सुसुगामुशी दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है सुसुगा छोटा व खतरनाक और मुशी मतलब माइट।  इसकी वजह से लिवर, दिमाग व फेफड़ों में कई तरह के संक्रमण होने लगते हैं और मरीज मल्टी ऑर्गन डिसऑर्डर के स्टेज में पहुंच जाता है।
स्क्रब टाइफस ज्वर के लक्षण
इस रोग में मरीज को १०४ से १०५ तक बुखार आता है।
 कंपकपी और जोड़ो में दर्द होना।
 शरीर का टूटना।
 शरीर में ऐंठन और अकड़न आना।
 बाजू, हाथ और गर्दन में गिल्टियां होना।
स्क्रब टाइफस ज्वर से बचने के उपाय
शरीर को स्वच्छ रखें और हमेशा साफ कपड़े पहनें।
 घर के आसपास के इलाके को साफ रखें।
 कीटनाशक दवाओं का छिड़काव घर के आसपास जरूर करें।
घास व खरपतवार को घर के आसपास न उगने दें।
जंगल के रास्ते व खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
मरीजों को डाक्सीसाइक्लन,क्लोरामफेनिकोल और एजीथ्रोमाइसिन दवा दी जाती है। स्क्रब टाइफस शुरूआत में आम बुखार की तरह होता है, लेकिन यह सीधे किडनी और लीवर पर अटैक करता है। यही कारण है कि मरीजों की मौत हो जाती है।
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