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एक बार साँसद जरुर बन जाना पूरी जिन्दगी का बेड़ा पार हो जाएगा : सुरभी

0 September 5, 2017

सुरभी : (फिर एक दिल टूटा ) आज फिर एक दिल टूटा, ओह गलती हुई दल टूटा कुछ इधर गिरा कुछ उधर गिरा बस अब थापा और राणा को टुकडेÞ बटोरने की देर है । कभी कभी त...

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यानि, ओली करें तो रासलीला और देउवा करें तो कैरेक्टर ढीला : सुरभि

0 August 30, 2017

सुरभि, विराटनगर | हे देवाधिदेव महादेव इन नेताओं को आपने इतना अधिक धैर्य कहाँ से प्रदान किया है ? कितनी भी जिल्लत झेल लें पर थेथरइ से बाज नहीं आते हैं ...

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अरे जिनपर विपत्ति आती है उनके दिल तो ऐसे भी लोहे के हो जाते हैं : सुरभि

0 August 17, 2017

सुरभि, विराटनगर | अभी देश दो धारा से गुजर रहा है । एक धारा ऐसी जिसने सर्वस्व ले लिया और दूसरी ऐसी जो इस बहती (गंगा) धारा में हाथ धोने को तैयार है । मौ...

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नेतागण, जनता को गिद्ध की तरह नोच रहें हैं, अब पूरी गिद्ध दृष्टि मधेश के दो नम्बर पर : सुरभि

0 August 7, 2017

सुरभि, विराटनगर | आज फिर एक दिल टूटा, ओह गलती हुई दल टूटा कुछ इधर गिरा कुछ उधर गिरा बस अब थापा और राणा को टुकडे बटोरने की देर है । अाैर अब बाबूराम जी ...

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बेशर्मी की भी हद है, खुले आम सौदा हो रहा है किस मंत्रालय में कितना पैसा : सुरभि

0 July 26, 2017

सुरभि, बिराटनगर | कुछ दिनों पूर्व जब मैंने एक व्यंग्य (भाई व्यंग्य को पचाने की तो ताकत रखिए नहीं तो हाजमोला प्रयोग कीजिए ) लिखा था कि मुझे अब इस देश प...

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नेपाल, जहाँ जनता का खून चूस कर विदेशों में विदेशी खून चढाया जाता है : सुरभि

0 July 17, 2017

देश अनुदान पर चलता है और नेता जनता की कमाई पर । बस इसी वास्तविकता ने मुझे इस ग्लानि से बाहर निकाल दिया कि मैं गरीब देश की नागरिक हूँ और इसी लिए, आज मै...

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बारिश से सडक नदी में तबदील, ओलीजी का जहाज चलाने का सपना पूरा : सुरभि

0 July 10, 2017

सुरभि, बिराटनगर | वाह क्या चाल थी, क्या बाडी थी, दो कदम चलना और एक झटके से रुकना, थोड़ा झिझकना और फिर इठलाती हुई आगे बढ़ जाना । जहाँ रुकी, कि दीवानों ...