७ भूमिगत समूहों के साथ भी एकीकरण : मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी का गठन

 काठमांडू, २२ अप्रैल | दिनांक- २१/४/२०१७ को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिये कहा गया है कि बृहत् सशस्त्र शक्ति के निर्माण के लिए  मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी का गठन किया गया है जिसका एकमात्र और अंतिम लक्ष्य स्वतंत्र मधेश के निर्माण है | उसके बाद पार्टी के सभी कार्यकर्त्ता और नेतृत्व खुद को राजनीती से अलग करने का वचन मधेशी जनता को देती है. मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी के गठन का उद्देश्य केवल मधेश की स्वतंत्रता है न कि मधेश और मधेशियो के नाम पर राजनीती करना है |

पार्टी मधेश में अब तक ७ सशस्त्र समूहों के साथ एकीकरण कर चुकी है. अन्य कुछ संगठनो से वार्ता चल रही है जिसके सुखद परिणाम कुछ दिनों के अन्दर आने की उम्मीद है. पार्टी अन्य समान विचारधारा वाले मधेश के लिए ईमानदार भूमिगत पार्टियों और संगठनो से मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी के साथ एकीकरण की अपील करती है. पार्टी मधेश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे सभी व्यक्तियों और संगठनो को शुभकामना और बिना शर्त नैतिक समर्थन देती है. इन सभी व्यक्तियों और संगठनो को मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी मधेश मुक्ति में और सक्रीय होने की अपेक्षा रखती है यह बात विज्ञप्ति में उल्लेख है |

 लम्बी  विज्ञप्ति में कहा गया  है कि मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी का मानना है कि मधेश के समक्ष दो गंभीर चुनौतिया नेपाल सरकार ने पैदा कर दी है जो मधेश के अस्तित्व रक्षा से जुडी हुई है. पार्टी की नजर में मधेश में नेपालियों का अवैध आप्रवासन सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने नजर आ रही है. ये मधेश के अस्तित्व से जुड़ा हुआ सवाल है. मधेश की संस्कृति, सभ्यता ,सामाजिक तानेबाने को नष्ट करने तथा मधेश में मधेशियो को अल्पसंख्यक बनाने के उद्देश्य से नेपाली शासकों ने सुनियोजित और कुटिल तरीके से मधेश में पहाडियों को प्रोत्साहित कर भेजना शुरू कर दिया है.वैसे तो यह खेल क्रूर और शोषक राजा महेंद्र के काल से ही जारी है लेकिन हाल के दिनों में यह काफी तेज हो गया है. करीब ३० लाख नेपाली मधेश में १० सालो में घुस गए है. पार्टी इसे रोकने के लिए कटिबद्ध है. पार्टी की केन्द्रीय कार्यसमिति और कार्यसम्पादन समिति के निर्णय अनुसार मधेश में अवैध तरीके से रह रहे पहाडियों को वापस अपने देश नेपाल जाने की सलाह दी जाती है |

विज्ञप्ति में भौतिक कार्रवाई तथा आधुनिक हथियारों का उपयोग की भी बात उल्लेख है |  भौतिक कारवाई के सञ्चालन के लिए अध्यक्ष श्री कुमार सिद्धार्थ के सीधे नियंत्रण में ३ केन्द्रीय सदस्यों की समिति बनायीं गयी है जिसके संयोजक पार्टी प्रवक्ता डॉ केशव अरविन्द होंगे. दूसरी ओर नेपाल सरकार ने दुनिया को दिखाने और मधेशियो में फूट डालने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा कर रखी है. पार्टी मधेश में किसी भी तरह के चुनाव का पूरी ताक़त से प्रतिकार करेगी. चुनाव किसी भी सूरत में मधेश में नहीं होने दिया जायेगा. चुनाव में सहयोग करने वाले मधेशियो को पार्टी जयचंद जैसा ही गद्दार मानती है.ऐसे लोगो को पहाडियों की तरह दुश्मन समझा जायेगा और उनपर भी कार्रवाई की जाएगी. पार्टी सभी मधेशियो से चुनाव बहिष्कार और प्रतिकार की अपील करती है.

 डॉ कुमार केशव अरविन्द प्रवक्ता मधेशी क्रन्तिकारी पार्टी, मधेश

यह प्रेस विज्ञप्ति अभी वाइरल हो रहा है |

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