दिग्भ्रमित संविधान सभा::कुमार सच्चिदानन्द
येष्ठ १४ की मध्य रात्रि को महत्वपर्तीन दलों ने जो तीन सूत्रीय समझौताकिया, उसे नेपाली राजनीति की अन्ध-यात्रामें शब्दों को साधना के रूप में लिया जासकता है- ‘शब्द-शब्द भयो उजियारो ।’ लेकिनशब्दा क इस तथाकथित उजाल की उम र महजकछु घण्ट ही रही क्यांक दसू रे दिन ही समझातै के सम्बन्ध [...]



























एक नजदीकी मित्र ने बहुत दूर से फोन किया, एक नई पत्रिका का विमोचन समारोह है कृपया आप भी पधारे ।
मैने पूछा , और कौन-कौन पधार रहे है उस विमोचन समारोह में -
उधर से मित्र ने क्या कहा, ...
नेपाली राजनीति के तथाकथित तीन बडे स्तम्भ के द्वारार्ई दिनों तक पाँच सितारा होटलों में संविधानसभा कीलम्बी आयु के लिए की जाने वाली निष्कर्षवहीन बैठक कीबातें सुनते-सुनते नेपाली जनता ऊब चुकी थी । ऐसीस्थिति में चारों ओर चर्चा एक ही ...
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से यह कहते हुए केंद्र पर अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं कि बिहार का विकास किए बगैर देश विकसित नहीं हो सकता, मगर जब बात उनके अपने राज्य की आती है तो संभवतः ...
रोज बालकनी में खडा होकर
एक बच्चे को देखता हूं
स्कूल जाते हुए अच्छी साफ यूनिफार्ँम पहने
अजब अंदाज में चलते हुए
उसकी माँ उसका बैंग
कंधे पर लटकाए होती है
दूसरे कंधे पर पानी की बोतल होती है
साथ-साथ चलती है उसकी उँगली पकडÞे हुए
रोज बालकनी ...
सामान्यतः लोग इंटरनेट को जानकारी लेने, लोगों से जुडे और चैटिंग करने के लिए ही इस्तेमाल करते है । बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो साइवर संसार से जुडÞी हर चीज का इस्तेमाल भली प्रकार करना और इनमें इनोवेशन ...

