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स्व–परिवर्तन आवश्यक : दीपकुमार उपाध्याय

0 May 22, 2018

हिमालिनी, अप्रैल अंक, २०१८ | कल तक हम लोग राजा को गाली देते थे । नेताओं को गाली देते थे और कहते थे– स्थिर सरकार नहीं है, इन लोगों ने कुछ भी नहीं किया ...

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मानवीय संवेदनशीलता को भी समझना होगा-हिसिला यमी

0 May 21, 2018

आज हम लोग विकास की बात कर रहे हैं । ‘विकास’ शब्द के प्रति हिटलर भी आकर्षित हुआ था । हिटलर इस कारण भी प्रसिद्ध हुए था कि उसने एक ‘नेशनल हाइवे नेटवर्क’ ...

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हमारे राजनीतिज्ञों में साहस और दृष्टिकोण नहीं है -प्रो. जयराज आचार्य

0 May 19, 2018

चाहे नेपाल हो अथवा भारत, दोनों की प्राथमिकता आज विकास ही है । लेकिन विकास कैसे किया जाए, यह चुनौतीपूर्ण है । आप लोग विकसित भारत की बात करते हैं, लेकिन...

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पुरानी प्रतिबद्धता कार्यान्वयन की जाए : हृदयेश त्रिपाठी

0 May 9, 2018

हिमालिनी अप्रैल अंक, २०१८ | मित्रता और सुन्दरता का अन्त कभी भी नहीं होता । अर्थात् मित्रता में कोई भी लक्ष्मण रेखा नहीं होती । दूसरी बात आप मित्र बदल ...

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शान्ति और स्थिरता के बिना समृद्धि सम्भव नहीं : प्रदीप ज्ञावली (परराष्ट्रमन्त्री)

0 May 9, 2018

हिमालिनी अप्रैल अंक, २०१८ | चुनौती के बीच में ही अवसर और सम्भावना होती है । इसीलिए वर्तमान सरकार के सामने जो चुनौती है, वही अवसर भी है । कुछ साल के अन...

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चुनौती जो कल थी आज भी वही- मनजीवसिंह पुरी

0 May 2, 2018

हिमालिनी अप्रैल अंक ,२०१८ | हमें लगता है कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता और चुनौती जो कल थी आज भी वही है । नेपाल के लिए विकास ही सबसे बड़ी आवश्यकता है ...