६९वें शंकराचार्य परमपुज्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी को श्रद्धासुमन अर्पित

काठमांडू | कांचीकाम कोटि पीठ के ६९वें शंकराचार्य परमपूज्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी दिनांक २८ फरवरी को ८६ वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हुए । स्वामी जी का नेपाल के प्रति विशेष आग्रह था । आपने कई बार नेपाल यात्रा की । आप नेपाल को हमेशा हिन्दू राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे । आप धार्मिक गुरू ही नहीं, सामाजिक गुरू भी थे । शिक्षा और समाज के क्षेत्र में आपने अतुलनीय योगदान दिया है । धर्मपरिवर्तन की घटनाओं से आप मर्माहत होते थे और इसे रोकने के लिए सदैव प्रयासरत भी रहे । आपने अपने भौतिक शरीर का त्याग किया है पर आपकी आत्मा सदैव हमारे बीच रहेगी । स्वामी जी के लिए अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करने हेतु आज होटल प्लेटिनम में नेपाल भारत मैत्री समाज, विश्व हिन्दु महासंघ, नेपाल राष्ट्रीय मारवाड़ी परिषद, हिन्दु स्वयं सेवक संघ, पतंजलि योगपीठ एवं नेपाल स्थित विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्था द्वारा विशेष अतिथि पूर्व उपराष्ट्रपति सम्मानीय परमानन्द जी एवं विभिन्न संस्थाओं के धार्मिक गुरु, भारतीय दूतावास के द्वितीय सचिव बिप्र पांडे की गरिमामयी उपस्थिति में तथा नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लश्करी जी की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया । कार्यक्रम में सभी गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी श्रद्धाभाव को व्यक्त करते हुए स्वामी जी को याद किया ।

 

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