Wed. Sep 19th, 2018

स्टीफन हाकिंग मात्र २१ साल की आयु में न्यूरान मोर्टार नामक बीमारी से ग्रस्त हो गए थे । इस बीमारी में शरीर के सारे अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते हैं और अंत में श्वास नली बंद हो जाने से रोगी की मौत हो जाती है । इस बीमारी से वे डरे नहीं, बल्कि उन्होंने बीमारी को चुनौती देते हुए वह्ील चेयर पर कैंब्रिज जाना प्रारंभ कर दिया । डाक्टर्स ने दबी जुबान से बोल दिया था कि स्टीफन बस चंद दिनों के मेहमान हैं । कुछ डाक्टर्स ने तो स्पष्ट रूप से बोल दिया था कि वे दो वर्ष से ज्यादा जीवित नहीं रह पाएंगे । इस बात पर स्टीफन बोले थे, ‘मैं २ नहीं, २० नहीं बल्कि पूरे ५० सालों तक जियूंगा । मुझे जीना है और अपने लक्ष्य तक पहुंचना है ।’
आज पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने अपनी इस बात को सही साबित कर दिखाया । उनका निधन ७६ वर्ष की आयु में हुआ । उन्होंने अपनी ज्वलंत इच्छाशक्ति से न केवल असाध्य बीमारी को पराजित कर दिया बल्कि अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का भी लोहा मनवाया । पहले खगोलशास्त्रियों का मानना था कि ब्रह्मांड एक बड़े ठोस पदार्थ के रूप में था । इस बड़े टुकड़े में विस्फोट होकर उसके अनेक छोटे छोटे टुकड़े बन गए । ये टुकड़े टूट टूट कर दूर तक छिटक गए । छिटके हुए यही टुकड़े तारे, ग्रह और आकाशगंगा बन गए ।
स्टीफन हाकिंग ने लगातार शोध के जरिए अंतरिक्ष और ब्रह्मांड संबंधी हमारी जानकारियों में बढ़ोतरी की, उसे विस्तार दिया । उन्होंने विश्व को अनेक महान खोजें देकर इस बात को साबित कर दिया कि यदि व्यक्ति के अंदर ज्वलंत इच्छा है तो वह न केवल जिंदगी के हर मुश्किल दौर से बाहर निकल आता है, बल्कि सफलता के ऐसे मापदंड भी स्थापित करता है जिसे पूरा करना दूसरों को नामुमकिन जैसा लगने लग जाए । उनका जीवन लंबे समय तक मनुष्य मात्र का प्रेरणा देता रहेगा ।  जानें, ब्लैक होल और बिग बैंग थिअरी के बारे में बताने वाले हाकिंग के बारे में बड़ी बातें…
दुनिया भर में मशहूर भौतिक विज्ञानी और कास्मोलाजिस्ट हाकिंग को ब्लैक होल्स पर उनके काम के लिए जाना जाता है । ८ जनवरी, १९४२ को इंग्लैंड के आक्सफर्ड में सेंकड वर्ल्ड वार के समय स्टीफन हा‘किंग का जन्म हुआ था । गैलीलियो की मृत्यु के ठीक ३०० साल बाद हाकिंग का जन्म हुआ था । १९८८ में उन्हें सबसे ज्यादा चर्चा मिली थी, जब उनकी पहली पुस्तक ’ए ब्रीफ हिस्ट्री आफ टाइम फ्राम द बिग बैंग टु ब्लैक होल्स’ मार्केट में आई ।
इसके बाद कास्मोलाजी पर आई उनकी पुस्तक की १ करोड़ से ज्यादा प्रतियां बिकी थीं । इसे दुनिया भर में साइंस से जुड़ी सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक माना जाता है । स्टीफन हाकिंग वह्ीलचेयर के जरिए ही मूव कर पाते थे । इस बीमारी के साथ इतने लंबे अरसे तक जिंदा रहने वाले स्टीफन हाकिंग पहले शख्स थे ।

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