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बदलते राजनैतिक मूल्य और मधेशमार्गी दल : कुमार सच्चिदानन्द

0 June 25, 2017

विगत कुछ वर्ष राजनैतिक दृष्टि से मधेश के लिए नकारात्मक रहा क्योंकि इस अवधि में इसने अनेक कुरूपताओं को देखा, चरम स्वार्थपरकता देखी, सत्ता और अवसरों का ...

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…प्रधानन्यायाधीश और बेचारा गृहमंत्री किस खेत की मूली ? : कुमार सच्चिदानन्द

0 May 20, 2017

वैसे इस देश की राजनैतिक संरचना ऐसी है कि यहाँ तो व्यवस्था बदलने पर भी जनता चूँ नहीं करती तो यह प्रधानन्यायाधीश और बेचारा गृहमंत्री किस खेत की मूली है ...

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दक्षिणपंथ की हवा और नेपाल : कुमार सच्चिदानन्द

0 April 20, 2017

इस उपेक्षित और मुख्यधारा से कटे लोगों के प्रति इनके नेताओं द्वारा समय–समय पर जो वक्तव्य उभर कर सामने आए हैं उसे आपत्तिजनक ही नहीं बल्कि घोर निन्दनीय भ...

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सप्तरी का संहार : आखिर कौन जिम्मेदार ? – कुमार सच्चिदानन्द

0 March 26, 2017

‘चित्त भी मेरी और पट भी मेरी’ की नीति के तहत आगे बढ़ने से ऐसी दुर्घटनाएँ तो होती ही रहेंगी । राजनीति करने वालों का रंग तो छिपकिली की तरह होता है जो कि...

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मधेशी मुद्दों के पीछे विद्रोह की ताकत और शहादत की कहानी है : कुमार सच्चिदानन्द

0 February 24, 2017

आज देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है कि एक विखण्डनवादी प्रवृत्ति भी धीरे–धीरे देश के दक्षिणी भाग में पांव पसार रही है और ऐसी सभाओं में जनसहभागिता बढ़ती...

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हिन्दी का प्रयोग पूरे नेपाल में होता है लेकिन इसे विरोध तथाकथित राष्ट्रवाद से झेलना होता है : कुमार सच्चिदानन्द

0 February 17, 2017

कुमार सच्चिदानन्द , वीरगंज ,१७ फरवरी | ११ फरवरी, रौतहट के झिंगुर्वा गाँव में एक मुशायरा का उद्घान करने के क्रम में प्रधानमंत्री प्रचण्ड ने सभा को न के...

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भारत-नेपाल का सम्बन्ध रोजी–रोटी का हो : विभिन्न वक्ताओं का विचार

0 February 16, 2017

वीरगंज, ब्युरो न्यूज, १६ फरवरी | जागृत नेपाल द्वारा आयोजित नेपाल–भारत के बीच सीमातीत संबंधों पर दिनांक १२ और १३ फरवरी, २०१७ को स्थानीय भिस्वा होटल में...

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नेपाल-भारत सीमांचल पर जागृति नेपाल द्वारा द्विदिवसीय कार्यशाला

0 February 14, 2017

वीरगंज, ब्यूरो न्यूज,14 फरवरी । ‘जागृति’ नेपाल की आयोजना में नेपाल–भारत सीमांचल के सम्बन्धों पर चार सत्रों में विभाजित द्विदिवसीय (१२–१३ फरवरी) कार्यश...

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जारी है द्वन्द्व की राजनीति का काला युग : कुमार सच्चिदानन्द

0 January 25, 2017

आज जो देश में अनिश्चितता देखी जा रही है उसका मूल कारण व्यापक राजनैतिक द्वन्द्व और राजनैतिक अन्तर्संघर्ष है । यह सच है कि समय बदला, राजनैतिक परिस्थितिय...

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‘फास्टट्रैक बनाना छोड़ दिया मगर हमने संविधान बना डाला’

0 December 27, 2016

नया राजनैतिक समीकरण- समय की आवश्यकता एक बात तो निश्चित है कि दलगत राजनीति और अभिजात्यवादी सोच ने इस देश को कहीं का नहीं छोड़ा है । राजनैतिक अधिकारों के...

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लोकमान और नेपाल का लोकतंत्र

November 27, 2016

कुमार सच्चिदानन्द आज लोकमान के पीछे नेपाल के लोकतंत्र की सारी शक्तियाँ क्रियाशील हैं और चतुर्दिक आक्रमणों के बाद उनका अवसान प्रायः सुनिश्चित है । क्यो...

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स्थायित्व के लिए आवश्यक है नया राजनीतिक समीकरण : कुमार सच्चिदानन्द

0 October 22, 2016

कुमार सच्चिदानन्द, काठमांडू,२२ अक्टूबर | बसंत में कोयल कूकती है और वर्षा में मेढक टरटराते हैं । दोनों का अपना सौन्दर्य है । लेकिन नेपाल की राजनीति में...

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गृहमंत्री के रूप में निधि की चुनौतियाँँ

0 September 24, 2016

कुमार सच्चिदानन्द राजनैतिक रूप से नेपाल अभी भी संक्रमणकाल के दौर से गुजर रहा है । यह सच है कि सैद्धान्तिक रूप से यह एक प्रजातांत्रिक–संघीय–गणतंत्रात्म...

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तलवार की धार पर नई सरकार

0 August 20, 2016

 कुमार सच्चिदानन्द  किसी भी देश के लिए इससे बड़ी विडम्बना और क्या हो सकती है कि साल नहीं लगता मगर सरकारें बदल जातीं हैं और इसके साथ ही दलों की प्रतिबद्...

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तमलोपा का प्रथम महाधिवेशन और मधेशी राजनीति की भावी दिशा

July 27, 2016

कुमार सच्चिदानन्द राजनीति का अपना मिजाज होता है और अपना रंग भी । यह बात अलग है कि सारी दुनिया के लोग चाहे इसे बदरंग कहे लेकिन इसमें रंगे लोग स्वयं को ...

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चीन–नेपाल–भारत सम्बन्ध ,उस पार न जाने क्या होगा ?

June 22, 2016

कुमार सच्चिदानन्द नेपाल के लिए केपी शर्मा ओलीजी का प्रधानमंत्रीत्व का काल सपने देखने का काल है । क्योंकि हर खास–ओ–आम अवसर पर वे ऐसा बयान दे जाते हैं ज...

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सांंस्कृतिक जागरण की आहट और नेपाल

May 22, 2016

कुमार सच्चिदानन्द :बैशाख १४ गते, मंगलवार की शाम वीरगंज के घड़ीहर्वा पोखरी में गंगा–आरती का आयोजन किया गया । यह आयोजन हरिहरनाथ–मुक्तिनाथ यात्रा समिति के...

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नेपाली कांग्रेस में नेतृत्व की खींचतान और वत्र्तमान चुनौतिया“

April 27, 2016

कुमार सच्चिदानन्द :सत्ता राजनीति के केन्द्र में होती है और इसमें सक्रिय होनेवाले हर व्यक्ति का काम्य भी राजनैतिक अवसरों को प्राप्त करना होता है । लेकि...

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पा“च महीने से सुलगता मधेश

January 18, 2016

कुमार सच्चिदानन्द :तराई आन्दोलन के पाँच महीने गुजरने को हैं और शायद नेपाल के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला आन्दोलन है । लेकिन इन पाँच महीनों के आन्दो...

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वामपंथ और वर्तमान संकट

December 24, 2015

कुमार सच्चिदानन्द :साम्यवाद के सैद्धान्तिक पक्षों पर आधारित शासन व्यवस्था विश्व से लगभग विलुप्त हो गई है और जो देश आज इस व्यवस्था आदर्श माना जा रहा है...

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अनिश्चितता के साए में मधेश–आन्दोलन

November 12, 2015

कुमार सच्चिदानन्द:मधेश आन्दोलन के लगभग तीन महीने पूरे होने जा रहे हैं, मगर यह अब भी जारी है । एक अनिश्चितता का साया इस पर अब भी लहरा रहा है क्योंकि सम...

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निकष पर नेपाल–भारत सम्बन्ध

0 October 12, 2015

कुमार सच्चिदानन्द:नेपाल और भारत का सम्बन्ध आज इतिहास के सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है । पेट्रोलियम और आवश्यक सामानों की आपूर्ति की दृष्टि से...

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यह समर नहीं आसान

0 September 19, 2015

कुमार सच्चिदानन्द:राजनीति का जितना विद्रूप रूप हो सकता है, उसी की तस्वीर नेपाल के राजनैतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है । नौ साल बाद नेपाल की तराई ...

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पश्चगामी राजनीति की ओर अग्रसर देश

0 August 21, 2015

वर्तमान संदर्भो में कहा जा सकता है कि राजनीति की रेखाएँ आड़ी तिरछी होती हंै । मगर यह पश्चगामी होती है, उसे नहीं माना जा सकता । लेकिन नेपाल का वत्र्तमा...

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योगः स्वस्थ जीवन का अमोघ मन्त्र : कुमार सच्चिदानन्द

0 July 16, 2015

समृद्ध ज्ञान एवं चिन्तन के कारण पौर्वात्य वाङ्मय विश्व में अपनी स्वतंत्र पहचान रखता है और कुछ ऐसी इसकी विशेषताएँ हैं जो विश्व को मागदर्शन की क्षमता भी...

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मोदी की चीन यात्रा और नेपाल: कुमार सच्चिदानन्द

0 June 16, 2015

श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में एक वर्ष की यात्रा पूरी की । इस अवधि में राष्ट्र–निर्माण की दिशा में वे और उनकी सरकार ने अनेक कदम...