Fri. Sep 21st, 2018

श्वेता दीप्ति

Dr.Shweta Dipti is Editor of Himalini Hindi magazine from Nepal . Dr. Dipti is also former Head of Department of Hindi in Tribhban University at Kirtipur campus, Kathmandu.

मधेश के सारे मुद्दे शहीदों की शहादत के व्यापार पर सिमट गई : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | अन्ततः राजपा नेपाल औपचारिक तौर पर पंजीकृत पार्टी बन गई ।

वी.पी.के.एफ. द्वारा नेपाल और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन की सम्भावनाओं पर कार्यक्रम

बैसाख ११ गते । वी.पी कोइराला फाउन्डेशन द्वारा नेपाल और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन

विपरित परिस्थितियों में श्री रंजीत जी ने गजब धैर्य का परिचय दिया : डॉ. श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २८ फरवरी | कई मरतबा आप का व्यक्तित्व खुद आपका परिचय देता

प्रधानमंत्री ने हिन्दी में भाषण देकर बता दिया कि हिन्दी नेपाल की भाषा है : श्वेता दीप्ति

 हिन्दी भाषा पर विवाद कितना उचित कितना अनुचित ? श्वेता दीप्ति  अभी ११ फरवरी को

एमाले की राष्ट्रवादिता और पूर्व राजा की तत्परता कई अंदेशों को जन्म देती है : श्वेता दीप्ति

कल तक पूर्वराजा सिर्फ पर्वत्योहारों पर शुभकामना देते हेए दिखाई देते थे आज प्रेसविज्ञप्ति निकाल

भारत को“मोस्ट फेवर्ड नेशन” घोषित करें बाहर के नेपालियों की शर्त कितना संभव ! श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १३ दिसिम्बर | कभी संशोधन की तैयारी, कभी निर्वाचन की तैयारी तो

इन्डो नेपाल फ्रेन्डशिप इवेन्ट, दिलों की गलतफहमी को संगीत से दूर करने का प्रयास

काठमांडू, ९ दिसिम्बर | इन्डो नेपाल फ्रेन्डशिप इवेन्ट, सांस्कृतिक और पर्यटन प्रदर्शनी.(३०,३१दिसम्बर से १,२जनवरी२०१७) नेपाल

घूँघट? पहचान कदापि नहीं, मधेशी महिलाओं के पिछड़ेपन का प्रतीक: श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २१ नवम्बर | क्या है घूँघट ? हमारी पहचान, हमारी संस्कृति, परम्परा

सत्ता टिकाने के लिये सत्ताधारीयों ने मधेशियों से २२ व ८ बुँदे समझौता किया था : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू,१६ नवम्बर | किसी भी लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है । जनता

“पाकिस्तान भूटान या नेपाल नहीं है” परवेज मुसर्रफ की उक्ति पर नेपाल चुप क्यों : श्वेता दीप्ति

खुश रहो, क्योंकि उनके जेब भरे हुए हैंश्वेता दीप्ति, १९-०१६,  (सम्पादकीय,अक्टूबर अंक), शारदीय नवरात्र की

मधेशी नेता फिलहाल दोलायमान हैं कि वो किस दिशा में जाएँ: श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति,काठमांडू, २३ अगस्त | वर्तमान  राजनीति में असमंजस की स्थिति बरकरार है । पूर्व