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नई पहचान मिली ….

0 April 22, 2017

गंगेश मिश्र °°°°°°°°°°°°°°°° आख़िर, एक साथ आ ही गए; मधेश के रहनुमा; बधाई तो बनती है, बधाई हो, बधाई। एक साथ, एक मंच पर आने की; जो हिम्मत मधेशवादी नेताओ...

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इच्छाशक्ति ही अागे की राह बनाती है

0 April 17, 2017

मन में लगन, इच्छाशक्ति और आगे बढ़ने की चाहत हो, तो किसी भी बाधा को आसानी से पार किया जा सकता है। गंगेश मिश्र अक़्सर बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए बार-ब...

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शासक रावण, लंका देश …

0 April 8, 2017

गंगेश मिश्र क्या देते ? ऋषि- मुनियों पास देने को कुछ था नहीं, रावण को; कर के रूप में। तो रावण ने एक युक्ति निकाली कि, क्यों न इनसे एक- एक बूँद ख़ून; क...

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मधेश आंदोलन पहचान की लड़ाई

0 March 31, 2017

‘होनहार बिरवान के, होत चिकने पात’, बचपन से ही रचनात्मक सोच रखने वाले आलोक कुमार शुक्ल का जन्म कपिलवस्तु के एक छोटे से गाँव बरकुल में हुआ ।’ फिल्म एण्ड...

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अधिकार ! किसे चाहिए ? ..

0 March 27, 2017

ग‌गेश मिश्र °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° नेता को, कुर्सी से प्यार है। जनता का, कुंठित अधिकार है। अब बताएँ, अधिकार ! किसे चाहिए, नेता को या जनता को ? क्या ...

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हिसाब, कौन देगा ?

0 March 8, 2017

हिसाब, कौन देगा ? गंगेश मिश्र भीड़ थी, फ़िर भीड़ में, कैसे लगी, निशाने पे गोली ? लाठी टूटी बुढ़िया की, चूड़ी बहुरिया की, अनाथ हुए बच्चे; हिसाब कौन देग...

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न संविधान संशोधन होने देंगे, न चुनाव होगा : गंगेश कुमार मिश्र

0 January 26, 2017

गंगेश कुमार मिश्र, कपिलबस्तु ,२६ जनवरी | एक कहावत है, मधेश में …… ” काहे नौ मन तेल होई, काहे राधा नचिहैं।” न संविधान संशोधन हो...

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कबतक सच्चाई से मुँह मोड़ोंगे – नरेन्द्र मोदी

0 December 31, 2016

गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु, ३१ दिसिम्बर | ☆ काला धन समाज के लिए नासूर। ☆बेईमानों के लिए आगे के रास्ते बन्द। ☆गड़बड़ी करने वालों को नहीं बख़्शेंगे। ☆...

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एमाले देश को, विखण्डन की ओर ले जाने पर अमादा

0 December 17, 2016

ओली और एमाले देश को, विखण्डन की ओर ले जाने पर अमादा हैं; बन्द से कोई राजनीतिक समाधान, निकलने वाला नहीं है। गंगेश मिश्र ” शर्म भी शरमा जाए, हरक़त...

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ये है, राजधानी ..

0 December 14, 2016

गंगेश मिश्र यहाँ आम, जाम है, जाम, आम है। दिखता हर-पल; सुबह-शाम है। रुक-रुक कर, चलती है गाड़ी, दिल थामे, चलते हैं लोग, साँस भी लेना, दूभर है पर; मज़बूर...

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” फूटी आँखों से, जो सुहाता न था; आज उसी से, बिछुड़ने का ग़म है।”

0 December 7, 2016

 गंगेश मिश्र पाँच नम्बर से चार नम्बर वाले, पहाड़ी जिलों को अलग करने का प्रस्ताव क्या आया; इन तथाकथित राष्ट्रवादियों के सीने पर साँप लोटने लगा। मधेश आन...

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राष्ट्रीयता की आड़ में, देश जाए भाड़ में,

0 December 4, 2016

ज़हर बुझे खंज़र .. गंगेश मिश्र भ्रम की खेती, करने वाले, गरम मसाले, एमाले। अति राष्ट्रवादी, देश की बर्बादी के लिए, जिम्मेदार। ये पैदा ही हुए हैं, बस, भ...

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सीमांकन और संघीय ढाँचा के बिना निर्वाचन कराने की तैयारी : सरासर बेईमानी है

0 November 18, 2016

गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु , १८ नवम्बर | संविधान संशोधन – सीमांकन और संघीय ढाँचा निर्धारण किए बिना, स्थानीय निकाय निर्वाचन कराने की तैयारी; स...

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छत था, छत न था; क्षत-विक्षत; बचपन था : गंगेश कुमार मिश्र

0 November 14, 2016

एक बच्चा था .. गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु , 29 कार्तिक | °°°°°°°°°°°°°° मासूम सा, भोला सा; एक बच्चा था। कुछ ना कहता, बस, चुप रहता था। कुछ कहने से, ...

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ओली की नादानी : गंगेश कुमार मिश्र

0 November 4, 2016

गंगेश कुमार मिश्र, कपिलबस्तु, ४, नवम्बर | ओली की नादानी .. ★★★★★ पूर्ववत् ! चर्चा में चहुँओर, ओली की नादानी है। दम्भ भरे कुटिल से, उम्मीद करना ही, बेई...

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दिग्भ्रमित राजनेता नेपाल की राजनीति को पथभ्रष्ट कररहें हैं : गंगेश मिश्रा

0 November 2, 2016

गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु ,17 कार्तिक | किसे चिन्ता है मुल्क़ की ? सत्ता पाने से पहले चिन्तित दिखने वाले, सत्ता पाते ही खुनचुसवा ( ख़ून चूसने वाले ...

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संशोधित न, हुआ विधान : गंगेश कुमार मिश्र

0 October 28, 2016

गंगेश कुमार मिश्र, कपिलबस्तु, २८ अक्टूबर | संशोधित न हुआ विधान, इस ओर नहीं ? त्रि-दल का ध्यान। शासन-सत्ता, खाते भत्ता, देश बना है, आज मसान । संशोधित न...

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ओली की बोली, तबतक नहीं सुधरेगी; जबतक मधेशी नेताओं की आदत नहीं बदलेगी

0 October 23, 2016

गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु ,२३ अक्तुबर | ☆अहंकार की बलिवेदी पर, सब कुछ क़ुर्बान करने को तत्पर रहने वाले मधेशी नेतागण कब जागेंगे ? ☆जातीयता की अंधी ...

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प्रचण्ड ..प्रतापी ..भूपति, परन्तु न गम्भीर हैं, न प्रतापी हैं, प्रचण्ड : गंगेशकुमार मिश्र

0 October 22, 2016

गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु,२२ अक्टूबर | ” श्रीमान् गम्भीर नेपाली, प्रचण्ड प्रतापी भूपति ।।” ऐसा लगता है, चक्रपाणि चालिसे ने भविष्य देख ...

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मनचलों की जीभ, लपलपाने लगी है …गंगेश मिश्र

0 August 30, 2016

मनचलों की जीभ, लपलपाने लगी है … गंगेश मिश्र लालच की खेती, लहलहाने लगी है। सुखानुभूतिक चिड़िया, चहचहाने लगी है। चतुर कौओं की चतुराई, देती है दिखा...

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यथार्थपरक विचारों का सम्प्रेषण ही हमारा, परम कर्तव्य होना चाहिए: गंगेश मिश्र

0 August 29, 2016

गंगेश मिश्र , कपिलबस्तु , २९ अगस्त | ” शहीदों की चिताओं पर, लगेंगे हर बरस मेले; वतन पर मरने वालों का, यही बाकी निशाँ होगा।” ” मधेश आ...

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क्यूँ घोलते मन में ज़हर

July 9, 2016

क्यूँ घोलते मन में ज़हर गंगेश कुमार मिश्र है बात ये सम्मान की, पहचान की, अधिकार की, संघर्ष जो है चल रहा, रुक रुक के आगे बढ़ रहा, थमता हुआ लगता भले, पर...

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हे मधेश के वीर सपूतों ! जागो, अब रात नहीं, सुबह हो गई है : गंगेश मिश्र

June 21, 2016

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, 21, जून | भारत को आज़ादी के लिए, नब्बे साल इन्तज़ार करना पड़ा; और मधेश तो, अभी-अभी जगा है। ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ धैर्य ही है जो डटे ...

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क्या आने वाले दिनों में, मधेश में ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे मधेशी ?

June 14, 2016

क्या आने वाले दिनों में, मधेश में ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे मधेशी ? गंगेश मिश्र, कपिलवस्तुहाँ, लगता तो यही है । आने वाले दिनों में मधेश में ही अल्पसंख्य...

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वर्तमान मधेशी नेताओं में, स्व.गजेन्द्र नारायण सिंह वाली बात नहीं !

June 13, 2016

गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु ,१३ जून | ” असीम ऊर्जावान नेतृत्व से परिपूर्ण माननीय स्व.गजेन्द्र बाबू अकेले लड़ते रहे, मधेश के स्वाभिमान और सम्मा...

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वर्षा ऋतु की हरियाली एक अस्थाई प्रदर्शन है : गंगेशकुमार मिश्र

June 8, 2016

गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु ८ जून | ” मूसलाधार वर्षा के बाद समस्त दिशाओं में खेत और जंगल हरे भरे हो जाते हैं। वे ऐसे व्यक्ति के समान लगते हैं, ...

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एक बार फ़िर से प्रधानमन्त्री की कुर्सी पर, बैठने को लालायित दिखते हैं; कामरेड प्रचण्ड

June 6, 2016

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु,६ जून | सपनों में आती, सपनें दिखाती, पथ से भटकाती, पथ-भ्रष्ट बनाती, दाँव-पेच सिखाती, ये कुर्सी। ~~~~~~~~~~~ वैसे तो प्रथम संविध...

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सत्ता के गलियारे में, एक बार फ़िर हड़कम्प मच गई है, उमड़ा है जनसैलाब

May 16, 2016

गंगेश मिश्र , कपिलबस्तु ,१६ मई | यूँ तो इस बार, यह आन्दोलन राजधानी केन्द्रित है, सत्ता के सर पर है। सरकार बौखलाई हुई है, समझ नहीं पा रही इस बार; आन्दो...

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देश की सत्ता, नौटंकी के ज़ोकर के हाथों में : गंगेश मिश्र

May 12, 2016

गंगेश मिश्र , कपिलबस्तु, १२ मई | मधेश में एक कहावत है, ” केका कही बड़ी जनी, केका कही छोटी जनी; घरा खाइन तीनों जनी।” बड़ा ही सान्दर्भिक है,...

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और ! बला टल गई…., सत्ता की चासनी में डूबे, मनचले रसगुल्ले…… गंगेश मिश्र

May 6, 2016

और ! बला टल गई…. °°°°°°°°°°°°°°°°°°° लगा के जैसे, गठबन्धन की गाँठ, खुल गई। नौ ग्रहों की पूजा की, और ! बला टल गई। प्रचण्ड धूप से जले, चासनी में ग...

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भूकम्प और सरकार ! आँसूओं की क़ीमत, कौड़ियों में, अधिकार, बेड़ियों में : गंगेश मिश्र

April 24, 2016

भूकम्प और सरकार… अनिश्चितता, भूकम्प और सरकार, दोनों की, समानांतर कायम रही। आँसूओं की क़ीमत, कौड़ियों में, अधिकार, बेड़ियों में। पुनर्वास के नाम ...

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कोई तो बचाए, डूबते इस देश को : गंगेशकुमार मिश्र

April 6, 2016

 गंगेशकुमार मिश्र, कपिलबस्तु, ६ अप्रिल | नेपाल का गौरवपूर्ण इतिहास कहें या अभिशाप,  यह देश कभी ग़ुलाम न रहा। ग़ुलामी के दर्द को न सहा, इसी गौरवगाथा का...

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यही ओली ! सरकार है।- गंगेशकुमार मिश्र

April 1, 2016

यही ओली ! सरकार है। अपनी कमी छुपाने को, राष्ट्रीयता का ढोंग रचाने को, बस एक ही उल्लू काफ़ी है; सबको उल्लू बनाने को। सोचने पर मज़बूर, हो जाना पड़ता है;...

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ओली की मति, आन्दोलन की गति

March 6, 2016

चलो पुरानी, संस्था पकड़ते हैं । गंगेश मिश्र ओली की मति,आन्दोलन की गतिदोनों मन्द हैं।धीरे धीरे,सब कुछ सामान्य सालगने लगा है।उपेन्द्र राजेन्द्र,सुस्त हो...

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समझौता

February 22, 2016

समझौतागंगेश मिश्र, कपिलवस्तु२२,फरवरीसमझौते होते रहे हैं,होते रहेंगे।जिन्हें बोने हैं काँटेबोते रहेंगे।फिर वही होगा,जो होता रहा है।विस्तारवाद मुर्दाबाद...

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फेरी हेप्यो इण्डियाले

February 20, 2016

गंगेश मिश्र, कपिलवस्तुओली जी की बात,मोदी जी के साथ।क्या करेंगे बात लेकर ख़ूनी हाथ।दिल्ली पहुँचते ही,स्वागत् किया गया,बधाई दिया गयापर जमी नहीं कुछ बात।...

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ओली जी को समझना चाहिए, यह देश उनके पूर्वजों द्वारा अर्जित (पैतृक) संपत्ति नहीं है

January 21, 2016

गंगेशकुमार मिश्र, कपिलबस्तु, 21 जनवरी ।  मधेशियों  को चिढ़ाने की क़ीमत, देश को अपने विखण्डन से चुकानी पड़ सकती है।” ” दबाव उतना ही दो कि र...

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जिसके नीयत में ही खोट हो, वो चोट ही पहुँचाएगा : गंगेशकुमार मिश्र

January 18, 2016

गंगेशकुमार मिश्र, कपिलवस्तु , १९ जनवरी | ★ मधेशियों की हक़ की लड़ाई, अभी जारी है।सरकार की मनसा साफ है, वो किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है। ★अब ...

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अरे भलेमानुष, हमारे प्रिय मधेशी नेतागण ! किसी एक के नेतृत्व तो स्वीकार करो

January 12, 2016

गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु, १२ जनवरी | ” कलुषित मानसिकता के वशीभूत, नेपाली सत्ता के ठेकेदारों ने मधेश को जातीयता की आग में झोंक दिया है।”...

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शर्म की बात है, नेपाल की युवा जनशक्ति देश की राजनीति से पूरी तरह से कटी हुई है

January 7, 2016

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु , ७ जनवरी | ” श्रद्धान्जली….अछैबर दादा परलोक सिधार गए। ” °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° गाँव की परधानी का ...

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मधेश पर मधेशियों का हक़ है, जिसे कोई नहीं छीन सकता !

December 31, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, ३१ दिसम्बर २०१५ | मधेश आन्दोलन ही, नेपाल का वह आन्दोलन है, जिसमें सत्ता की भूख, पद पाने की लालसा नहीं अपितु मधेशियों के स्वाभि...

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संविधान संशोधन का नाटक,भारत को दिखाने के लिए तो नहीं किया जा रहा हैं ?

December 25, 2015

कौन जाने किस घड़ी, वक़्त का बदले मिजाज़ गंगेश कुमार मिश्रा, कपिलवस्तु ★ क्या ओली जी की चाल को, मधेशी मोर्चा के नेता नहीं समझ पा रहे हैं ? ★तीन महीने क...

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मा“ तू क्यों रोती है ?

December 24, 2015

गंगेश मिश्र :जैसे भीड़ की भगदड़ में, बच्चे, बूढ़े दब कर रह जाते हैं । ऐसे ही संघर्ष के दौरान, कुछ पहलु अनछुए से रह जाते हैं । ‘शहादत पर, फक्र है मुझे’...

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” ओली सरकार ! के ताबूत में अन्तिम कील साबित होगी; यह मनमानी।

December 18, 2015

°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° ” हटने होइन डटि लड़ने, नेपालीको बानी हुन्छ।” ” हटे नहीं, डटे रहे; क़त्ल-ए-आम करते रहे।” 1700...

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आन्तरिक मामिलामा हस्तक्षेप भयो रे ! आँख मूँद कर गोली चलवाई, तब नहीं सोचा था ?

December 10, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु , १० दिसम्बर |” मित्र को शत्रु बनाती, स्वाभिमान का ढोंग रचाती: अहंकार में अकड़ी-टोपी “-व्यङ्ग तुड़ी हो, मुड़ी हो; क...

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ताज़ बदले, तख्त़ बदले; पर नेपाल के शासकों की नीयत नहीं बदली : गंगेश मिश्र

November 29, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, २९ नोभेम्बर | दर्द की कमी नहीं है, खेत में नमी नहीं है। कर्मयोगी किसान, आज परेशान है। प्यास से फटी धरती, सूख गया धान है। न खाद...

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ओलीजी सावधान ! कहीं अपनी ही कब्र पर ना रोना पड़े

November 23, 2015

गंगेश मिश्र , कपिलवस्तु, 23 नोभम्बर । अपराधियों के हाथों में सत्ता, लोकतन्त्र की हत्या हो रही है; इस देश में।” “ जहाँ शैन्यतन्त्र हो, मूलम...

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क्या बी.पी.,भट्टराई, त्रिभुवन,सभी “भारत के वफादार कुत्ते” थे ?

November 21, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलवस्तु, 21 नोभेम्बर । काश ! आपने, अपने पिता जी से पूछा होता, भारत का ” वफादार कुत्ता ” कौन है ? ” मधेशवादी कुत्तों क...

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प्रधानमन्त्री जी !आपकी महिमा का वर्णन, हजार मुख वाले शेषनाग भी नहीं कर सकते : गंगेश मिश्र

November 18, 2015

  गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु , 18 नोभेम्बर । ” निर्दल ” के साथ चला था जो, अब पहरेदार हमारा है। ” बहुदल ” जीता भले आज, पर प्रज...

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” ओली जी ! ये राष्ट्र के नाम संबोधन था या भानमती का पिटारा ” : गंगेश मिश्र

November 15, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, १५ नोभेम्बर | लम्बे इन्तज़ार के बाद बोले, तो चुप होने का इन्तज़ार करना पड़ा। प्रधानमंत्री जी ! ये राष्ट्र के नाम संबोधन था या ...

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अपने ही बिछाए जाल में फँस गई है, बेचारी ओली सरकार : गंगेश मिश्र

November 13, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, 13 नोभेम्बर । ” दरक़ार जिस अधिकार की, ना छोड़ना होगा। सरकार को सरकार के घर, घेरना होगा।“ अपने ही बिछाए जाल में फँस...

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एक नहीं दो नहीं छः छः उप- प्रधानमन्त्री, इतिहास के पन्नों पर जम्बो – निकम्मों का मुलम्मा ही रह जाएगी ?

November 9, 2015

गंगेश मिश्र, कपिलवस्तु, ९ नोभेम्बर | ” जनता की छटपटाहट देखाई नहीं देती, आँखें हैं फिर भी। लोगों के करुण क्रन्दन सुनाई नहीं देते, कान हैं फिर भी।...