ड़ी आतंकी हमले के बाद इंटरनेशनल लेवल पर पाकिस्तान अलग-थलग

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली.1_1474297314_1474379676
उड़ी आतंकी हमले के बाद इंटरनेशनल लेवल पर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गया है। यूएन सिक्युरिटी काउंसिल के 5 परमानेंट मेंबर्स में से 4 (अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस) भारत के सपोर्ट में खुलकर आ गए हैं। जर्मनी भी नई दिल्ली के साथ है। मंगलवार को इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री की ओर से इन देशों के बयान जारी किए गए। उधर, अफगानिस्तान और बांग्लादेश भी इस साल नवंबर में इस्लामाबाद में होने वाली SAARC समिट का बायकॉट कर सकते हैं। बड़े देशों में से अब सिर्फ चीन ही पाकिस्तान के साथ है।
 अमेरिका: अपनी जमीन को आतंकियों के लिए ‘सेफ हैवन’ न बनने दे पाक
– जॉन कैरी और नवाज शरीफ के बीच मंगलवार को 71st यूएन जनरल असेंबली से अलग एक मीटिंग हुई। इस मौके पर शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मसले पर अमेरिका की मदद मांगी।
– बाद में यूएस डिपार्टमेंट के डिप्टी स्पोक्सपर्सन मार्क टोनर ने इस मीटिंग की जानकारी दी। टोनर ने बताया – “कैरी ने शरीफ से कहा कि वह आतंकी संगठनों से असरदार ढंग से निपटें। पाकिस्तान को अपनी जमीन आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देना चाहिए।”
– “कैरी ने शरीफ से न्यूक्लियर वेपंस प्रोग्राम पर भी लगाम लगाने को कहा।”
फ्रांस: साफतौर पर पाकिस्तान बेस्ड ऑर्गनाइजेशंस का नाम लिया
– फ्रांस ने इंडिया के सपोर्ट में बयान जारी किया है। कहा- ‘इसमें कोई शक नहीं कि भारत आतंकवाद से पीड़ित है, हम इंडिया के साथ हैं, नई दिल्ली फ्रांस का स्ट्रैटजिक पार्टनर है, हम इस संकट से मिलकर लड़ेंगे।’
– ‘अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत भारत को निशाना बनाने वाले आतंकवादी संगठनों खासकर- लश्करे-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।’
ब्रिटेन: भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद से लड़ेंगे
– उड़ी टेरर अटैक के दिन रविवार को ही ब्रिटेन के फॉरेन अफेयर्स सेक्रेटरी बोरिस जॉनसन ने कहा था- यूके आतंकवाद के खात्मे के लिए भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगा।
रूस: पाक को हेलिकॉप्टर देने से किया इनकार, कैंसल की मिलिट्री ड्रिल, भारत के सपोर्ट में बयान भी जारी किया
– उड़ी टेरर अटैक के बाद रूस ने पाकिस्तान के साथ न सिर्फ ज्वाइंट ड्रिल कैंसल कर दी है, बल्कि उसको तीन MI-35 हेलिकॉप्टर बेचने की डील भी रद्द कर दी है।
– पाकिस्तान और रूस के बीच यह आर्मी ड्रिल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में होनी थी।
– रूस ने बयान में कहा है- ‘हमारी संवेदनाएं आतंकी हमले में शहीद हुए सोल्जर्स की फैमिली के साथ हैं। इस साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद अब एलओसी के पास हमले से हमारी चिंता बढ़ गई है, यह खतरे का संकेत है।’
चीन: उड़ी अटैक पर सिर्फ अफसोस जताया
– पाकिस्तान का ऑल टाइम फ्रैंड चीन ने उड़ी अटैक पर अब तक खुलकर कुछ नहीं कहा है।
– सिर्फ इतना कहा है- हम सभी तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं। कश्मीर मसले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनाव है, उसको बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए।
बाकी देशों का रुख: सार्क समिट का बायकॉट कर सकते हैं अफगानिस्तान- बांग्लादेश
– भारत में बांग्लादेश के हाई कमीशन सैयद मुआज्जेम ने मंगलवार को कहा- “पीएम हसीना BIMSTEC मीट में शामिल होने के लिए 16 अक्टूबर को भारत आएंगी। मोदी और हसीना के बीच बायलैट्रल मीट होगी। इसके बाद ही सार्क समिट में शामिल होने पर फैसला किया जाएगा।”
– “अभी तक हमारी पीएम ने इसमें शामिल होने का फैसला नहीं किया है। हमें इस मामले में इंतजार करना होगा। हम भारत के साथ कोऑपरेशन के लिए तैयार हैं।”
– भारत में अफगानिस्तान के एंबेसडर डॉ. एसएम अब्दाली ने मंगलवार को कहा- “इस रीजन में पीस, स्टैबिलिटी और यूनिटी के लिए सभी कदम उठाए जाने चाहिए। इसके लिए सार्क देशों को एक साथ विचार करना होगा।”
– “समय आ गया है कि पाकिस्तान को एक सख्त मैसेज देना चाहिए। इसके लिए नवंबर में होने वाली सार्क समिट का भी बायकॉट किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सभी को कोशिश करनी होगी।”
– बता दें कि SAARC (साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन) साउथ एशिया के 8 देशों का इकोनॉमिक और पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन है।
जर्मनी: क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ भारत के साथ
– जर्मनी जैसे बड़े देश ने भी भारत के सपोर्ट में आवाज बुलंद की है।
– एक बयान जारी कर कहा है- आतंकवाद से मुकाबले के लिए जर्मनी भारत के साथ है। हर देश की यह जिम्मेदारी है कि अपनी टेरिटरी में पैदा हुए आतंकवाद के खिलाफ वह निर्णायक कार्रवाई करे।
संयुक्त राष्ट्र : बान की-मून बोले- साजिश करने वालों को इंसाफ के कटघरे में लाएंगे
– यूएन सेक्रेटरी जनरल बान की-मून के सपोक्सपर्सन ने हमले के एक दिन बाद कहा- हमले की साजिश करने वालों को इंसाफ के कटघरे में लाया जाएगा, हमारी यह प्रायोरिटी होगी कि क्षेत्र में स्टैबिलिटी फिर से कायम की जाए और लोगों की जान को और नुकसान नहीं हो।
यूएन में भारत ने क्या कहा?
– यूएन में भारत ने पाकिस्तान से कड़े शब्दों में कहा है कि वह कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने के बजाए आतंकियों के बेस खत्म करे। साथ ही वह, पाकिस्तान की धरती पर आजाद घूम रहे टेररिस्ट हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन पर लगाम लगाए।
– भारत ने यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल में ये भी कहा है कि कश्मीर में हालात बिगड़ने की मुख्य वजह आतंकवाद है जिसे पाकिस्तान प्रमोट करता है।
– भारत का ये भी कहना है कि कश्मीर में जो यूथ जवानों पर पत्थर बरसाते हैं, उन्हें भी पाकिस्तान ही भड़काता है। ये पाक की पॉलिसी का हिस्सा है। बच्चों को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स उकसाते हैं और संदेश भेजते रहते हैं।
– भारत ने यूएन में ये बातें तब कहीं हैं, जब भारत में उड़ी हमले के पीएम के घर हुई मीटिंग में इंटरनेशनल फोरम्स में पाक को अलग- थलग करने की बात कही गई।
वर्ल्ड मीडिया: मोदी की बड़ी परीक्षा- कैसे देंगे जवाब?
न्यूयार्क टाइम्स
– मोदी ने खुद को ताकतवर नेता के रूप में पेश किया था। वादा किया था कि वे आतंकवाद का खात्मा करेंगे।
– अब मोदी की सबसे बड़ी परीक्षा है। उड़ी हमले का कैसे जवाब दिया जाएगा। वे पाक पर क्या कार्रवाई करते हैं।
वाशिंगटन पोस्ट
– पहले से ही तनाव पूर्ण चल रहे संबंधों पर उड़ी हमले ने आग में घी डालने का काम किया है।
– भारत ने हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया है। दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सीमा पर भी तनाव है।
डॉन (पाकिस्तान)
– भारत एलओसी पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है। ताकि कश्मीर से दुनिया का ध्यान हट जाए।
– पाक को इससे भी बुरे हालात के लिए तैयार रहना चाहिए। चीन पाक का समर्थन कर सकता है। लेकिन यह सब पाकिस्तान की कूटनीतिक घेराबंदी पर निर्भर करेगा।
साभार, दैनिक भास्कर
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