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रावण के दस सिर थे चेहरा एक था आज के रावण का सिर एक है पर चेहरे अनेक

0 September 22, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर |“रावण को हराने के लिए  पहले खुद राम बनना पड़ता है ।“ विजयादशमी यानी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि जो कि विजय का प्...

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वंशवाद केवल राजनीति में ही हो ऐसा भी नहीं है : डॉ नीलम महेंद्र

0 September 14, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | वैसे तो भारत में राहुल गाँधी जी के विचारों से बहुत कम लोग इत्तेफाक रखते हैं (यह बात 2014 के चुनावी नतीजों ने जाहिर कर दी थ...

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कहते हैं कानून अँधा होता है लेकिन भारत में तो अंधा ही नहीं बहरा भी होता जा रहा था…!

0 September 11, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | अभी हाल ही में भारत में कोर्ट द्वारा जिस प्रकार से फैसले दिए जा रहे हैं वो देश में निश्चित ही एक सकारात्मक बदलाव का संकेत ...

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भारत के नागरिक को कश्मीर में कोई मौलिक अधिकार नहीं है : डॉ नीलम महेंद्र

0 September 2, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | भारत का हर नागरिक गर्व से कहता कि कश्मीर हमारा है लेकिन फिर ऐसी क्या बात है कि आज तक हम कश्मीर के नहीं हैं? भारत सरकार कश्...

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आखिर 15 साल तक प्रशासन क्या देखता रहा या देखकर आँखें क्यों मूंदता रहा ?

0 August 30, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर |  13 मई 2002 को एक हताश और मजबूर लड़की, डरी सहमी सी देश के प्रधानमंत्री को एक गुमनाम ख़त लिखती है। आखिर देश का आम आदमी उन्ही...

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आज लोग चरित्र भी पैसे से खरीदते हैं,”ब्रांड एंड इमेज बिल्डिंग” धन के सहारे होती है

0 August 28, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर, भारत | आज पूरी दुनिया ने बहुत तरक्की कर ली है सभी प्रकार के सुख सुविधाओं के साधन हैं लेकिन दुख के साथ यह कहना पड़ रहा  है कि...

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रेल हादसे में गांव के लोगों ने मानवता का वो अद्भुत परिचय दिया

0 August 22, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर, भारत | “आगे बढ़ने के लिए यह जरूरी नहीं कि गलतियाँ न हों लेकिन यह आवश्यक है कि उनकी पुनरावृत्तियाँ न हों ” भारतीय...

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कैसे बनेगा मोदी का न्यू इंडिया ? डॉ नीलम महेंद्र

0 August 18, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | धर्म मनुष्य में मानवता जगाता है, लेकिन जब धर्म ही मानव के पशु बनने का कारण बन जाए तो दोष किसे दिया जाए धर्म को या मानव को ...

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१५ अगस्त १९४७ की सुबह का सूरज कुछ ज्यादा ही सुर्ख था : नीलम महेंद्र

0 August 15, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर, भारत | स्वतंत्रता केवल एक शब्द नहीं है एक भाव है,एक एहसास है जो संतुष्टि और पूर्णता की भावना से ओतप्रोत होता है। अपने वर्तम...

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हम एक ऐसा देश क्यों नहीं बना सकते जहाँ बेटियाँ भी बेटों की तरह जी पाँए ?

0 August 10, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर, मध्यप्रदेश | “मुझे मत पढ़ाओ , मुझे मत बचाओ,, मेरी इज्जत अगर नहीं कर सकते ,तो मुझे इस दुनिया में ही मत लाओ मत पूजो मुझे देवी ...

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“स्वराज” तो मिला लेकिन “सुराज” का आज भी भारत को इंतजार है, “मन की बात”वाकई काबिले तारीफ

0 August 2, 2017

“इतिहास केवल गर्व महसूस करने के लिए नहीं होता सबक लेने के लिए भी होता है क्योंकि जो अपने इतिहास से सीख नहीं लेते वो भविष्य के निर्माता भी नहीं बन पाते...

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जिस सेना पर देश गर्व करता है उस पर न तो नादानी की गुंजाइश है और न ही विश्वासघात कीडॉ नीलम महेंद्र

0 July 27, 2017

धनुष के तीरों से निकले कुछ सवाल : भारत से डॉ नीलम महेंद्र “भ्रष्टाचार वो बीमारी है जिसकी शुरूआत एक व्यक्ति के नैतिक पतन से होती और अन्त उस राष्ट्र के ...