हम लोग मनोरञ्जन का साधन हैं :रमन

मोडलिङ एवं फिल्मी दुनिया में संघर्षरत व्यक्तित्व हैं– रमन पहाड़ी । उनका स्थायी ठिकाना पोखरी–३, लुम्ती (सिन्धुली) है । वह महेन्द्ररत्न क्याम्पस ताहचल के विद्यार्थी भी हैं । भविष्य में एक सफल कलाकार बनने का सपना देखने वाले पहाड़ी ने अभी तक आधा दर्जन गीतों में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं । विशेषतः रमन अभिनीत गीत ‘नेपाली लोकगीत’ में आधारित हैं । रमन के साथ लिलानाथ गौतम की बातचीत, प्रस्तुत है, सम्पादित अंश –
० आप मोडलिङ में कब से और क्यों है ?Raman Pahadi 3
– एक साल से हूँ । यह मेरी महत्वाकांक्षा और इच्छा है ।
० आप को कौन–कौन म्युजिक वीडियो में हम देख सकते हैं ?
– मेरा पहला अभिनय ‘कोमल मन’ नामक म्युजिक वीडियो में देख सकते हैं । उसके बाद क्रमशः ‘मुछ्नु है टीका, छर्नु है जमरा’, ‘जयजय भगवान’, ‘यो देश फेरि बन्छ’ ‘जुन केटी देख्यो, त्यही मन पर्छ’ आदि गीतोंं में मेरा अभिनय है । निकट भविष्य में ही ‘भुल्नु पर्दो रहेछ’ और ‘आए बरै टाढा हुने दिन’ बोल का गीत बाजार में आनेवाला है ।
० आप तो नए हैं, कलाकारिता क्षेत्र में स्थापित हो पाएंगे ?
– मेहनत करेंगे तो क्यों नहीं ? हर सफलता के पीछे उस क्षेत्र में किया गया संघर्ष होता है । इसीलिए मैं सोचता हूँ कि मैं भी एक दिन सफल कलाकार बन के दिखाऊँगा ।
० कहा जाता है कि कलाकार बनने के लिए तो खुद निवेश करना पड़ता है, और नये–नये कलाकार को पारिश्रमिक भी नहीं मिलती है । क्या अवस्था ऐसी ही है ?
– सभी लोगों के लिए यह बात लागू नहीं होती । अभी तक मैंने कुछ भी निवेश नहीं किया है । लेकिन हाँ, पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है । नया हूँ, प्रायः दोस्त लोगों के म्युजिक वीडियो में ही सीमित हूँ । जब मेरी मांग बढ़ जाएगी, पारिश्रमिक लेने का दिन भी आ जाएगा । मेरी मांग भी बढ़ने लगी है । आधुनिक गीत और बड़े पर्दा वाले फिल्मों से भी ऑफर आ रहा है । अगर मोडलिङ या फिल्मी दुनियाँ में लम्बे समय तक रहना है तो पारिश्रमिक अनिवार्य है । बिना पारिश्रमिक व्यवसायिक और सफल कलाकार नहीं हो सकते हैं ।

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