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नेपालरुपी समुन्द्र में वोटरूपी अमृतपान करने को आतुर नेतागण : श्वेता दीप्ति

0 November 20, 2017

आज नेपालरुपी समुन्द्र में चुनावरूपी मन्थन जारी है । सभी जनता की वोटरूपी अमृत का पान करने के लिए आतुर हैं । देवता तो किसी को यहाँ कहा नहीं जा सकता पर म...

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राजनीतिक जोड़–तोड़ और गठबन्धन की कोशिश जारी है

0 November 17, 2017

श्वेता दीप्ति, हिमालिनी, अक्टूबर अंक । संसद विघटित हो चुका है और भूतपूर्व साँसद एक बार फिर से जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं । दो नम्बर प्रदेश के ...

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अगर कोई विडियो मोहना अंसारी पर बना है तो इतनी आपत्ति क्यों ? – श्वेता दीप्ति

0 November 14, 2017

अभिनय कला क्या निकृष्ट कला है जिसके लिए इतनी वितृष्णा से लेखक ने उल्लेख किया है ? अगर अभिनय करना बुरा है तो क्या लेखक ये बताएँगे कि राजनीति में जो अभि...

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जनकपुर – क्षेत्र नम्बर तीन निधि या महतो ! जबर्दस्त भिडन्त : डा.श्वेता दीप्ति

0 November 6, 2017

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू |  चुनावी रणभूमि में सबकी आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है धनुषा का क्षेत्र नम्बर तीन जहाँ से दो दिग्गज आमने सामने हैं । राष्ट्...

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मधेश की जनता की भावना, ससफो-राजपा गठबन्धन मधेश की आवश्यकता : श्वेता दीप्ति

0 October 23, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | स्थानीय चुनाव के बाद देश केन्द्रीय चुनाव की ओर अग्रसर है और इसके साथ ही अनैतिक गठबन्धन को भी तेजी से स्वीकार किया जा रहा है ...

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नेपाल में राष्ट्रीयता का विषय हमेशा से सत्ता प्राप्ति का साधन रहा है : श्वेता दीप्ति

0 September 30, 2017

अब सबसे बड़ा सवाल मधेशवादी दलों का है । आगे भी वो अपनी गलतियों पर टिके रहेंगे या मधेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए एकीकरण की नीति अपनाकर आगे ...

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मधेशवादी दलों को खुशफहमी से निकलना होगा : श्वेतादीप्ति

0 September 24, 2017

घायल मधेश ने एमाले अध्यक्ष ओली को आइना तो दिखा ही दिया मधेशवादी दलों को भी आत्ममंथन की आवश्यकता है श्वेता दीप्ति, काठमांडू | चुनावी बयार थम चुकी है और...

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दो नम्बर प्रदेश और चुनावी बयार-डॉ. श्वेता दीप्ति

0 September 18, 2017

एमाले ने राष्ट्रवाद के नाम पर जो जख्म मधेश को दिया है वो मधेश भूला नहीं है दो नम्बर प्रदेश यानि मधेश, फिलहाल चुनावी रंग से सराबोर है । मधेश का चुनाव च...

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गोलियाँ चल रही थीं, मधेश की जनता मौत का स्वाद चख रही थी ? : श्वेता दीप्ति

0 September 11, 2017

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू | मत भूलें कि अगर सचमुच हम लोकतंत्र में साँसें ले रहे हैं तो एक दिन चुनावी प्रक्रिया से भी गुजरेंगे और तभी यही निरीह जनता आ...

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डॉ. राणा की उड़ान के साथ.. : डॉ.श्वेता दीप्ति (अठारहवीं गजल संग्रह का विमोचन)

0 September 8, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, ८ सेप्टेम्बर | हमें भेजा है दुनिया में, निशानी छोड़ जानी है, जो देखा जिंदगानी में, कहानी छोड़ जानी है । डा. कृष्णजंग राणा ...

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ये जनता है, सब जानती है और मधेश भावुक हो सकता है पर मुर्ख नहीं : श्वेता दीप्ति

0 September 5, 2017

  पहाड़ का दर्द भी अलग नहीं है |(सम्पादकीय ) हिमालिनी, अगस्त अंक | प्रकृति की मार ने रुह को सर्द कर दिया है । कमजोरियों और खोखली व्यवस्थाओं के पोल खुल...

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मधेश एक खिलौना ! जब जी चाहा मौत बाँट दी,याद आया तो गले लगा लिया : श्वेता दीप्ति

0 August 31, 2017

बीस वर्षों से अगर मधेश स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के बगैर चला है तो कुछ वर्ष और सही । वैसे भी ये प्रतिनिधि क्या कर रहे हैं उसका नमूना तो अब से दिखन...

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तीन तलाक पर प्रतिबन्ध शताब्दी का सर्वोच्च सामाजिक सुधार : डा.श्वेता दीप्ति

0 August 23, 2017

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू | वक्त बदल रहा है । पर हमारे ही समाज में कई समुदाय ऐसे हैं जो परिवर्तन को स्वीकार नहीं करना चाहते खास कर महिलाओं के मामले म...

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संशोधन ! भ्रम तो जनता का टूटा, नेताओं को तो परिणाम पता था : श्वेता दीप्ति

0 August 21, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २१ अगस्त | एक बार वही पूर्व नियोजित खेल संसद में खेला गया जिसका परिणाम सबको पता था । सभी जानते थे कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा...

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सांस्कृतिक रिश्तों की नींव राजनीतिक प्रहार से कमजोर नहीं होते : डॉ.श्वेता दीप्ति

0 August 15, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १५ अगस्त, २०१७ |  हेल्मबु की जननी पार्वती की क्रीड़ा भूमि हिमाचल के अंचल स्थित शैलावृत नेपाल, हमेशा से आकर्षण की भूमि रही ...

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मधेश त्राहिमाम है, आखिर किस बात का इंतजार कर रही है सरकार ? श्वेता दीप्ति

0 August 13, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | सम्पूर्ण नेपाल प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है । हर ओर त्राहि मची हुई है । पर सरकार का फास्ट ट्रैक और तराई में आन्दोलन, मेची मह...

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क्या नेपाल भारत का रिश्ता अविश्वास से विश्वास की ओर कदम बढाएगा ? श्वेता दीप्ति

0 August 12, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | भारत अपनी स्वतंत्रता के सत्तर वर्ष तीन दिनों के बाद पूरा करने वाला है । इस अवसर पर भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम...

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मधेश को विकास चाहिये पर अस्तित्व को गिरवी रखकर नहीं, राजपा का दृढ निर्णय स्वागत योग्य : श्वेता दीप्ति

0 August 10, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | विषम परिस्थितियों में भी राजपा नेपाल ने जो दृढ निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है । यह सच है कि मधेश की जनता विकास चाहती है प...

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क्या होगा देश का अगला परिदृश्य ?-डॉ. श्वेता दीप्ति

0 August 7, 2017

जिनका खून आज दार्जिलिंग के लिए खौलता है उन्हें अपनी ही मिट्टी की माँग विखण्डनकारी लगती है सबसे महत्तवपूर्ण प्रश्न यह है कि मधेश के मुद्दों को लेकर जो ...

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नेपाल-चीन सम्बन्ध सिर्फ विकास को लेकर है या भारत को घेरने की रणनीति : श्वेता दीप्ति

0 August 3, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | नेपाल और चीन की बढती घनिष्ठता कई सवालों को जन्म देती है । जिसके परिप्रेक्ष्य में नेपाल और भारत के सम्बन्धों को भी तौला जा रह...

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दूसरे चरण का चुनाव सम्पन्न : माहोल कहीं खुशी और कहीं गम

0 July 24, 2017

श्वेता दीप्ति, कहीं खुशी, कहीं गम, सम्पादकीय (जुलाई अंक ) बारिश का मौसम इंतजार का मौसम होता है । कृषक इसका इंतजार करते हैं, अच्छी उपज के लिए और आम जन ...

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जय मिथिला जय मिथिला जय मिथिला

0 July 22, 2017

डा‍ श्वेता दीप्ति जय मिथिला जय मिथिला जय मिथिला हे जगत जननी माँ तुझे प्रणाम, हे जनक नन्दिनी तुझे प्रणाम । भले हैं या हम बुरे हैं माँ, पर हैं हम तेरी ह...

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मधेश के सारे मुद्दे शहीदों की शहादत के व्यापार पर सिमट गई : श्वेता दीप्ति

0 July 22, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | अन्ततः राजपा नेपाल औपचारिक तौर पर पंजीकृत पार्टी बन गई । और इसके साथ ही तीसरे चरण के चुनाव में भाग लेने की सम्भावना भी बलवती...

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दुनिया की सबसे संवेदनशील प्राणी पत्नी पर निबन्ध

0 July 15, 2017

– ज्ञानगुरु व्यंग्य पत्नी नामक प्राणी भारत सहित पूरे विश्व में बहुतायत में पाई जाती है। प्राचीन समय में यह अक्सर घर में और भोजनशाला में पाई जाती...

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एमाले द्वारा मैथिली, अवधी, भोजपूरी को आपस में लड़ाने की कोशिश : श्वेता दीप्ति

1 July 15, 2017

श्वेता दीप्ति , काठमांडू, १५ जुलाई | मधेश की राजनीति में एक उड़ती सी खबर फैल रही है कि राजपा एमाले का दामन थाम कर मधेश की डूबती नैया को किनारे लगाने क...

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आषाढ़ की पूर्णिमा ही क्यों है गुरु पूर्णिमा ?

0 July 9, 2017

काठमांडू, ९ जुलाई | हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा रविबार ९ जुलाई को मनाया जा रहा है इसे व्यास पूजा भी कहते हैं । व्यास म...

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मधेश मुद्दों को लेकर सरकार अब भी गम्भीर नहीं

0 July 5, 2017

नेपाल की जनता बीस वर्षों के इंतजार के बाद स्थानीय चुनाव की प्रक्रिया से गुजर रही है । परिणाम भी अब सामने आने लगा है । परन्तु इस चुनाव को लेकर देश का ए...

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आखिर क्या है राष्ट्रवाद ?

0 July 4, 2017

राष्ट्रवाद एक जटिल, बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें अपने राष्ट्र से एक साझी साम्प्रदायिक पहचान समावेशित है । यह एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में अभिव्यक्त...

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चुनौतियों से घिरी देउवा सरकार

0 July 2, 2017

अनुमानतः छः लाख नेपाली नागरिक कतार में हैं जिनका भविष्य फिलहाल अँधेरे में है । इस ओर सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है । श्वेता दीप्ति,(सम्पाद...

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हौसलों को जिन्दा रख,यकीन को कायम, इतिहास पर हमारी तारीखें लिखी जाएँगी : श्वेता दीप्ति

0 June 30, 2017

आज पर ही कल की ताबीर लिखी जाती है , कल उस पर हमारी जीत लिखी जाएगी : श्वेता दीप्ति     श्वेता दीप्ति हौसलों को जिन्दा रख, यकीन को कायम इतिहास...

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यक्ष प्रश्न यह है कि अब भी सरकार मधेश की माँगों को लेकर कितनी गम्भीर है ?

0 June 29, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २९ जून | हमें तो अपनों ने ही लूटा गैरों में कहाँ दम था, राजपा को कुछ ऐसा ही झेलना पड़ा है । अपने ही कार्यकर्ताओं और कुछ नेताओ...

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दमन और शोषण की उम्र लम्बी नहीं होती, इतिहास गवाह है : श्वेता दीप्ति

0 June 19, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १९ जून | एक बार फिर सत्ता ने साबित कर दिया कि उनकी नजर और उनकी सोच मधेश के लिए जो कल थी वही आज है और आगे भी किसी बदलाव की सम्...

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देउवा के अच्छे दिन बारह वर्षों बाद आए हैं, नेपाल के अच्छे दिन कब आएँगे ? श्वेता दीप्ति

0 June 16, 2017

किस्तों में बँटी राजनीति, नई किस्त देउवा के नाम – श्वेता दीप्ति वैसे देउवा के अच्छे दिन बारह वर्षों के बाद आए हैं देखना यह है कि नेपाल के अच्छे ...

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प्रेस काउंसिल का हार्दिक आभार : सम्पादक, हिमालिनी

0 June 12, 2017

हिमालिनी प्रेस काउंसिल का हार्दिक आभार व्यक्त करती है । विगत २० वर्षों से हिमालिनी प्रकाशित हो रही है । पिछले दिनों कुछ अवांछित तत्त्वों की इर्ष्यापूर...

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क्या मधेशी दल सिर्फ सहमति पर हस्ताक्षर और समर्थन देने के लिए है : श्वेता दीप्ति

0 June 8, 2017

  श्वेता दीप्ति, काठमांडू,८ जून | एकबार फिर सत्ता परिवर्तन हो चुका है । नया नेतृत्व हमारे सामने है किन्तु अगर विश्लेषण किया जाय तो सिर्फ नाम परिवर्तित...

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हिन्दी साहित्य में नारी के बदलते रूप

0 June 5, 2017

  तुम्हारे अधरों का रस पान, वासना तट पर पिया अधीर । अरी ओ माँ हमने है पिया, तुम्हारे स्तन का उज्ज्वलक्षीर।। घृतकुम्भसमा नारी तप्तागारसमः पुमान। न...

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नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है .दुष्यन्त कुमार

0 June 3, 2017

2 जून दुष्यंत कुमार उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे। जिस समय दुष्यंत कुमार ने साहित्य की दुनिया में अपने कदम रखे उस समय भोपाल के दो प्रगतिशील श...

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मधेश की भावनाओं को दरकिनार करने की कोशिश ना करें : श्वेता दीप्ति

1 May 31, 2017

श्वेता दीप्ति , काठमांडू, ३१ मई | तेरी वफा खतरे में है बेवफाई की तो सोचना भी मत । जी हाँ फिलहाल राजपा नेपाल के लिए आम मधेशी की यही धारणा है । मधेशी ने...

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राजपा प्रतिबद्ध है, विभेद को हटाकर रहेगी : महन्थ ठाकुर से श्वेता दीप्ति की बातचीत

1 May 17, 2017

मधेश के मुद्दों के साथ राजपा, सरकार से कोई गलत सौदा नहीं करेगी  हमने पहले भी पूरे देश को लेकर चलने की कोशिश की है और आज भी राजपा नेपाल समग्र नेपाल को ...

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चुनावी गठबन्धन,प्रजातंत्र का विकृत नमूना पेश किया जा रहा है : श्वेता दीप्ति

0 May 14, 2017

यह गहन प्रश्न कैसे समझाएँ ? दस बीस अधिक हों तो हम नाम गिनाएँ । पर, कदम कदम पर यहाँ खड़ा पातक है, हर तरफ लगाए घात खड़ा घातक है । – दिनकर श्वेता दीप्ति ...

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राजनीति से नीति गायब हो चुकी है सिर्फ राज करने की भावना रह गई है : श्वेता दीप्ति

1 May 10, 2017

मजे की बात तो यह है कि घोषणापत्र में इतने हवाई किले बाँधे गए हैं जो आम जनता की आम जरुरतों को तो बिल्कुल भी सम्बोधित नहीं करता है । फिर भी कैसी बाध्यता...

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जब पूरा तंत्र ही भ्रष्ट हो तो उसका निराकरण करने वाला बलि का बकरा तो बनेगा ही : श्वेता दीप्ति

0 May 3, 2017

कार्की के लिए यह कहा जा सकता है कि कई निर्णय उन्होंने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर किया, जो किसी भी तरह न्यायायिक प्रक्रिया में उचित नहीं माना जा सकता । ...

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राष्ट्राध्यक्ष की चिन्ता और मधेश की अपेक्षा : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 April 29, 2017

देश की आधी आबादी मधेश में बसती है और वर्तमान में वहाँ की जनता अविश्वास की हवा में साँसें ले रही है । चुनाव की हवा साँस नहीं दे रही, बल्कि उनकी साँसों ...

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दो वर्ष गुजर गए पर त्रासदी की यादें आज भी धुँधली नहीं हुई हैं : श्वेता दीप्ति

0 April 25, 2017

विश्व के सभी देशों ने आपदा के उस क्षण मे दिलो जान से मदद की थी । नेपाल की ही आँखे नम नहीं थीं । यहाँ का दर्द सबने महसूस किया था । परन्तु अफसोस अगर किस...

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वी.पी.के.एफ. द्वारा नेपाल और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन की सम्भावनाओं पर कार्यक्रम

0 April 24, 2017

बैसाख ११ गते । वी.पी कोइराला फाउन्डेशन द्वारा नेपाल और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन की सम्भावनाओं पर सोमवार अपराह्न भारतीय पुस्तकालय के सभाकक्ष में कार्...

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एकीकरण एक सही कदम, मधेशी को वर्षों से अपेक्षा थी : श्वेता दीप्ति

0 April 21, 2017

जहाँ एक ओर मधेश की जनता में खुशी है वहीं यह सोच भी शामिल है कि कहीं यह एकीकरण मृगतृष्णा ना हो । परन्तु वर्तमान परिस्थितियों में मधेश की जनता को इस शक ...

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लोकतंत्रीय व्यवस्था महज दिखावा तो नहीं ? श्वेता दीप्ति

0 April 20, 2017

चुनावी चिन्ह पार्टियों को प्राप्त नहीं हुए हैं, मतदाताओं की नामावली सूची नदारद है, ऐसी ही कई तकनीकी समस्याएँ हैं, ऐसे में क्या एक निष्पक्ष और भयमुक्त ...

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मोर्चा की अस्पष्ट नीति मधेश की हवा को डा. राउत से जोड़ती है : श्वेता दीप्ति

0 April 14, 2017

६० दिनों से हिरासत में रहे राउत को दस हजार की जमानत रकम के साथ छोड़ा जाता है और फिर तत्काल ही गिरफ्तार कर लिया जाता है । यह कैसा लोकतंत्र और कैसा कानू...

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मधेश की मिट्टी में क्रांति के बीज स्वतः प्रस्फुटित होते हैं : श्वेता दीप्ति

0 March 29, 2017

क्या प्रहरी का काम सिर्फ नेताओं को सुरक्षा देना है ? क्या प्रहरी या प्रशासन सिर्फ समुदाय विशेष के लिए है ? वैसे पिछले आन्दोलन में सद्भावना अध्यक्ष महत...

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बन्द करो यह खून की होली,जो रक्त बहा वह, एक इंसान का था… : श्वेता दीप्ति

0 March 23, 2017

सरकार का कहना है कि सप्तरी में जो हुआ उसका आदेश नहीं था, तो क्या प्रहरी अपनी मर्जी चला रहे हैं ? अगर ऐसा है तो क्या ऐसे निरंकुश प्रहरी प्रशासन के बल प...

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एक मौत ऐसी जिसे शहीद घोषित करने में एक दिन भी नहीं लगा : श्वेता दीप्ति

0 March 14, 2017

क्या मरने वाले मधेशी सिर्फ मधेशी थे, या वो नेपाली थे ? और अगर नेपाली नागरिक थे तो क्या सत्ता की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है इनके लिए ? जख्म देने वाले ...

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लाशों की ढेर को सीढी मत बनाइए ! मौत से अब मधेशी डरता नहीं : श्वेता दीप्ति

0 March 8, 2017

बूट और लाठी से निहत्थी जनता को घेर कर ऐसे मार रहे थे मानो वो इंसान नहीं भेड़ बकरी हो । उफ ! इतनी विभत्स मौत, कि स्वयं मौत की भी रुह काँप जाए किन्तु नह...

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संवैधानिक संकट में फंसता नेपाल : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 March 5, 2017

देश की युवा शक्ति विदेश पलायन कर रही है । रोजगार का अवसर सरकार मुहैया नहीं कर पा रही । रेमिट्यान्स की अपेक्षा पर देश के विकास की दौड़ तेज नहीं हो सकती...

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विपरित परिस्थितियों में श्री रंजीत जी ने गजब धैर्य का परिचय दिया : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 February 28, 2017

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २८ फरवरी | कई मरतबा आप का व्यक्तित्व खुद आपका परिचय देता है । क्योंकि चेहरा खुद बोलता है । भारतीय राजदूत महामहिम रणजीत राय जी...

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मोर्चा के नेता संसद छोड़ें और अपनी मिटटी पर आएं : श्वेता दीप्ति

0 February 23, 2017

  एक और जो राजनीति सामने आ रही है वो एमाले की है । कल तक जिस संशोधन विधयक को आत्मघाती, राष्ट्रघाती बताया जा रहा था फिलहाल उस पर विचार करने का मूड बना ...

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सीके राउत को गिरफ्तार करके देश बचाने की वकालत की जा रही है : श्वेता दीप्ति

0 February 22, 2017

जब भी देश किसी निर्णायक मोड़ पर होता है और जनता की आंखें किसी परिणाम की उम्मीद करती है, तो एक सोची समझी नीति के तहत सत्ता ऐसा कदम उठाती है कि, जनता का...

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गालियों की संस्कृति –  डा.श्वेता दीप्ति

1 February 16, 2017

                                       तुम गालियाँ दो तबतक जबतक तुम्हारी जुबाँ थक न जाय  : डा.श्वेता दीप्ति        तुम गालियाँ दो, तब तक दो,जब तक तुम्...

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प्रधानमंत्री ने हिन्दी में भाषण देकर बता दिया कि हिन्दी नेपाल की भाषा है : श्वेता दीप्ति

0 February 15, 2017

 हिन्दी भाषा पर विवाद कितना उचित कितना अनुचित ? श्वेता दीप्ति  अभी ११ फरवरी को रौतहट के झिंगर्वा गाँव में एक कार्यक्रम के दौरान हमारे प्रधानमंत्री जी ...

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ओलीजी की विभेदकारी नीति ही सीके राउत को जन्म दिया है : श्वेता दीप्ति

1 February 8, 2017

जिम्मेदार पार्टी ने ही देश को दो भागों में बाँट दिया है । जनता की भावनाओं को उकसा कर और राष्ट्रवाद का हवाला देकर माननीय ओली जी ने देश को जिस दो छोरों ...

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पांचाली तेरे चीर को हरा किसने ? श्वेता दीप्ति

0 January 21, 2017

पांचाली तेरे चीर को हरा किसने ? श्वेता दीप्ति, ९ माघ पांचाली तेरे चीर को हरा किसने ? ये वही था जिसे ये गुरुर था कि दुनिया उसी की है ।                 ...

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२०वें वर्ष में प्रवेश करती हिमालिनी : आज की आवाज, सबकी आवाज

0 January 9, 2017

आसान नहीं था हिमालिनी का बीस वर्षों का सफर, समय था राजतंत्र का, जहाँ आपके शब्दों पर पहरे थे, आपकी भावनाएँ और अभिव्यक्ति को व्यक्त करना सहज नहीं था, ऐस...

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हिन्दी प्रेम,मिलन और सौहार्द की भाषा है : श्वेता दीप्ति

0 January 9, 2017

हिन्दी भाषा प्रेम,मिलन और सौहार्द की भाषा है। यह मुख्यरूप से आर्यों और पारसियों की देन है। हिन्दी के ज्यादातर शब्द संस्कृत,अरबी और फारसी भाषा से लिए ग...

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आखिर मधेश पर शक कब तक ? श्वेता दीप्ति

0 January 9, 2017

श्वेता दीप्ति ,काठमांडू, ९, जनवरी |  जब–जब मधेश के हक या अधिकार की बातें सामने आती हैं तो सारा दोष भारत के ऊपर मढ़ दिया जाता है । मधेश के विकास की बाते...

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