ना ना अभी नही ?:: रुचि सिंह
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ल ही में भारत आये अपनी व्यक्तिगत यात्रा लेकिन विभिन्न राजनीतिक नेताओं से मिले मधेशी जनाधिकार फोरम के नेता उपेन्द्र यादव का कहना है कि नेपाल का वही नेता सबसे ज्यादा मजे करता है जो भारत को सबसे ज्यादा गालियाँ देता है । यह परंपरा राजा के जमाने से ही चली आ रही है । खुद को राष्ट्रवादी साबित करने के लिए ही भारत के खिलाफ बोला जाता है । उपेन्द्र यादव के अलावा सत्तारुढ दल एमाले नेता झलनाथ खनाल भी दिल्ली में डेरा डाले हुए थे । इनकी भारत में सरकार तथा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ
मुलाकातें हर्इ है । उपेन्द्र यादव ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, जेडीयू के शरद यादव के अलावा विदेश मंत्री एम. एम. कृष्णा, विदेश सचिव निरुपमा राव से मुलाकात की । मुलाकात का हवाला देते हुए उपेन्द्र यादव ने बताया कि उन्होंने जिन-जिन नेताओं से मुलाकात की है सबने उन्हें सलाह दी है कि वह मौजूदा सरकार में शामिल हो जाए लेकिन उन्होंने स्पष्ट रुप से मना कर दिया है कि वह इस वक्त सरकार में शामिल होना नहीं चाहेंगे सो उन्होंने सभी को ना कह दिया है । एमाले अध्यक्ष झलनाथ खनाल ने भी सरकार और राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की है । इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात की है । चीनी मानसिकता की पहल करने वाले झलनाथ खनाल को भारत के महत्व का पता चल गया है । वह समझ गए हैं कि भारत से दूरी बनाए रखना एमाले के नेताओं के लिए शायद उचित न हो । हालाँकि नेपाल के मौजूदा हालात में भारत की भूमिका पर यादव ने कहा कि भारत को नेपाल का मामला नौकरशाहों के जिम्मे छोडÞने के बजाय नेपाल के नेताओं के साथ राजनीतिक संवाद बढना चाहिए ।
नई दिल्ली से रुचि सिंह

