१९८५ में रामविलास और मायावती को हराकर पहली बार संसद पहुंची थी मीरा कुमार*

*नई दिल्ली {मधुरेश प्रियदर्शी}*– देश के मशहूर दलित नेता बाबू जगजीवन राम की सुपुत्री कांग्रेस नेता व पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को देश के सत्रह राजनैतिक दलों ने जब से अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है तभी से सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई भ्रामक खबरें चल रही है। एक झूठी खबर जो इन दिनों सोशल मीडिया में चल रही है कि उनके पति मंजुल कुमार ब्राह्मण हैं। ”

दरअसल जब मीरा कुमार अपनी लॉ की पढ़ाई कर रहीं थी उसी दौरान उनकी मुलाकात हुई मंजुल कुमार से हुई थी। मंजुल कुमार भी बिहार से हैं और एक राजनीतिक परिवार से आतें है। उनकी मां सुमित्रा देवी कांग्रेस की नेता रहीं थी। मीरा कुमार और मंजुल कुमार ने 29 नवंबर 1968 को शादी की। हालांकि यह एक अंतरजातीय विवाह था क्योंकि मंजुल कुमार बिहार की एक ओबीसी जाति कोइरी से हैं जबकि मीरा कुमार दलित परिवार से आती हैं।
*दिग्गज दलित नेता जगजीवन राम की बेटी हैं मीरा कुमार……*

मीरा कुमार के पिता बिहार के कांग्रेस के बड़े नेता और नेहरू कैबिनेट के सबसे यंग मेंबर जगजीवन राम की बेटी हैं। मीरा कुमार का जन्म 31 मार्च 1945 को पटना में हुआ था। उनकी स्कूली पढ़ाई वेलहम गर्ल्स स्कूल, देहरादून और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जयपुर में हुई हांलाकि कुछ समय के लिए वो बनस्थली विद्यापीठ में भी पढ़ीं। उन्होंने ग्रेजुएशन और पीजी आईपी कॉलेज और मिरांडा से किया, उन्होंने इंग्लिश में MA करने के बाद LLB की पढ़ाई की। 1973 में मीरा कुमार ने सिविल सर्विसेस का एग्जाम क्लियर किया और इंडियन फॉरेन सर्विस की अफसर बनीं। मीरा कुमार के तीन संताने हैं एक बेटा और दो बेटियां।

*1985 में लड़ा पहला चुनाव…….*

मीरा कुमार ने अपना पहला चुनाव 1985 में यूपी की बिजनौर सुरक्षित सीट से लड़ा। उन्होंने रामविलास पासवान और मायावती को हराकर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया। इसके बाद मीरा कुमार अपने पिता की सीट सासाराम (बिहार) से दो बार चुनाव लड़ी लेकिन दोनों बार हारीं। इसके बाद अगले दो चुनाव 1996 और 1998 वह दिल्ली की करोल बाग सीट से लड़ीं और जीतीं। हालांकि एक बार फिर 1999 में वह यहां हार गईं। 2004 में वो फिर सासाराम से तीसरी बार किस्मत आजमाने पहुंचीं और इस बार वह जीतीं वो भी ढाई लाख के बड़े अंतर से। फिर वह मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री बनीं लेकिन इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हुईं 2009 में जब वह देश की पहली महिला स्पीकर बनी। मीरा कुमार को कविता लिखना और पढ़ना बहुत पसंद है। इनके अलावा उन्हें पिस्टल शूटिंग और हॉर्स राइडिंग का भी बहुत शौक है।

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