हाल-ए-नोटबंदी: छद्म कंपनियों पर शिकंजा कसने में जुटी भारत की सरकार

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*नई दिल्ली.मधुरेश* ११ फरवरी | नोटबंदी के बाद भारत सरकार ने कालेधन के साम्राज्य की मूल जड़ समझे जाने वाले छद्म कंपनियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए राजस्व सचिव और कंपनी मामलों के सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है।

टास्क फोर्स का काम कालेधन को छुपाने और उन्हें सफेद करने में इस्तेमाल की जाने वाली छद्म कंपनियों को बंद करने, उनके खातों को सील करने और उन्हें चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा। कालेधन को सफेद करने में छद्म कंपनियों के बड़े खेल को इस बात से समझा जा सकता है कि नोटबंदी के बाद 49 ऐसी कंपनियों के मार्फत 3900 करोड़ रुपये का कालाधन सफेद कर दिया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार कहते रहे हैं कि नोटबंदी कालेधन के खिलाफ लड़ाई का एक हिस्सा भर है, सरकार इसे जड़मूल से खत्म करने के लिए हर जरूरी कार्रवाई करेगी। 28 साल पुराने बेनामी संपत्ति कानून को लागू करना इसी दिशा में था। अब छद्म कंपनियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी कर सरकार ने कालेधन को रखने और उन्हें सफेद बनाने के मकड़जाल को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। छद्म कंपनियां ऐसी कंपनियां होती है, जो कोई काम नहीं करती है, लेकिन उनमें करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है और उसके शेयर को बड़ी कीमत पर बेचा हुआ दिखाया जाता है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार नोटबंदी के बाद एजेंसियों के सामने कालेधन को सफेद बनाने में छद्म कंपनियों के बड़े खेल का खुलासा हुआ। लेकिन यह छद्म कंपनियों के पूरे मकड़जाल का नगण्य हिस्सा भर था। पूरे मकड़जाल को जड़ से समाप्त करने के लिए शुक्रवार को पीएमओ में विभिन्न एजेंसियों और मंत्रालयों की उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में छद्म कंपनियों के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इनके अनुसार देश भर कुल 15 लाख कंपनियां पंजीकृत हैं, इनमें केवल छह लाख कंपनियां अपना सालाना रिटर्न जमा करती हैं। आशंका है कि बाकी नौ लाख कंपनियों में से अधिकांश का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए होता है।

पीएमओ की बैठक में छद्म कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य सचिव और कंपनी मामलों के सचिव की सह अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स में विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत छद्म कंपनियों का पता लगाकर उसे बंद करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसी कंपनियों के बैंक खातों को सील कर दिया जाएगा और उन्हें चलाने वाले निदेशकों और इंट्री आपरेटरों के खिलाफ मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

यही नहीं, इसमें इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंट आफ इंडिया को शामिल कर लिया गया। जो चार्टर्ड एकाउंटेंट इन कंपनियों को चलाने में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए 49 छद्म कंपनियों से जुड़े चार्टर्ड एकाउंटेंट के खिलाफ ऐसी कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। छद्म कंपनियों और उनसे जुड़े प्रमोटरों का पता लगाने के लिए आधार नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा।

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