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साहब ये लोकतंत्र है,एक-दुसरे पर कीचड उछालना इसका मूलमंत्र है : मुरलीमनोहर तिवारी (सिपु)

0 November 22, 2017

मुरलीमनोहर तिवारी (सिपु), वीरगंज | लोकतंत्र में सत्ता का अंतिम सूत्र जनता के हाथ में होता है, अर्थात् यह एक ऐसी शासन व्यवस्था, जिसमें लोक सहमति की आवश...

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क्या बीजेपी मप्र में ऐसे जाएगी 300 पार : डाँ नीलम महेंद्र

0 November 19, 2017

डाँ नीलम महेंद्र,  ग्वालियर | मध्य प्रदेश के चित्रकूट उपचुनाव में भाजपा ने जिस प्रकार अपनी हार को स्वीकार किया है उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जहाँ एक...

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कहानी एक गीत की, मन मे है विश्वास… : रघुवीर शर्मा

0 November 18, 2017

रघुवीर शर्मा, काठमांडू | हममें से सभी ने कभी न कभी ‘हम होंगे कामयाब’ गीत को जरूर सुना होगा । जिसने हिंदी में इस गीत को नहीं सुना होगा, उसने इसका अंग्र...

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खुशियों का पैमाना बनती जा रही शराब : डाँ नीलम महेंद्र

0 November 15, 2017

डाँ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | वैसे तो हमारे देश में अनेक समस्याएँ हैं जैसे गरीबी बेरोजगारी भ्रष्टाचार आदि लेकिन एक समस्या जो हमारे समाज को दीमक की तरह ...

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टमाटर प्यारी राज दूलारी हो गई है : बिम्मी शर्मा

0 November 15, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज (व्यँग्य ) | देश में चुनाव का मौसम है और नेताओं की जगह पर टमाटर छाया हुआ है । ज्यों ज्यों टमाटर प्यारी का भाव बढ़ रहा है त्यों त्य...

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क्या विश्व महाविनाश के लिए तैयार है ? डाँ नीलम महेंद्र

0 November 10, 2017

डाँ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | अमेरीकी विरोध के बावजूद उत्तर कोरिया द्वारा लगातार किए जा रहे हायड्रोजन बम परीक्षण के परिणाम स्वरूप ट्रम्प और किम जोंग उन...

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अब तो मधेश भी मधेशी नेतृत्वों के हाथ से निकल गयी : कैलाश महतो

0 November 10, 2017

कैलाश महतो, परासी | मधेश के इतिहास से अनभिज्ञ रहे राजनीतिज्ञ, बुद्धिजिवी और कुछ पत्रकार लोग आजाद मधेश चाहने बालों से प्रायः एक सवाल पूछते हैं, “स्वतन्...

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चुनाव मे सामिल होना मधेशी जनता के लिऐ घातक कदम रहा : अब्दुल खानं

0 November 7, 2017

अब्दुल खानं, वर्दिया | नेपाल के संविधान काे संसाेधन के लिऐ विगत मे मधेशयाें ने महिनाे महिना अान्दाेलन किया, महिनेा सीमा अवराेध किया। पुलिस प्रशासन ने ...

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गठबंधन नही ठगबंधन – वाम, दाम और नाम का संगम : बिम्मी शर्मा

0 November 7, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज, (व्यंग्य) | इस देश में बारबार हो रहे निर्वाचन शादी के सात फेरे जैसी हो गयी है । शादी के ही सीजन में इस देश में निर्वाचन का भी शु...

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कल का मधेश और हम मधेशी ? एक चिन्तन : ई. श्याम सुन्दर

0 November 5, 2017

  ई. श्याम सुन्दर, राजबिराज |  मधेश के पास कुल भुमि २३ हजार वर्ग कि.मी. है जहाँ तकरीबन १.५ करोड़ मधेशी आज के दिन पल रहा है । उन डेढ़ करोड़ मधेशियों की...

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मधेश के लोग कहीं यह न कहने लगे कि साथियों ! मधेश का नाम ही मत लेना : कैलाश महतो

0 November 4, 2017

कैलाश महतो, परासी | हिन्दी शब्दकोष के अनुसार हिजड़ा एक वह व्यक्ति होता है, “ऐसा व्यक्ति जिसमें शारीरिक दृष्टि से स्त्री–पुरुष दोनों के कुछ कुछ गुण, चिह...

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छठ व्रत का इतिहास : अंशु झा

0 October 26, 2017

छठ केवल एक पर्व ही नहीं है बल्कि महापर्व है जो कुल चार दिन तक चलता है । नहाय–खाय से लेकर उगते हुए भगवान सूर्य को अघ्र्य देने तक चलने वाले इस पर्व का अ...

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मधेश की राजनीति विकासमुखी नहीं अधिकारमुखी बन गई है : विकास प्रसाद लोध

0 October 26, 2017

  विकास प्रसाद लोध, कपिलबस्तु | विगत के दशकों से मधेश की राजनीति नेपाल मे समानता का अधिकार कायम करने को ही अपना प्रमुख उद्देश्य वनाकर उसी पर केन्द्रीत...

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मुख्यमन्त्रियों के दरबारों में बहार और मधेश में चित्कार : कैलाश महतो

0 October 20, 2017

      कैलाश महतो, परासी | विघटन होने के पूर्व सन्ध्या में नेपाल के संसद ने एक नियम पारित करते हुए आने बाले अगहन १० और २१ गते के संसदीय और प्...

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१९५० की सन्धि न तो मधेश को प्रतिष्ठा दिला सकी नाही भारत को सुरक्षा : कैलाश महतो

0 October 14, 2017

कैलाश महतो, पराशी | बापू ! आप शायद जीवित होते तो मधेश का स्थान कहीं कुछ और ही होता कि…? भारत और नेपाल के बीच बनाये गये १९५० की सन्धि ने न तो भार...

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मधेशियों को क्या मिला ? सिर्फ गोली अाैर खुन की हाेली : रामदेव यादव

0 October 13, 2017

राम देव यादव , भैरहवा | राजनीति मे न तो कोई स्थाई रुप से दुश्मन और न ही दोस्त होता है। समय और मुद्दो के साथ् साथ् राजनितीक समीकरण मे फेर वदल होता रह्त...

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न जयप्रकाश आंदोलन कुछ कर पाया न ही अन्ना आंदोलन : डाँ नीलम महेंद्र

0 October 12, 2017

डाँ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | वीआईपी कल्चर खत्म करने के उद्देश्य से जब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मई 2017 में वाहनों पर से लालबत्ती हटाने सम्बन्धी आदेश ज...

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गठजाेर से मधेश काे कितना फाईदा है ? : अब्दुल खानं

0 October 7, 2017

अब्दुल खानं,बर्दिया । नेपाल मे अभी के राजनीतिक धुर्विकरण अाैर परिस्थिति का जायजा लिया जाय ताे बिभिन पार्टी अाैर संघ- संगठनो के बिच दीर्घकालिन अाैर अल्...

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एमाले, माओवादी, नयाँ शक्ति के बीच एकिकरण है या बृहत ब्राह्मण एकता सम्मेलन ? अमरदीप मोक्तान

0 October 5, 2017

अमरदीप मोक्तान, डाडा खर्क ,दोलखा |  काठमाडौँ १७ गते मंगलबार २०७४ को साँम ५ बजे काठमाडौ स्थित खचाखच भरे हुए राष्ट्रिय सभागृह हल मे एमाले ,माओवादी केन्द...

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रावण के दस सिर थे चेहरा एक था, आज के रावण का सिर एक है पर चेहरे अनेक

0 October 3, 2017

“रावण को हराने के लिए  पहले खुद राम बनना पड़ता है ।“ विजयादशमी यानी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि जो कि विजय का प्रतीक है। वो विजय जो श्रीराम...

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सत्य के पुजारी; मोहनदास करमचंद गाँधी; एक दुर्लभ व्यक्तित्व थे : गंगेशकुमार मिश्र

0 October 2, 2017

महात्मा …उनका कहना था, ” सच्चाई कभी नहीं हारती।“ अहिंसा को धर्म मानने वाले, सत्य के पुजारी; मोहनदास करमचंद गाँधी; एक दुर्लभ व्यक्तित...

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रणनीति विहीन राजनीति : रणधीर चौधरी

0 October 2, 2017

राजपा गठन पश्चात शायद पहली विरोध सभा थी विराटनगर मे । उपेन्द्र यादव और राजपा अध्यक्ष मण्डल के महन्थ ठाकुर भी विरोध सभा में सहभागी हुए थे । आम जनमानस क...

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जागरूक जनता ही करेगी स्वच्छ भारत का निर्माण : डाँ नीलम महेंद्र

0 October 1, 2017

एक तरफ हम स्मार्ट सिटी बनाने की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ हमारे महानगर यहाँ तक कि हमारे देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोग तक कचरे की बदबू और ग...

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कोठली बाहर मतदान अभियान ने मधेशी को मंजिल के करीब ला दिया : श्यामसुन्दर मण्डल

0 September 25, 2017

  श्यामसुन्दर मण्डल, भारदह | आजाद़ी_करीब_है “स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन”की आस्था, आदर्श और विचार ने मधेश के बुद्धिजीवी और राजनैतिक रूपमे सचेत ...

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रावण के दस सिर थे चेहरा एक था आज के रावण का सिर एक है पर चेहरे अनेक

0 September 22, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर |“रावण को हराने के लिए  पहले खुद राम बनना पड़ता है ।“ विजयादशमी यानी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि जो कि विजय का प्...

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राजनीति में ईमानदारी होनी चाहिए : कैलाश महतो

0 September 22, 2017

कैलाश महतो राजनीति में ईमानदारी होनी चाहिए । मगर ‘हमेशा ईमानदार होना हानिकारक होता है’(मैकियावेली प्रिन्स पुस्तक) । तकरीबन चालीस हजार रोहिंग्या मुसलमा...

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संविधान, स्थानीय चुनाव और काला दिवस : गुरुशरण सिंह

0 September 19, 2017

गुरुशरण सिंह (आभाष),गोलबजार, 9 , सिरहा |  नेपाल के इतिहास को गौर से देखें तो, यहाँ सात दशकों मे सात संविधान बना है । बर्षों के रस्साकस्सी के बाद अन्तत...

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वंशवाद केवल राजनीति में ही हो ऐसा भी नहीं है : डॉ नीलम महेंद्र

0 September 14, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | वैसे तो भारत में राहुल गाँधी जी के विचारों से बहुत कम लोग इत्तेफाक रखते हैं (यह बात 2014 के चुनावी नतीजों ने जाहिर कर दी थ...

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धर्म के लिफापे मे देहसत का धन्धा : रणधीर चौधरी

0 September 13, 2017

रणधीर चौधरी, विराटनगर | भारत के हिरियाणा प्रदेश के पंचकुला मे अदालत से एक निर्णय क्या आया भारत के पाँच प्रदेश आतंकित हो गये । एक्कतिस लोगो की जान चली ...

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कहते हैं कानून अँधा होता है लेकिन भारत में तो अंधा ही नहीं बहरा भी होता जा रहा था…!

0 September 11, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | अभी हाल ही में भारत में कोर्ट द्वारा जिस प्रकार से फैसले दिए जा रहे हैं वो देश में निश्चित ही एक सकारात्मक बदलाव का संकेत ...

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होशियार ! कलाकार ही कहीं मधेश में सरकार न बना लें : कैलाश महतो

0 September 9, 2017

कैलाश महतो,परासी| न कला का कोई धर्म होता है, न कलाकारों का । न सेवकों का कोई धर्म होता है, न पीडितों का । कलाकारों के लिए कला ही उसका धर्म होता है । स...

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जिनपर हमें भरोसा था, उसी ने कौडी के भाव बेच दिया : बिनोद पासवान

0 September 6, 2017

सबको पता है कि कैसे सुनियोजित एवं नाटकीय रूपसे जो बिधेयक मधेशी, दलित, जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, थारू तथा अन्य) के हित मे था, उसे संसद मे देख...

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एक बार साँसद जरुर बन जाना पूरी जिन्दगी का बेड़ा पार हो जाएगा : सुरभी

0 September 5, 2017

सुरभी : (फिर एक दिल टूटा ) आज फिर एक दिल टूटा, ओह गलती हुई दल टूटा कुछ इधर गिरा कुछ उधर गिरा बस अब थापा और राणा को टुकडेÞ बटोरने की देर है । कभी कभी त...

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मधेश, नेपाल में ही रहे, इस का कोई कारण नहीं है : सीके लाल

0 September 4, 2017

राजनीतिक विश्लेषक तथा स्तम्भकार सीकेलाल ने कहा है कि मधेश नेपाल में रह जाए, इस का कोई कारण नहीं है । उन का मानना है कि मधेश के साथ वर्षों से विभेद हो ...

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प्रचण्ड को फूलमाला से स्वागत और माधव नेपाल के ऊपर पत्थरबाजी, क्यों ?

0 September 1, 2017

प्रचण्ड मधेशी जनता के साथ बैठ कर चाय पी रहे थे तो माधव नेपाल अपनी जान बचाने के लिए पुलिस से सहयोग मांग रहे थे । इस के पीछे क्या कारण है ? आरएन यादव का...

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मोदी साहब ! नेपाल का इतिहास में झूठ और फरेबों का भी पुलिंदा है : कैलाश महतो

0 August 29, 2017

कैलाश महतो, परासी | बहुत से इतिहास विश्लेषकों का मानना है कि इतिहास होता ही नहीं है । अगर है भी तो बकबास है । क्यूँकि यह शासकों द्वारा बनाया गये किताब...

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बाढ़ का कहर से लाश जलाने लिए एक इञ्च जमीन भी नहीं थी : सीताराम पण्डित

0 August 27, 2017

काठमांडू । कुम्हार समाज के उत्थान व विकास हेतु साल २०६२ में तराई कुम्हार समाज नेपाल की स्थापना हुई है। संस्था की स्थापना काल से ही हम जातीय उत्थान व व...

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धर्म के लिफाफे में दहशत का धन्धा : रणधीर चाैधरी

0 August 26, 2017

रणधीर चाैधरी २६ अगस्त भारत के हरियाणा प्रदेश के पंचकुला में अदालत से एक निर्णय क्या आया, भारत के पाँच प्रदेश आतंकित हो गये । इक्कतीस लोगाें की जान चली...

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सुरक्षित मधेश ही सुरक्षित भारत का मजबूत आधार बन सकता है : कैलाश महतो

0 August 26, 2017

पानी की आग कहीं मधेश और भारत को निगल न जाये ! कैलाश महतो, परासी | १९ अगष्ट को सुनौली से गोरखपुर और गोरखपुर से सुनौली की सफर । समान्य दैनिकी से चलने बा...

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तलाक,तलाक,तलाक’ अब हो गया खेल ख़तम : बिनोद पासवान

0 August 25, 2017

बिनोद पासवान । हम अपनेको सामाजिक प्राणी मानते है, उसी हिसाबसे हमने सामाजिक निति-नियम बनाये हुए हैं। सामाजिक नियम सामाजिक बिकृतिको रोकनेके लिए बनाया गय...

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वर्त्तमान संसद मधेश को बिलकुल और बिलकुल उपेक्षा करनेबाली है : बृषेश चन्द्र लाल

0 August 24, 2017

बृखेष चन्द्र लाल, जनकपुरधाम | राजपा नेपाल स्थानीय चुनाव में भाग लेने का निर्णय किया है । पीड़ा सभी के मन में है । मेरे मन में भी । जो उत्साहित हैं उनक...

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संविधान संशाेधन का नाटक पूर्व नियाेजित था : अछुतम कुमार अनन्त

0 August 24, 2017

अछुतम कुमार अनन्त, जनकपुरधाम ( हाल मलेशिया ) | संविधान संसोधन का नाटक पूर्व नियोजित था । राजपा नेपाल को किसी भी तरह स्थानीय चुनाव में लाने के लिए यह न...

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नेपाल अभी भी हिन्दू राष्ट्र है : पंडित प्रदीप (कार्यकारी सम्पादक ) दैनिक भास्कर

0 August 23, 2017

प्रदीप पंडित (कार्यकारी सम्पादक ) दैनिक भास्कर नमामि शमीशान निर्वाण रूपं । विभुं व्यापकं ब्रम्ह्वेद स्वरूपं । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं । चिदाक...

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मधेश मैं अाैर हिन्दी : अछुतम कुमार अनन्त

0 August 21, 2017

२१ अगस्त अछुतम कुमार अनन्त मुझे हिंदी न किसी ने पढ़ना सिखाया और नही किसी ने लिखना । फिर भी मैं हिंदी पढ लेता हूँ,समझ लेता हूँ और थोड़ा बहुत लिख भी लेता ...

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ज्येष्ठ नागरिकों को अपमानित किया जाता है : इ.चन्द्रेश्वर प्रसाद रौनियार

0 August 21, 2017

ब्रहमपुरी [सर्लाही ]में जन्में चन्द्रेश्वर प्रसाद रौनियार सेवानिवृत इन्जिनीयर हैं । उन्होंने २९ वर्षों तक नेपाल सरकार के विभिन्न विभागों में इन्जिनीयर...

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जिन्दाबाद या मुर्दाबाद कहने से ही आजादी नहीं मिलती है : मुरारीलाल अग्रवाल

0 August 19, 2017

दो हफ्ते पूर्व राजपा की केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी । बैठक में झापा से लेकर कंचनपुर तक के नेता तथा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति थी ।.बैठक में विधा...

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कैसे बनेगा मोदी का न्यू इंडिया ? डॉ नीलम महेंद्र

0 August 18, 2017

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर | धर्म मनुष्य में मानवता जगाता है, लेकिन जब धर्म ही मानव के पशु बनने का कारण बन जाए तो दोष किसे दिया जाए धर्म को या मानव को ...

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बाढ की कहर और चुनाव की लहर दोनों है मधेश के लिये जहर : कैलाश महतो

2 August 18, 2017

कैलाश महतो, परासी | बाढ, भूूक्षय, तूफान, समुद्री कहर ‐सुनामी, चरम गर्मी, अति ठण्ड तथा भूकम्प आदि एैसे प्राकृतिक आपदायें हैं, जिसपर मानवीय शक्ति और विज...

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नेपाल की चिकित्सा शिक्षा माफियाओं की क्रीड़ा भूमि, टूटा डॉ. केसी का व्रत : कुमार सच्चिदानन्द

0 August 16, 2017

३२ गते सावन । २३ दिनों के बाद डॉ. गोविद केसी ने अन्ततः अपना अनशन तोड़ा और यह मौजूदा प्रधानमंत्री के सीधा हस्तक्षेप के बाद संभव हुआ । उनकी माँगों को सं...

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महिला और घरेलू हिंसा : विनोदकुमार विश्वकर्मा

0 August 14, 2017

विनोदकुमार विश्वकर्मा | नारी ईश्वर का वरदान है, उसकी महत्ता को किसी भी समाज में नकारा नहीं जा सकता क्योंकि उसका समाज–निर्माण में अमूल्य योगदान है । ना...

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प्यार केवल शक्लोसूरत नही देखता वो देखता है एक प्यार भरा दिल : शिल्पा जैन सुराणा

0 August 13, 2017

डॉ शिल्पा जैन सुराणा | कहते है कि जब सच्चा प्यार होता है तो जख्म किसी को भी हो दर्द दोनो को होता है, और सुनीता के इस दर्द को अहसास किया जय ने। ये कहान...

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राजनीति में भ्रष्टाचार ही प्राथमिकता !

0 August 12, 2017

लिलानाथ गौतम काठमांडू, २८ श्रावण । संगठित राजनीति से बाहर रहनेवाले प्रायः हर नागरिक के लिए ‘राजनीति’ एक घिनौना खेल है । वे लोग सोचते हैं कि राजनीति मे...

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मांग पूरी होने के बाद ही हम चुनाव में शामिल होंगे : कोनिराम चौधरी

0 August 12, 2017

काठमांडू | राजपा नेपाल एकीकरण होने के बाद भी जिला स्तर में व्यवस्थित ढंग से संगठित नहीं हो पाई थी .पार्टी क़ा विधान ,नियमावली ,घोषणापत्र ,राजनैतिक दस्त...

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विष के चक्रव्यूह में फंसता मानव जीवन : देवेश कुमार मिश्र

0 August 8, 2017

देवेश कुमार मिश्र, नेपालगंज | किसी भी जीवित प्राणी के लिए भोजन, हवा, और पानी अपरिहार्य आवश्यकता है । इसी तरह मानव के लिए भी इन आधारभूत आवश्यकताओं के प...

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बन्द करो उस विश्वविद्यालय को जो देशद्रोही पैदा करें : ऋषि राज

0 August 6, 2017

 ऋषि राज, भारदह | शिक्षा व्यक्ति को सदैव स्वतन्त्रपूर्वक जीने की कला सिखाती है। अपने जिवन को उन्नतशील बनाने के लिये मार्गदर्शन करती है। शिक्षा वो हथिय...

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मधेशी माँगों की अनदेखी का अर्थ है संघर्ष का विस्तार : रणधीर चौधरी

0 August 4, 2017

रणधीर चौधरी, विराटनगर | स्थानीय चुनावों के दो चरणों का आयोजन किया जा चुका है,  अब दो नम्बर प्रदेश में चुनाव की तैयारी हो रही है । लेकिन प्रांत 2 के मत...

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मैं अंगीकृत नागरिक हूँ अंगीकृत शब्द हमें हमारी जन्मभूमि से जोड़ता है : डा.उषा झा

0 August 4, 2017

काठमांडू | हिमालिनी ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर डा. उषा झा जी के विचारों को जानना चाहा । प्रस्तुत हैं उनके विचार उन्हीं के शब्दों में…. मैं ...

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मौजूदा संविधान यथास्थितिवादियों का संविधान है : विकास तिवारी video सहित

0 July 31, 2017

विकास तिवारी, राजबिराज | वर्तमान में यथास्थितिवादी शक्ति और प्रतिगामी शक्ति एक बार फिर से देश में हावी होने के लिए प्रयास में हैं । जहां तक अधिकार के ...

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मधेश की बौद्धिक वेश्यावृति से मधेश को बचाना भी एक आन्दोलन है : कैलाश महतो

0 July 28, 2017

कैलाश महतो, परासी | भारत के किसी उच्च अदालत के न्यायमूर्ति ने एक फैसले का अन्तिम निर्णय सुनाते हुए कहा था कि भारतीय समाज को भारत के कुछ बौद्धिक वेश्या...

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मधेश की मांग के संबोधन बिना चुनाव का कोई औचित्य नही : कुर्मी

0 July 26, 2017

  बीरगंज ११ सावन | रास्ट्रीय जनता पार्टी नेपाल पर्सा के नेता कृष्ण प्रसाद कुर्मी ने कहा है कि मधेश की मांग बिना पूरा किये चुनाव मे जाना बेकार है। मधेश...

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नेपाली शिक्षा पद्धति ब्लैक बोर्ड से ऊपर नहीं उठ पाई है : साधना यादव

0 July 21, 2017

गणित व विज्ञान विषयों को हमारी शिक्षा पद्धति ने बोझ बनाकर रख दिया है । इन विषयों को बच्चों की बौद्धिक क्षमता से जोड़कर देखना ठीक नहीं होगा । प्राथमिक ...

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सरकार को उठाना होगा कारगार कदम-सीमा विश्वकर्मा

0 July 21, 2017

सरकार द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्रि के लिए विद्यालय के बजाय अन्य एजेन्सियों का चयन, समय पर पुस्तक उपलब्ध कराना तथा शिक्षकों को समय पर वेतन देना आदि कुछेक...

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अध्ययन, अध्यापन की समीक्षा आवश्यक : पी.आर. पंत

0 July 21, 2017

चूक के बाद हाय तौवा तो मचती है, लेकिन समय के साथ अब सब कुछ बिसरा दिया जाता है । नेपाल में शिक्षा से लेकर प्रशासन व राजनीतिक तक यही होता आ रहा है । बतौ...

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संविधान संशोधन के लिये नई रणनीति बनायेगी राजपा : केशव झा

0 July 21, 2017

केशव झा, महासचिव, राजपा नेपाल, काठमांडू | राजपा नेपाल चुनाव में जाएँगें या नहीं इस विषय पर राजपा नेपाल को एक धारणा बनाने जरुरत है । राजपा का चुनाव में...

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