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सकारात्मक पहल : सफल या विफल ? नवीन मिश्रा

0 May 22, 2017

संविधान संशोधन विधेयक के प्रति शुरु से ही एमाले के विरोधी तेवर रहे हैं । एमाले के अनुसार यह विधेयक विखण्डनकारी है, जिसमें पहाड़ और मधेश को अलग करने की...

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…प्रधानन्यायाधीश और बेचारा गृहमंत्री किस खेत की मूली ? : कुमार सच्चिदानन्द

0 May 20, 2017

वैसे इस देश की राजनैतिक संरचना ऐसी है कि यहाँ तो व्यवस्था बदलने पर भी जनता चूँ नहीं करती तो यह प्रधानन्यायाधीश और बेचारा गृहमंत्री किस खेत की मूली है ...

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राजपा प्रतिबद्ध है, विभेद को हटाकर रहेगी : महन्थ ठाकुर से श्वेता दीप्ति की बातचीत

1 May 17, 2017

मधेश के मुद्दों के साथ राजपा, सरकार से कोई गलत सौदा नहीं करेगी  हमने पहले भी पूरे देश को लेकर चलने की कोशिश की है और आज भी राजपा नेपाल समग्र नेपाल को ...

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व्यवस्थित और समृद्ध सूर्यविनायक मेरा सपना : विष्णुराज कार्की

0 May 11, 2017

देश स्थानीय चुनाव में जा चुका है । पूरे देश में ७४४ स्थानीय निकाय हैं, जहाँ दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं । सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार प्रथ...

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लोकतन्त्र जितना मजबूत होगा, निजी क्षेत्र उतना ही ज्यादा उन्नति करेगा : विष्णु अग्रवाल

0 May 11, 2017

लोकतन्त्र के बाद खुलने वाले निजी बैंक और उद्योग व्यवसाय करने वालों को लगानी के लिए अवसर दिया और इसके कारण बाजार विस्तार में मदद मिली । १९९१ के नेपाल–भ...

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मेरी पश्चिम नेपाल की यात्रा

0 May 6, 2017

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय विगत फरबरी महीने के अंक में मैंने पश्चिम नेपाल की यात्रा का वृत्तांत प्रस्तुत किया था, लेकिन स्थानाभाव के कारण पूरा नहीं लिख पान...

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‘दलित’ शब्द की वास्तविकता

0 May 6, 2017

दलित शब्द उन्नीसवीं शताब्दी के सुधारवादी आंदोलन काल की उपज है । विवेकानंद, एनी वेसेंट तथा रानाडे ने इस शब्द का अनेक बार प्रयोग किया है । वैसे ‘दलित’ श...

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थाली का बैगन

0 May 6, 2017

अस्पताल या स्वास्थ्य चौकी न होने से गांव में लोग बीमार पड़ रहे हैं, अकाल में मर रहे हैं, कोई बात नहीं । अन्न–बाली में कीड़े लगते हैं, खाद्य की कोई व्य...

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दहेज से अभिशप्त नेपाली नारी

0 May 6, 2017

जब सास भी दहेज नहीं लेना चाहेगी तभी सामाजिक कूरीतियों के रेगिस्तान के स्थान पर आशा का पुष्प खिल सकना संभव हो सकेगा । रूपा लोहनी नेपाली समाज के कार्य प...

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भस्म–महात्म्य

0 May 5, 2017

भस्म सम्पूर्ण मंगलों को देनेवाला सर्वोत्तम साधन है, उसके दो भेद बताये गये है । एक को ‘महाभस्म’ और दूसरे को ‘स्वल्पभस्म’ । महाभस्म के भी अनेक भेद हैं ।...

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थैलेसीमिया के विरुद्ध पारस की सक्रियता

0 May 5, 2017

संगीता सुवेदी तिलाठी–३ सप्तरी के पारसनाथ मिश्र (३७ वर्षीय) थैलेसीमिया रोग से पीडि़त हैं । यह रोग दुर्लभ माना जाता है । थैलेसीमिया रोग के लिए नेपाल में...

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शौचालय के अभाव से पीडि़त हैं चालक महिलाएं

0 May 5, 2017

दिनभर प्रायः सड़क पर रहनेवाली चालक महिलाओं को शौचालय के समस्या से मलमूत्र दबाकर वा सहन करते हुए ड्राइविंग करने की बाध्यता है । बाहरी रूप से देखने पर उ...

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राष्ट्राध्यक्ष की चिन्ता और मधेश की अपेक्षा : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 April 29, 2017

देश की आधी आबादी मधेश में बसती है और वर्तमान में वहाँ की जनता अविश्वास की हवा में साँसें ले रही है । चुनाव की हवा साँस नहीं दे रही, बल्कि उनकी साँसों ...

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निकाय चुनाव और ईबीएम की प्रासंगिकता : सीमा विश्वकर्मा

0 April 28, 2017

काठमांडू, २८ अप्रैल | नेपाल में चुनावों का प्रबंधन बेहद चुनौती भरा कार्य है । नेपाल भौगोलिक दृष्टि से विविधता लिए हुए है । यह देश कई धर्मों एवं कई संस...

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नेपाल, निर्वाचन और निम्न जनता : बसन्तकुमार विश्वकर्मा

0 April 28, 2017

जनता को चिढ़ाकर एवं राजनीतिक दल को रुष्ट बनाकर कहीं का लोकतंत्र महान नहीं बना है । अतः जालझेल की राजनीति से आगे बढ़कर संवैधानिक विवाद को मिटाने के लिए...

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अंतशुल्क के कारण बंद हो रही है जूटमिल

0 April 28, 2017

एक समय ऐसा था, जब नेपाल के औद्योगिक नगरी विराटनगर में दर्जनों जूटमिल निर्वाध रूपसे संचालन में थी । नेपाल भारत के हजारों लोग इन मिलों में काम करते थे ।...

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चुनाव : स्वीकार या बहिष्कार ?-नवीन मिश्रा

0 April 23, 2017

प्रधानमन्त्री प्रचंड सत्ता में रहते हुए ही चुनाव कराना चाहते हैं, जबकि इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा राज्यों के पुनर्सीमांकन का है । यह कार्य किसी भी हा...

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दक्षिणपंथ की हवा और नेपाल : कुमार सच्चिदानन्द

0 April 20, 2017

इस उपेक्षित और मुख्यधारा से कटे लोगों के प्रति इनके नेताओं द्वारा समय–समय पर जो वक्तव्य उभर कर सामने आए हैं उसे आपत्तिजनक ही नहीं बल्कि घोर निन्दनीय भ...

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डॉ.राउत की पिछले ६० दिनों की हिरासत यात्रा पर एक नजर -रोशन झा

0 April 19, 2017

सप्तरी स्वतन्त्र मधेस, लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्था और शान्तिपूर्ण एवं अहिंसात्मक मार्ग द्वारा आजादÞी अभियान चला रहे स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन के संयोजक डा...

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मधेश को अलग करने की जुरअत की तो अलगाववादी को बल मिलेगा : राजेन्द्र महतो

0 April 17, 2017

राजेन्द्र महतो, काठमांडू, १६ अप्रैल | विगत में मोर्चा के साथ हुए सारे समझौते को दरकिनार कर कथित तीन बड़ी पार्टियों ने त्रुटिपूर्ण संविधान जारी किया । य...

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दूर्भाग्य है कि आलु मंत्री दूसरे गृह मंत्री को स्पेस ही नहीं दे रहा है : बिम्मी शर्मा

0 April 11, 2017

बिम्मी शर्मा , वीरगंज, ११ अप्रिल | (व्यग्ँय) आलु को हम सभी ने देखा, खरीदा और खाया ही है । बिना आलु के सब्जी सब्जी जैसी नहीं हो पाती । आलु खुद ही एक सब...

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क्या आवश्यक पूर्वाधार और मधेश को नकार कर चुनाव सम्भव है ?

0 April 4, 2017

जिस चुनाव में मधेसी का विरोध हो उस चुनाव की सफलता असफलता का विचार किये बिना चुनाव की मिति घोषणा करना कितना उपयुक्त कदम ? जनता अपने अधिकार के प्रति जाग...

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नारी की नाजुक अवस्था – संगीता ठाकुर

0 April 4, 2017

हम पीडि़त हंै, घर पीडि़त है, जग पीडि़त है । जब तक हम पीडि़त हैं, तब तक एक राष्ट्र ही नहीं संपूर्ण विश्व पीडि़त है और रहेगा । कभी–कभी हमारे अन्दर अनेक ...

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यूँ ही कोई वेवफा नहीं होता:डा. पुष्पज राय ‘चमन’

0 April 4, 2017

प्रश्न उठता है कि क्या सीके राउत के विचार के सामने राज्य इतना निरीह और निरुत्तर हो गया है कि उसका दमन ही एक मात्र रास्ता सूझा । क्या राज्य के पास इतनी...

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राष्ट्रीय महिला आयोग राजधानी तक ही सीमित हैं : डॉ.रिना यादव

0 April 1, 2017

हमे पूर्ण विश्वास है कि देश में सामान्य लोकतंत्र स्थापित हो जाने के बाद राजधानी में रहने वाली शिक्षित, सम्पन्न, सशक्त मुस्लिम महिलाओं की भांति तराई की...

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बदलते परिवेश में नेपाली नारी

0 April 1, 2017

नारी शिक्षा का व्यापक प्रसार भले ही हमारे देश में न हुआ हो, गहन अध्ययन के मार्ग अवश्य खुले हैं । शिक्षा ने हमें गहराई से छुआ । महिलाएं हर क्षेत्र में ...

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मुसलिम महिला के लिए कोटा की व्यवस्था हो :मोहना अंसारी

0 April 1, 2017

मुस्लिम समुदाय देश का तीसरा बड़ा धार्मिक समूह है । मुस्लिम का ज्यादा बसोबास तराई–मधेश में है । सन् २०११ की जनगणना के अनुसार ९७ प्रतिशत तराई–मधेश में ओ...

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राजनीति में आरक्षण की व्यवस्था हो : सरवत आरा खानम

0 April 1, 2017

मुस्लिम महिलाओं की अनेक समस्याएं हैं । लोकतन्त्र के पश्चात् तो इन समस्याओं ने नये आयाम धारण कर लिए हैं । खासकर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों म...

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नेपाल में मुस्लिम महिला की अवस्था : साधना यादव ‘विराजी’

0 April 1, 2017

नेपाल के सन्दर्भ में अगर बात की जाय तो मुस्लिम धर्मावलम्बी की जनसंख्या वि.सं. २०६८ की जनगणना के अनुसार ११,६४२५५ है । इसे प्रतिशत में परिणन करना हो तो ...

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कन्या विद्यालयों की व्यवस्था हो – सीमा खान

0 April 1, 2017

इक्कीसवीं सदी के नेपाली समाज में मुस्लिम महिलाएं हर क्षेत्रों में पिछड़ी हुई है । हां, नीति निर्माण के क्षेत्रों में किसी–किसी की पहुँच हो गई है, जिसे...

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तालीम की रोशनी ज्यादा से ज्यादा फैलाई जाए रेखा शाह

0 April 1, 2017

मुस्लिम महिला, कुल मिलाकर दूसरे समाज की महिलाओं से बहुत पीछे हैं । इसका कारण यह है कि नेपाली मुसलमानों का एक बहुत बड़ा वर्ग अनपढ़ है । अब भी बहुत से ख...

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सामाजिक रीति–रिवाज महिलाओं के अधिकारों को अप्रभावी बना देते हैं – मो. जाहित परवेज

0 April 1, 2017

महिलाओं की हीन, स्थिति की दृष्टि से जब हम मुस्लिम समुदाय पर दृष्टिपात करते हैं तो हमें गोरखा और कपिलवस्तु जिला अचानक अपनी ओर खींच लेता है । कहने का आश...

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मुस्लिम महिला लोकतांत्रिक अधिकार चाहती है – चुन्नी खातुन ‘सोनिया’

0 April 1, 2017

वर्तमान परिवेश में मधेशी, दलित, जनजाति तथा हिमाल, पहाड़ की जनजाति एवं दलित महिलाएं सदियों से उत्पीडि़त, उपेक्षित एवं शोषित हैं । उनकी सामाजिक, आर्थिक ...

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मुस्लिम महिलाएँ क्यों पिछड़ी हुई है ? क्या हो सकता है इसका समाधान ?

0 April 1, 2017

मुस्लिम महिलाओं ने पढ़ना–लिखना प्रारम्भ कर दिया है । यद्यपि शिक्षा की गति बहुत धीमी है, तथापि महिलाओं ने शिक्षा के महत्व को अनुभव कर लिया है । कुछ महि...

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मुस्लिम महिला को उनके समाज ने इन्सान नहीं समझा : सीमा विश्वकर्मा

0 April 1, 2017

मुस्लिम समाज में अनुसंधान के दौरान यह देखा गया कि वे लोग फैमिली प्लानिंग नहीं करते हैं । सन्तानें जितनी हों, उन्हें अल्लाह की देन समझते हैं । इसके फाइ...

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नारी गौरव है : अंशु झा

0 April 1, 2017

विडम्बना तो देखिये ! इतने दायित्वों को जो नारियां एक साथ निभाती उस परिवार में घुल–मिल कर रहती है और उसी नारी को अगर मां बनने में थोड़ा सा समय लग गया अ...

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मधेश आंदोलन पहचान की लड़ाई

0 March 31, 2017

‘होनहार बिरवान के, होत चिकने पात’, बचपन से ही रचनात्मक सोच रखने वाले आलोक कुमार शुक्ल का जन्म कपिलवस्तु के एक छोटे से गाँव बरकुल में हुआ ।’ फिल्म एण्ड...

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मधेश का धधकता खेत खलिहान : बाबुराम पौड्याल

0 March 30, 2017

असल में कौन सा दल सिंहदरवार में है और कौन से दल के आन्दोलन में कितना बड़ा जमावड़ा था, इसका लेखाजोखा करने की बजाय हमारी शासन प्रणाली और हमारे आचरण एक द...

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मधेश की मिट्टी में क्रांति के बीज स्वतः प्रस्फुटित होते हैं : श्वेता दीप्ति

0 March 29, 2017

क्या प्रहरी का काम सिर्फ नेताओं को सुरक्षा देना है ? क्या प्रहरी या प्रशासन सिर्फ समुदाय विशेष के लिए है ? वैसे पिछले आन्दोलन में सद्भावना अध्यक्ष महत...

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वो ‘शक्ति’ जो नई शक्ति नहीं बन सकी : लीलानाथ गौतम

0 March 27, 2017

तकरीबन ५ लाख सदस्य–संख्या इकठ्ठा कर पार्टी घोषणा किया गया है, ऐसा दावा करनेवाला नया शक्ति पार्टी की वास्तविक हालात हाल ही में सम्पन्न विद्यार्थी संगठन...

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सप्तरी का संहार : आखिर कौन जिम्मेदार ? – कुमार सच्चिदानन्द

0 March 26, 2017

‘चित्त भी मेरी और पट भी मेरी’ की नीति के तहत आगे बढ़ने से ऐसी दुर्घटनाएँ तो होती ही रहेंगी । राजनीति करने वालों का रंग तो छिपकिली की तरह होता है जो कि...

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यात्रा मुक्तिनाथ की

0 March 22, 2017

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय नियात्रा जीवन को ताजगी, स्फूर्ति और आनंद से भरने का एक ऐसा माध्यम है, जिसमें नियात्री को विभिन्न स्थलों की यात्रा करने, वहाँ के ...

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बिनु हरि भजन न जाहि कलेसा

0 March 22, 2017

रवीन्द्र झा ‘शंकर’ शान्ति किसे नहीं चाहिए ? सभी तो अशान्त है, बेचैन है, व्याकुल है, दुखिया हंै । किसी को इस बात का दुख है तो किसी को उस बात का दुख, आज...

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हर बात को भूलो भले, माँ बाप को मत भूलना…… कलाकार प्रफूल्ल सिंह

0 March 17, 2017

कलाकार प्रफूल्ल सिंह उर्फ फूल सिंह, १४ मार्च |  हर बात को भूलो भले, माँ बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों हैं, इस बात को मत भूलना भारत और पड़ोसी राष्ट्...

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ओली एंड कंपनी को मधेश और मधेशी से एलर्जी है : प्रदीप यादव

0 March 17, 2017

प्रदीप यादव, अध्यक्ष, पर्सा,संघीय समाजवादी फोरम नेपाल, १७ मार्च | संघीय समाजवादी फोरम नेपाल पर्सा के अध्यक्ष प्रदीप यादव अपने स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए ...

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तीन देवियां कब तक मूर्ति मानव बन कर रहेंगी ? बिम्मी शर्मा

0 March 15, 2017

तीन देवियां कब तक मूर्ति मानव बन कर रहेंगी ? कब उतरेगी अपने सिंहासन से और देश के नागरिकों का मन जितेंगी । यह मिट्टी या पत्थर की पिंड़ तो नहीं है, तो द...

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संवैधानिक संकट में फंसता नेपाल : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 March 5, 2017

देश की युवा शक्ति विदेश पलायन कर रही है । रोजगार का अवसर सरकार मुहैया नहीं कर पा रही । रेमिट्यान्स की अपेक्षा पर देश के विकास की दौड़ तेज नहीं हो सकती...

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मेरी पश्चिम नेपाल की यात्रा

0 March 3, 2017

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय विगत नवंबर महीने में जब ज्योतिर्लिङ्ग रथ यात्रा सुदूर पश्चिम से पूर्व झापा जिले तक के लिए संचलित हो रही थी, तब मुझे भी एक पत्रका...

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देश का प्रतिष्ठित उधोगपति बनने का ख्वाब

0 March 3, 2017

अपने पिता के समय में ५ कर्मचारी रख कर शुरु किए गए खाद्यान्न के व्यवसाय को बेटे सुवोध कुमार गुप्ता ने बढ़ा कर उस व्यवसाय को सौ से ज्यादा को रोजगार देने...

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नेपाल का संसार, बीरगंज भंसार : मुरली मनोहर तिवारी

0 February 26, 2017

उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु, बीरगंज भन्सार कार्यालय ने अनलाइन सेवा शुरु कर दिया है । अनलाइन डिजिटल प्रणाली द्वारा सामानों का जांचपास किया जा रहा है । मु...

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मधेशी मुद्दों के पीछे विद्रोह की ताकत और शहादत की कहानी है : कुमार सच्चिदानन्द

0 February 24, 2017

आज देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है कि एक विखण्डनवादी प्रवृत्ति भी धीरे–धीरे देश के दक्षिणी भाग में पांव पसार रही है और ऐसी सभाओं में जनसहभागिता बढ़ती...

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सीके राउत को गिरफ्तार करके देश बचाने की वकालत की जा रही है : श्वेता दीप्ति

0 February 22, 2017

जब भी देश किसी निर्णायक मोड़ पर होता है और जनता की आंखें किसी परिणाम की उम्मीद करती है, तो एक सोची समझी नीति के तहत सत्ता ऐसा कदम उठाती है कि, जनता का...

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पंचायत से लोकतंत्र तक का सफर कितना बदला नेपाल ? नवीन मिश्रा

0 February 18, 2017

संविधान तो बन गया है लेकिन अभी इसके सभी पक्षों का कार्यांवयन नहीं हो सका है । मधेशियों को राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक रूप में नेपाल की मूल धारा में न...

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मधेश एक प्रयोगशाला : रणधीर चौधरी

0 February 17, 2017

  मधेशी जनता आज से ६० साल पहले भी नागरिकता के लिए लड़ते थे और आज भी नागरिकता के लिए अपना लहु बहा रहे सीके को अगर थोड़ी छूट दे दी जाती है तो स्थायी सत्...

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साहित्यकार के नाम से परिचित होना चाहता हूं-निर्मलकुमार रिमाल

0 February 16, 2017

कभी–कभी किसी एक व्यक्ति में ही कई सारी खूबियां शामिल हो जाती हैं । इस हालत में उसे कोई एक विधा से जानना या परिचित कराना असम्भव सा लगता है । एक ऐसी ही ...

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चुनाव की घोषणा ही एक मात्र विकल्प

0 January 29, 2017

पुण्य गौतम ‘विश्वास’ एक राजनीतिज्ञ के साथ–साथ लेखक भी हैं । और एक प्रखर वक्ता के रूप में भी उन्हें जाने जाते हैं । गौतम का राजनीतिक जीवन आरोह–अवरोध रह...

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जारी है द्वन्द्व की राजनीति का काला युग : कुमार सच्चिदानन्द

0 January 25, 2017

आज जो देश में अनिश्चितता देखी जा रही है उसका मूल कारण व्यापक राजनैतिक द्वन्द्व और राजनैतिक अन्तर्संघर्ष है । यह सच है कि समय बदला, राजनैतिक परिस्थितिय...

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कैसी शिक्षा ? किसके लिए ?

0 January 23, 2017

विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’ लोकतन्त्र पुनस्र्थापना के बाद यह प्रश्न कितना विचित्र लगता है । उत्तरदायी कौन ? शिक्षक ? शिक्षाविद् ? देश के नेता या फिर ...

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जरुरत है थारु, मधेसी, आदिवासी जनजाति एकता की

0 January 23, 2017

क्षमता होते हुए भी नेपाल के थारु, मधेसी, आदिवासी जनजाति देश के निर्णायक स्तर पर तो क्या थोड़ी सी भी “उच्च स्तर“ पर नही पहुँच सकते  कुछेक परिवार और उनके...

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स्वर्ग से सुंदर स्वर्गद्वारी

0 January 21, 2017

सीमा नेपाल के पश्चिमी पहाड़ी इलाकों के बारे में चर्चा–परिचर्चाएं होते हुए सामान्यतः हम नहीं पाते हैं । लेकिन यहीं कई जगह ऐसे भी है जो ऐतिहासिक और धार्म...

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प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है नेपाल

0 January 21, 2017

  नेपाल के पोखरा सहित पूर्वाचल नेपाल के कई पहाड़ी वादियाें में हिन्दी फिल्म शुटिंग के लोकेशन हन्टींग के लिए बिराटनगर पहूँचे बालिउड के नये एक्सन हि...

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कुसंग से होता है व्यक्ति का नाश

0 January 17, 2017

भगवत गीता के इस दृष्टान्त से यह शिक्षा मिलती है कि श्रेष्ठ व्यक्ति भी कुसंगत से पाकर नष्ट हो जाता है । गीता में भगवान् कहते हैं– ‘अपने द्वारा अपना संस...

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छानबीन आयोग, कर्मकाण्डी साबित न हो ? -रणधीर चौधरी

0 January 14, 2017

एक प्रश्न है जो मेरे मन मे बार–बार उठता आ रहा है । क्यों इस आयोग ने मधेश के जिलों में एक भी हेल्प डेस्क नही रखा उजुरी संकलन के लिये ? क्या मधेश मे इन्...

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२०वें वर्ष में प्रवेश करती हिमालिनी : आज की आवाज, सबकी आवाज

0 January 9, 2017

आसान नहीं था हिमालिनी का बीस वर्षों का सफर, समय था राजतंत्र का, जहाँ आपके शब्दों पर पहरे थे, आपकी भावनाएँ और अभिव्यक्ति को व्यक्त करना सहज नहीं था, ऐस...

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