item-thumbnail

एक और कलम खामोश हो गईः विदा कविवर !

0 April 21, 2018

जीवन का एक कटु सत्य और हमारी खामोशी । एक दिन जब हमारे हाथों से सब छूट जाता है और रह जाती है सिर्फ टीस देती हुई यादें । तीन चार दिनों पहले सामाजिक संजा...

item-thumbnail

वैश्वीकरण के दौर में विस्तार पा रही है हिन्दी

0 April 20, 2018

हिमालिनी, अप्रैल 2018 अंक । इस वर्ष विश्व हिन्दी दिवस पर भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम का विषय था “हिन्दी का वैश्वीकरण” । आज के परिेप्रेक्ष्य...

item-thumbnail

रुह काँपती है यह सोच कर कि बेटियाँ कहीं सुरक्षित नहीं हैं : श्वेता दीप्ति

0 April 14, 2018

रिश्तों पर पड़ी धूल हटने की उम्मीद हिमालिनी, सम्पादकीय , अप्रैल अंक २०१८ | राजनीतिक गलियारे में एक बार फिर सरगर्मी छाई हुई है प्रधानमंत्री ओली की भारत...

item-thumbnail

बसन्त की वसंत अप्राप्य का व्यक्त संगम : डा. श्वेता दीप्ति

0 April 11, 2018

हिमालिनी , अप्रिल अंक  २०१८ | ‘वसंत’! नाम का असर कुछ ऐसा कि, चेहरे पर मुस्कान आ जाय । मौसम की बेरुखी से निजात दिलाता वसंत हर दिल अजीज होता है । जी हाँ...

item-thumbnail

उम्मीदों से भरी प्रधानमंत्री ओली की भारत यात्रा : श्वेता दीप्ति (पढ़िये क्या होनेवाला है इस यात्रा में)

0 April 6, 2018

तकरार चाहे जितने भी हो जाय वास्तविक सच्चाई यही है कि, दोनों देशों के रिश्तों को जितना सहज बनाया जाएगा देश के विकास की गति उतनी ही सहज होगी । डा.श्वेता...

item-thumbnail

मानवता के प्रति समर्पित एक सरल और सहज व्यक्तित्व के मालिक बसन्त रचित ‘वसन्त’ का विमोचन

0 April 4, 2018

काठमान्डू ४ अप्रील | एक भव्य समारोह में कवि बसन्त चौधरी की कृति वसन्त का विमोचन किया गया । साहित्यकार बसन्त चौधरी की यह पाँचवी कृति है । नेपाली, हिन्द...

item-thumbnail

नारी सिर्फ शरीर नहीं उसके अन्दर भी एक जीवन है जिसे वो जीना चाहती है : श्वेता दीप्ति

0 April 2, 2018

जब भी कोई नारी पुरुषों की ज्यादती की शिकार हुई है, तो पहला सवाल नारी के लिए ही उठता है कि इसके पीछे वह स्वयं वजह होगी । ये नजरिया बदल जाय तो, उसकी निय...

item-thumbnail

कात्यायनी और कविता : डा.श्वेता दीप्ति

0 March 29, 2018

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू |  नेपाल यात्रा में आईं हुई कात्यायनी जी से मिलने का सुअवसर प्राप्त हुआ । ९ मई १९५९ को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मी का...

item-thumbnail

क्या ओली सरकार अपने पाँच वर्ष बिना किसी रुकावट के पूरी कर पाएगी ? : श्वेता दीप्ति

0 March 27, 2018

हमेशा संघीयता का विरोध किया, जो यह कहता आया है कि संविधान का संशोधन देश हित में नहीं है, उसी को मधेशवादी दलों का समर्थन देना कितना उचित है? दो विरोधी ...

item-thumbnail

एक और कलम खामोश हो गई : विदा कविवर ! – डा.श्वेता दीप्ति

0 March 20, 2018

हिन्दी साहित्य के एक– एक रत्न साथ छोड़ रहे हैं और दे जा रहे हैं एक समृद्ध इतिहास और कभी ना भरने वाला खालीपन । ( दिनांक १५ अगस्त २०१५, अन्नपूर्ण होटल म...

item-thumbnail

सांस्कृतिक रिश्तों की गहरी नींव है नेपाल-भारत के सम्बन्धों में : डॉ.श्वेता दीप्ति (कार्यपत्र)

0 March 16, 2018

कानूनी रूप से विवाह कर के जो महिला आती हैं वो अपनी पहचान छोड़ कर आती हैं । उनका उपनाम अपने पति से जुड़ जाता है । ऐसे में उन्हें वैवाहिक नागरिकता की आवश्...

item-thumbnail

क्या नेपाल और भारत के रिश्तों का स्वरूप बदल रहा है ?- श्वेता दिप्ति

0 March 5, 2018

नेपाल भारत के संबंध में आए तनाव की बात है तो इसकी एक वजह मधेश आन्दोलन तो जरुर थी । मधेश के पक्ष में भारत का खड़ा होना यहाँ के खास समुदाय और राज्य दोनो...

item-thumbnail

विवादों ही विवादों में नेताओं के वादे कहीं खोने लगे हैं : श्वेता दीप्ति

0 March 1, 2018

पूर्वाग्रह से ग्रसित विचार और वर्चस्व की भावना, कभी–कभी गम्भीर परिस्थितियाँ और परिणाम को जन्म देती है, जो कभी देश हित में सही नहीं होता । सम्पादकीय ( ...

item-thumbnail

वामगठबन्धन की राह आसान नहीं

0 January 24, 2018

वामगठबन्धन की बैचेनी अब भी शांत नहीं हो पा रही है और वो रोज निर्वाचन आयोग का चक्कर लगा रहे हैं, धमका रहे हैं तथा लांछन लगा रहे हैं । यहाँ तक कि आयोग क...

item-thumbnail

अस्थिर देश में स्थिरता की नाकाम तलाश : श्वेता दीप्ति

0 January 19, 2018

काठमांडू | राजनीतिक अस्थिरता के बीच ही हमने २०१८ का सफर शुरु कर दिया है । देश के लिए यह नया वर्ष हो ना हो, पर विश्व के साथ चलने के क्रम में इसकी महत्त...

item-thumbnail

गणतंत्रीय नेपाल और हिन्दी : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 January 17, 2018

डॉ. श्वेता दीप्ति, काठमांडू | तराई की समतल भूमि जनक नन्दिनी सीता की जन्म स्थली जनकपुर धाम, शान्ति के अग्रदूत बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी के कपिलस्तु ज...

item-thumbnail

कोई गम नहीं है मुझको जो तू मुझे मिला नहीं : डा. श्वेता दीप्ति (विश्व हिंदी दिवस पर प्रस्तुत गजल)

0 January 13, 2018

माना कि चाहतों का दिया तुमने सिला नहीं कोई गम नहीं है मुझको जो तू मुझे मिला नहीं । सच है कि जिंदगी, तुम तक पहुँच ना पाई है हसरतों को आज भी तुमसे गिला ...

item-thumbnail

चुनाव ने मधेश के मिजाज को स्पष्ट कर दिया है : श्वेता दीप्ति

0 January 4, 2018

( देश की जनता स्थायित्व खोज रही है, सम्पादकीय- दिसम्बर २०१७ ) जनता के बीच चुनाव का शोर थम चुका है । उसने अपना प्रतिनिधि चुन लिया है, पर अब बारी प्रतिन...

item-thumbnail

वाम सरकार क्या मधेश के हक में होगी ? : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 January 2, 2018

सवाल मुँह बाए खड़ा है कि क्या संविधान संशोधन होगा ? क्या पहचान और अधिकार के लिए किए गए आन्दोलन का प्रतिफल मिलेगा जिसके लिए इस चुनाव में मधेश की जनता न...

item-thumbnail

भाषा,संस्कृति को लेकर देश भी विभक्त हुए हैं,सुलझाने में धैर्य और बुद्धिमता चाहिये : श्वेता दीप्ति

0 December 20, 2017

भाषा और संस्कृति जैसे संवेदनशील मुद्दे को धैर्य और बुद्धिमता के साथ सुलझाना आवश्यक है . डा श्वेता दीप्ति, काठमांडू | किसी भी क्षेत्र और संस्कृति के लि...

item-thumbnail

क्या लोकतंत्र खतरे में है ? डॉ. श्वेता दीप्ति

0 December 14, 2017

 बन्दूक और बारुद के भय को तो नेपाल की जनता ने बहुत सालों तक झेला है और उस दर्द को अभी तक वो नहीं भूले होंगे जिन्होंने अपनों को खोया और जिनकी लाश तक को...

item-thumbnail

नेपाल की नीतिविहीन राजनीति : डा. श्वेता दीप्ति

0 December 6, 2017

डा. श्वेता दीप्ति | क्या आज की राजनीति सिर्फ रणनीति का खेल रह गई है जहाँ आदर्श की सम्भावना पूरी तरह समाप्त हो चुकी है ? क्या हम किसी दल या नेता की प्र...

item-thumbnail

राकेश मिश्रा के फेसबुक स्टेटस को लेकर सवाल खड़ा करना क्या यही लोकतंत्र है ? श्वेता दीप्ति

0 December 4, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | इस देश में विकास, रोजगार, बिगडती शिक्षा व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पिछडती उद्योग व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था और भी देश से सम्ब...

item-thumbnail

नेपालरुपी समुन्द्र में वोटरूपी अमृतपान करने को आतुर नेतागण : श्वेता दीप्ति

0 November 20, 2017

आज नेपालरुपी समुन्द्र में चुनावरूपी मन्थन जारी है । सभी जनता की वोटरूपी अमृत का पान करने के लिए आतुर हैं । देवता तो किसी को यहाँ कहा नहीं जा सकता पर म...

item-thumbnail

राजनीतिक जोड़–तोड़ और गठबन्धन की कोशिश जारी है

0 November 17, 2017

श्वेता दीप्ति, हिमालिनी, अक्टूबर अंक । संसद विघटित हो चुका है और भूतपूर्व साँसद एक बार फिर से जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं । दो नम्बर प्रदेश के ...

item-thumbnail

अगर कोई विडियो मोहना अंसारी पर बना है तो इतनी आपत्ति क्यों ? – श्वेता दीप्ति

0 November 14, 2017

अभिनय कला क्या निकृष्ट कला है जिसके लिए इतनी वितृष्णा से लेखक ने उल्लेख किया है ? अगर अभिनय करना बुरा है तो क्या लेखक ये बताएँगे कि राजनीति में जो अभि...

item-thumbnail

जनकपुर – क्षेत्र नम्बर तीन निधि या महतो ! जबर्दस्त भिडन्त : डा.श्वेता दीप्ति

0 November 6, 2017

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू |  चुनावी रणभूमि में सबकी आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है धनुषा का क्षेत्र नम्बर तीन जहाँ से दो दिग्गज आमने सामने हैं । राष्ट्...

item-thumbnail

मधेश की जनता की भावना, ससफो-राजपा गठबन्धन मधेश की आवश्यकता : श्वेता दीप्ति

0 October 23, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | स्थानीय चुनाव के बाद देश केन्द्रीय चुनाव की ओर अग्रसर है और इसके साथ ही अनैतिक गठबन्धन को भी तेजी से स्वीकार किया जा रहा है ...

item-thumbnail

नेपाल में राष्ट्रीयता का विषय हमेशा से सत्ता प्राप्ति का साधन रहा है : श्वेता दीप्ति

0 September 30, 2017

अब सबसे बड़ा सवाल मधेशवादी दलों का है । आगे भी वो अपनी गलतियों पर टिके रहेंगे या मधेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए एकीकरण की नीति अपनाकर आगे ...

item-thumbnail

मधेशवादी दलों को खुशफहमी से निकलना होगा : श्वेतादीप्ति

0 September 24, 2017

घायल मधेश ने एमाले अध्यक्ष ओली को आइना तो दिखा ही दिया मधेशवादी दलों को भी आत्ममंथन की आवश्यकता है श्वेता दीप्ति, काठमांडू | चुनावी बयार थम चुकी है और...

item-thumbnail

दो नम्बर प्रदेश और चुनावी बयार-डॉ. श्वेता दीप्ति

0 September 18, 2017

एमाले ने राष्ट्रवाद के नाम पर जो जख्म मधेश को दिया है वो मधेश भूला नहीं है दो नम्बर प्रदेश यानि मधेश, फिलहाल चुनावी रंग से सराबोर है । मधेश का चुनाव च...

item-thumbnail

गोलियाँ चल रही थीं, मधेश की जनता मौत का स्वाद चख रही थी ? : श्वेता दीप्ति

0 September 11, 2017

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू | मत भूलें कि अगर सचमुच हम लोकतंत्र में साँसें ले रहे हैं तो एक दिन चुनावी प्रक्रिया से भी गुजरेंगे और तभी यही निरीह जनता आ...

item-thumbnail

डॉ. राणा की उड़ान के साथ.. : डॉ.श्वेता दीप्ति (अठारहवीं गजल संग्रह का विमोचन)

0 September 8, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, ८ सेप्टेम्बर | हमें भेजा है दुनिया में, निशानी छोड़ जानी है, जो देखा जिंदगानी में, कहानी छोड़ जानी है । डा. कृष्णजंग राणा ...

item-thumbnail

ये जनता है, सब जानती है और मधेश भावुक हो सकता है पर मुर्ख नहीं : श्वेता दीप्ति

0 September 5, 2017

  पहाड़ का दर्द भी अलग नहीं है |(सम्पादकीय ) हिमालिनी, अगस्त अंक | प्रकृति की मार ने रुह को सर्द कर दिया है । कमजोरियों और खोखली व्यवस्थाओं के पोल खुल...

item-thumbnail

मधेश एक खिलौना ! जब जी चाहा मौत बाँट दी,याद आया तो गले लगा लिया : श्वेता दीप्ति

0 August 31, 2017

बीस वर्षों से अगर मधेश स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के बगैर चला है तो कुछ वर्ष और सही । वैसे भी ये प्रतिनिधि क्या कर रहे हैं उसका नमूना तो अब से दिखन...

item-thumbnail

तीन तलाक पर प्रतिबन्ध शताब्दी का सर्वोच्च सामाजिक सुधार : डा.श्वेता दीप्ति

0 August 23, 2017

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू | वक्त बदल रहा है । पर हमारे ही समाज में कई समुदाय ऐसे हैं जो परिवर्तन को स्वीकार नहीं करना चाहते खास कर महिलाओं के मामले म...

item-thumbnail

संशोधन ! भ्रम तो जनता का टूटा, नेताओं को तो परिणाम पता था : श्वेता दीप्ति

0 August 21, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २१ अगस्त | एक बार वही पूर्व नियोजित खेल संसद में खेला गया जिसका परिणाम सबको पता था । सभी जानते थे कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा...

item-thumbnail

सांस्कृतिक रिश्तों की नींव राजनीतिक प्रहार से कमजोर नहीं होते : डॉ.श्वेता दीप्ति

0 August 15, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १५ अगस्त, २०१७ |  हेल्मबु की जननी पार्वती की क्रीड़ा भूमि हिमाचल के अंचल स्थित शैलावृत नेपाल, हमेशा से आकर्षण की भूमि रही ...

item-thumbnail

मधेश त्राहिमाम है, आखिर किस बात का इंतजार कर रही है सरकार ? श्वेता दीप्ति

0 August 13, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | सम्पूर्ण नेपाल प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है । हर ओर त्राहि मची हुई है । पर सरकार का फास्ट ट्रैक और तराई में आन्दोलन, मेची मह...

item-thumbnail

क्या नेपाल भारत का रिश्ता अविश्वास से विश्वास की ओर कदम बढाएगा ? श्वेता दीप्ति

0 August 12, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | भारत अपनी स्वतंत्रता के सत्तर वर्ष तीन दिनों के बाद पूरा करने वाला है । इस अवसर पर भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम...

item-thumbnail

मधेश को विकास चाहिये पर अस्तित्व को गिरवी रखकर नहीं, राजपा का दृढ निर्णय स्वागत योग्य : श्वेता दीप्ति

0 August 10, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | विषम परिस्थितियों में भी राजपा नेपाल ने जो दृढ निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है । यह सच है कि मधेश की जनता विकास चाहती है प...

item-thumbnail

क्या होगा देश का अगला परिदृश्य ?-डॉ. श्वेता दीप्ति

0 August 7, 2017

जिनका खून आज दार्जिलिंग के लिए खौलता है उन्हें अपनी ही मिट्टी की माँग विखण्डनकारी लगती है सबसे महत्तवपूर्ण प्रश्न यह है कि मधेश के मुद्दों को लेकर जो ...

item-thumbnail

नेपाल-चीन सम्बन्ध सिर्फ विकास को लेकर है या भारत को घेरने की रणनीति : श्वेता दीप्ति

0 August 3, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | नेपाल और चीन की बढती घनिष्ठता कई सवालों को जन्म देती है । जिसके परिप्रेक्ष्य में नेपाल और भारत के सम्बन्धों को भी तौला जा रह...

item-thumbnail

दूसरे चरण का चुनाव सम्पन्न : माहोल कहीं खुशी और कहीं गम

0 July 24, 2017

श्वेता दीप्ति, कहीं खुशी, कहीं गम, सम्पादकीय (जुलाई अंक ) बारिश का मौसम इंतजार का मौसम होता है । कृषक इसका इंतजार करते हैं, अच्छी उपज के लिए और आम जन ...

item-thumbnail

जय मिथिला जय मिथिला जय मिथिला

0 July 22, 2017

डा‍ श्वेता दीप्ति जय मिथिला जय मिथिला जय मिथिला हे जगत जननी माँ तुझे प्रणाम, हे जनक नन्दिनी तुझे प्रणाम । भले हैं या हम बुरे हैं माँ, पर हैं हम तेरी ह...

item-thumbnail

मधेश के सारे मुद्दे शहीदों की शहादत के व्यापार पर सिमट गई : श्वेता दीप्ति

0 July 22, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | अन्ततः राजपा नेपाल औपचारिक तौर पर पंजीकृत पार्टी बन गई । और इसके साथ ही तीसरे चरण के चुनाव में भाग लेने की सम्भावना भी बलवती...

item-thumbnail

दुनिया की सबसे संवेदनशील प्राणी पत्नी पर निबन्ध

0 July 15, 2017

– ज्ञानगुरु व्यंग्य पत्नी नामक प्राणी भारत सहित पूरे विश्व में बहुतायत में पाई जाती है। प्राचीन समय में यह अक्सर घर में और भोजनशाला में पाई जाती...

item-thumbnail

एमाले द्वारा मैथिली, अवधी, भोजपूरी को आपस में लड़ाने की कोशिश : श्वेता दीप्ति

1 July 15, 2017

श्वेता दीप्ति , काठमांडू, १५ जुलाई | मधेश की राजनीति में एक उड़ती सी खबर फैल रही है कि राजपा एमाले का दामन थाम कर मधेश की डूबती नैया को किनारे लगाने क...

item-thumbnail

आषाढ़ की पूर्णिमा ही क्यों है गुरु पूर्णिमा ?

0 July 9, 2017

काठमांडू, ९ जुलाई | हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा रविबार ९ जुलाई को मनाया जा रहा है इसे व्यास पूजा भी कहते हैं । व्यास म...

item-thumbnail

मधेश मुद्दों को लेकर सरकार अब भी गम्भीर नहीं

0 July 5, 2017

नेपाल की जनता बीस वर्षों के इंतजार के बाद स्थानीय चुनाव की प्रक्रिया से गुजर रही है । परिणाम भी अब सामने आने लगा है । परन्तु इस चुनाव को लेकर देश का ए...

item-thumbnail

आखिर क्या है राष्ट्रवाद ?

0 July 4, 2017

राष्ट्रवाद एक जटिल, बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें अपने राष्ट्र से एक साझी साम्प्रदायिक पहचान समावेशित है । यह एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में अभिव्यक्त...

item-thumbnail

चुनौतियों से घिरी देउवा सरकार

0 July 2, 2017

अनुमानतः छः लाख नेपाली नागरिक कतार में हैं जिनका भविष्य फिलहाल अँधेरे में है । इस ओर सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है । श्वेता दीप्ति,(सम्पाद...

item-thumbnail

हौसलों को जिन्दा रख,यकीन को कायम, इतिहास पर हमारी तारीखें लिखी जाएँगी : श्वेता दीप्ति

0 June 30, 2017

आज पर ही कल की ताबीर लिखी जाती है , कल उस पर हमारी जीत लिखी जाएगी : श्वेता दीप्ति     श्वेता दीप्ति हौसलों को जिन्दा रख, यकीन को कायम इतिहास...

item-thumbnail

यक्ष प्रश्न यह है कि अब भी सरकार मधेश की माँगों को लेकर कितनी गम्भीर है ?

0 June 29, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २९ जून | हमें तो अपनों ने ही लूटा गैरों में कहाँ दम था, राजपा को कुछ ऐसा ही झेलना पड़ा है । अपने ही कार्यकर्ताओं और कुछ नेताओ...

item-thumbnail

दमन और शोषण की उम्र लम्बी नहीं होती, इतिहास गवाह है : श्वेता दीप्ति

0 June 19, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १९ जून | एक बार फिर सत्ता ने साबित कर दिया कि उनकी नजर और उनकी सोच मधेश के लिए जो कल थी वही आज है और आगे भी किसी बदलाव की सम्...

item-thumbnail

देउवा के अच्छे दिन बारह वर्षों बाद आए हैं, नेपाल के अच्छे दिन कब आएँगे ? श्वेता दीप्ति

0 June 16, 2017

किस्तों में बँटी राजनीति, नई किस्त देउवा के नाम – श्वेता दीप्ति वैसे देउवा के अच्छे दिन बारह वर्षों के बाद आए हैं देखना यह है कि नेपाल के अच्छे ...

item-thumbnail

प्रेस काउंसिल का हार्दिक आभार : सम्पादक, हिमालिनी

0 June 12, 2017

हिमालिनी प्रेस काउंसिल का हार्दिक आभार व्यक्त करती है । विगत २० वर्षों से हिमालिनी प्रकाशित हो रही है । पिछले दिनों कुछ अवांछित तत्त्वों की इर्ष्यापूर...

item-thumbnail

क्या मधेशी दल सिर्फ सहमति पर हस्ताक्षर और समर्थन देने के लिए है : श्वेता दीप्ति

0 June 8, 2017

  श्वेता दीप्ति, काठमांडू,८ जून | एकबार फिर सत्ता परिवर्तन हो चुका है । नया नेतृत्व हमारे सामने है किन्तु अगर विश्लेषण किया जाय तो सिर्फ नाम परिवर्तित...

item-thumbnail

हिन्दी साहित्य में नारी के बदलते रूप

0 June 5, 2017

  तुम्हारे अधरों का रस पान, वासना तट पर पिया अधीर । अरी ओ माँ हमने है पिया, तुम्हारे स्तन का उज्ज्वलक्षीर।। घृतकुम्भसमा नारी तप्तागारसमः पुमान। न...

item-thumbnail

नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है .दुष्यन्त कुमार

0 June 3, 2017

2 जून दुष्यंत कुमार उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे। जिस समय दुष्यंत कुमार ने साहित्य की दुनिया में अपने कदम रखे उस समय भोपाल के दो प्रगतिशील श...

item-thumbnail

मधेश की भावनाओं को दरकिनार करने की कोशिश ना करें : श्वेता दीप्ति

1 May 31, 2017

श्वेता दीप्ति , काठमांडू, ३१ मई | तेरी वफा खतरे में है बेवफाई की तो सोचना भी मत । जी हाँ फिलहाल राजपा नेपाल के लिए आम मधेशी की यही धारणा है । मधेशी ने...

item-thumbnail

राजपा प्रतिबद्ध है, विभेद को हटाकर रहेगी : महन्थ ठाकुर से श्वेता दीप्ति की बातचीत

1 May 17, 2017

मधेश के मुद्दों के साथ राजपा, सरकार से कोई गलत सौदा नहीं करेगी  हमने पहले भी पूरे देश को लेकर चलने की कोशिश की है और आज भी राजपा नेपाल समग्र नेपाल को ...

item-thumbnail

चुनावी गठबन्धन,प्रजातंत्र का विकृत नमूना पेश किया जा रहा है : श्वेता दीप्ति

0 May 14, 2017

यह गहन प्रश्न कैसे समझाएँ ? दस बीस अधिक हों तो हम नाम गिनाएँ । पर, कदम कदम पर यहाँ खड़ा पातक है, हर तरफ लगाए घात खड़ा घातक है । – दिनकर श्वेता दीप्ति ...

1 2 3 4