Wed. Sep 19th, 2018

वीरगंज औद्योगिक राजधानी बने -सुबोध कुमार गुप्ता

हमारी ही नहीं यह सबकी इच्छा है कि वीरगंज का विकास होना चाहिए । कैसे हो और कहाँ से शुरुआत की जाए ? वीरगंज को आर्थिक नगरी और मॉडल सिटी के रूप में कैसे विकास किया जा सकता है ? ये प्रश्न हम बीरगंज वालाें को अक्सर परेशान करता है । सिर्फ मैं ही नहीं, यहां के हर उद्योगी–व्यवसायी यही चाहते हैं कि बीरगंज एक समृद्ध और मॉडल शहर के रूप में अपनी पहचान कायम करे, पर हालात यह है कि उसके लिए अभी ५ प्रतिशत भी काम नहीं हो पाया है ।

birgunj should be industrial capital of madhesh says subodh kumar gupta
Subodh Gupta

नेपाल में वीरगंज को एक आर्थिक नगरी के रूप में जाना जाता है । पूरे देश में कुल जितना कार्गों आता है, उसमें से ७० प्रतिशत कार्गो वीरगंज से पास होता है । इसके पीछे वीरगंज का भौगोलिक बनावट महत्वपूर्ण है । यहां से कोई भी समान देश के प्रमुख शहरों में आसानी से पहुँचाया जा सकता है । यह भौगोलिक सुविधा हम लोगों से कोई भी नहीं छीन सकता । नेपाल का एक मात्र ड्राइपोर्ट भी वीरगंज में ही है । नेपाल का सबसे ज्यादा भन्सार बीरगंज से जाता है यह सभी जानते हैं । प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट और द्रुतमार्ग भी वीरगंज के करीब में ही बनने जा रहा है । द्रुतमार्ग निर्माण होने के बाद ७०–७२ किलोमिटर पार कर हम लोग देश की राजधानी काठमांडू पहुँच सकते हैं । यह सब हमारे लिए विकास का पूर्वाधार भी है । विश्व के कई विकसित देशों में दो राजधानी होती है– आर्थिक राजधानी और पोलिटिकल राजधानी । जैसे कि भारत के लिए मुम्बई और चीन के लिए संघाई आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाता है । नेपाल के सन्दर्भ में काठमांडू पोलिटिकल राजधानी के रूप में जाना जाता है तो वीरगंज क्या है ? जरुर वीरगंज आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाता है । लेकिन सरकार क्यों घोषणा नहीं करती ? घोषणा न होने के पीछे क्या कारण हो सकता है ? यह हमारा प्रश्न है । हिमालिनी जैसी मीडिया ही हमारी मांग सम्बोधन के लिए माध्यम बन सकती है । संचार माध्यम और व्यवसायी जब मिलकर काम करेंगे, तब एक आवाज बनती है । उसके बाद ही हमारी बात सरकार समक्ष पहुँच सकती है । उसके बाद नीति निर्माता, राजनीतिज्ञ और कर्मचारी संयन्त्र में हमारी बात पहुँच पाती है । यह मेरा विश्वास भी है ।
सिर्फ विकास ही नहीं शिक्षा और सामाजिक चेतना के सवाल में भी वीरगंज पीछे है । इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की नजर यहां नहीं है । कहने के लिए वीरगंज को आर्थिक राजधानी मानते हैं । वीरगंज ही वह शहर है, जहां से सबसे ज्यादा रेभिन्यू जाता है । लेकिन यहां जो सड़क है, वह देखने के लायक नहीं है । शिक्षा की हालत वैसी ही है । इसीलिए वीरगंज के समग्र विकास के लिए इन सभी क्षेत्र में काम करना होगा ।

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