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न जाने क्यूँ

0 September 22, 2017

राघवेन्द्र झा कभी बरसात की चुभन कभी धुप की तपन न जाने क्यूँ आजकल मौसम बेगाना लगता है ।। कभी ठण्ढक से रूबरू कभी पसीने की बदबु न जाने क्यूँ आजकल हर एहसा...

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मृत्यु क्या है ?

0 September 22, 2017

मृत्यु क्या है ? कुछ उदाहरणों के द्वारा इसे समझने का पयत्न करेंगे । मृत्यु के उपरान्त तेरहवें दिन सभी लोग एकत्र होते है तो उसे लोक में शोकसभा कहा जाता...

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आखिर कौन हैं रोहिंग्या मुसलमान ?

0 September 22, 2017

म्यांमार में दस लाख के करीब रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं । यह कौम आजकल भीषण मानवीय त्रासदी से जूझ रहा है, एक पूरी कौम को उस देश से बेदखल किया जा रहा है ...

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राजनीति में ईमानदारी होनी चाहिए : कैलाश महतो

0 September 22, 2017

कैलाश महतो राजनीति में ईमानदारी होनी चाहिए । मगर ‘हमेशा ईमानदार होना हानिकारक होता है’(मैकियावेली प्रिन्स पुस्तक) । तकरीबन चालीस हजार रोहिंग्या मुसलमा...

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दो नम्बर प्रदेश और चुनावी बयार-डॉ. श्वेता दीप्ति

0 September 18, 2017

एमाले ने राष्ट्रवाद के नाम पर जो जख्म मधेश को दिया है वो मधेश भूला नहीं है दो नम्बर प्रदेश यानि मधेश, फिलहाल चुनावी रंग से सराबोर है । मधेश का चुनाव च...

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ये जनता है, सब जानती है और मधेश भावुक हो सकता है पर मुर्ख नहीं : श्वेता दीप्ति

0 September 5, 2017

  पहाड़ का दर्द भी अलग नहीं है |(सम्पादकीय ) हिमालिनी, अगस्त अंक | प्रकृति की मार ने रुह को सर्द कर दिया है । कमजोरियों और खोखली व्यवस्थाओं के पोल खुल...

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एक बार साँसद जरुर बन जाना पूरी जिन्दगी का बेड़ा पार हो जाएगा : सुरभी

0 September 5, 2017

सुरभी : (फिर एक दिल टूटा ) आज फिर एक दिल टूटा, ओह गलती हुई दल टूटा कुछ इधर गिरा कुछ उधर गिरा बस अब थापा और राणा को टुकडेÞ बटोरने की देर है । कभी कभी त...

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डोकलाम विवाद : चीन कीबढ़ती आकांक्षाओं पर लगाम : कुमार सच्चिदानन्द

0 September 3, 2017

भारत और चीन के बीच भुटान के डोकलाम को लेकर तनाव शिखर पर है और एक अशाँति का साया समस्त एशिया पर मँडरा रहा है । दोनों ही देशों के बीच वाक्युद्ध तेज है औ...

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मधेश एक खिलौना ! जब जी चाहा मौत बाँट दी,याद आया तो गले लगा लिया : श्वेता दीप्ति

0 August 31, 2017

बीस वर्षों से अगर मधेश स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के बगैर चला है तो कुछ वर्ष और सही । वैसे भी ये प्रतिनिधि क्या कर रहे हैं उसका नमूना तो अब से दिखन...

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मोक्ष के हेतु भूतनाथ भगवान शंकर की आराधना : रविन्द्र झा “शंकर”

0 August 29, 2017

प्राचीन काल में एक राजा था, जिनका नाम था इन्द्रद्युम्न, वे बड़े दानी, धर्मज्ञ और सामथ्र्यशाली थे । धनार्थियों को वे सहस्र स्वर्णमुद्राओं से कम दान नही...

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बाढ़ की विभीषिका

0 August 29, 2017

हिमालिनी डेस्क बाढ की विभीषिका से प्रतिवर्ष हजारों–लाखों लोग हताहत होते हैं । समय–असमय दस्तक देते इस आपदा से बड़े पैमाने पर जान–माल की हानि होती है । ...

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योगः विद्वद्वर्ग के लिए अपरिहार्य है : डॉ. सुबोध शुक्ला

0 August 23, 2017

डॉ. सुबोध शुक्ला … हमारे पूर्वीयदर्शन का उद्गम स्थल, विचारस्रोत,आस्था एवं श्रद्घा का केन्द्र साक्षात्कृतधर्म मन्त्रद्रष्टाऋषियों द्वारा प्रतिपाद...

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धान दिवस की सार्थकता : लिलानाथ गौतम

0 August 20, 2017

लिलानाथ गौतम नेपाल कृषि प्रधान देश है, धान को ही यहां प्रमुख खाद्यान्न माना जाता है । तथ्यांक  के अनुसार धान, गेहूँ, मकई, मड़वा, जौ, फापर आदि कुल खाद्...

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योग–चाहे सबकी खैर : नरेन्द्र दूबे

0 August 20, 2017

नरेन्द्र दूबे कला का वरदान केवल मनुष्य को मिला है । यदि कोई व्यक्ति एकाध कला में ही निपुण या प्रवीण हो जाये तो उसका जीवन सार्थक और सफल माना जाता है । ...

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दार्जिलिंग क्षेत्र में गोरखालैंड की मांग सौ साल से भी ज्यादा पुरानी है : प्राची शाह

0 August 18, 2017

दार्जिलिंग और गोरखालैंड आन्दोलन प्राची शाह , दार्जिलिंग भारत के राज्य पश्चिम बंगाल का एक नगर है । यह नगर दार्जिलिंग जिले का मुख्यालय है । यह नगर शिवाल...

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विष के चक्रव्यूह में फंसता मानव जीवन : देवेश कुमार मिश्र

0 August 8, 2017

देवेश कुमार मिश्र, नेपालगंज | किसी भी जीवित प्राणी के लिए भोजन, हवा, और पानी अपरिहार्य आवश्यकता है । इसी तरह मानव के लिए भी इन आधारभूत आवश्यकताओं के प...

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क्या होगा देश का अगला परिदृश्य ?-डॉ. श्वेता दीप्ति

0 August 7, 2017

जिनका खून आज दार्जिलिंग के लिए खौलता है उन्हें अपनी ही मिट्टी की माँग विखण्डनकारी लगती है सबसे महत्तवपूर्ण प्रश्न यह है कि मधेश के मुद्दों को लेकर जो ...

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दूसरे चरण का चुनाव सम्पन्न : माहोल कहीं खुशी और कहीं गम

0 July 24, 2017

श्वेता दीप्ति, कहीं खुशी, कहीं गम, सम्पादकीय (जुलाई अंक ) बारिश का मौसम इंतजार का मौसम होता है । कृषक इसका इंतजार करते हैं, अच्छी उपज के लिए और आम जन ...

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स्वस्थ होने के बाद भारतीय विदेश मंत्री स्वराज की पहली विदेश यात्रा नेपाल

0 July 23, 2017

काठमांडौ सावन ८ गते भारतीय विदेशमन्त्री सुषमा स्वराज इसी महीने के अन्त तक नेपाल आ रही हैं । सावन २६ और २७ में नेपाल में होने वाले बिमस्टेक विदेशमंत्री...

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साजिश मधेश मुद्दा असफल करने की : कैलाश दास

0 July 23, 2017

मधेश मुद्दा को कमजोर और असफल करने में काँग्रेस, एमाले, माओवादी और संघीय समाजवादी फोरम नेपाल (उपेन्द्र यादव) का सबसे बडा षड़यन्त्र है । निर्वाचन से मधे...

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आज फिर : पूजा गुप्ता

0 July 22, 2017

आज मैं फिर से अपने गमों से मुब्तला हो रही हूँ , खुद से खुद की पहचान खो रही हूँ , कुंठित मन के गलियारे में अपने अहजानों को कन्धे पे उठाए बीती यादों के ...

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नियमों पर दृढ विश्वास

0 July 21, 2017

मनुष्य के लिए शिक्षा का महान् महत्व है, उसके धारण और आचरण का भी महान महत्व है । अतः किसी भी प्रकार की शिक्षा की बात कही जाये, यदि उसके सुनने के साथ ही...

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नेपाली शिक्षा पद्धति ब्लैक बोर्ड से ऊपर नहीं उठ पाई है : साधना यादव

0 July 21, 2017

गणित व विज्ञान विषयों को हमारी शिक्षा पद्धति ने बोझ बनाकर रख दिया है । इन विषयों को बच्चों की बौद्धिक क्षमता से जोड़कर देखना ठीक नहीं होगा । प्राथमिक ...

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सरकार को उठाना होगा कारगार कदम-सीमा विश्वकर्मा

0 July 21, 2017

सरकार द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्रि के लिए विद्यालय के बजाय अन्य एजेन्सियों का चयन, समय पर पुस्तक उपलब्ध कराना तथा शिक्षकों को समय पर वेतन देना आदि कुछेक...

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स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाए-विष्णुप्रसाद पाण्डेय

0 July 21, 2017

विष्णुप्रसाद पाण्डेय, शिक्षाविद् बुटवल एसईई परिणाम ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खडा कर दिया है । आखिर खराब परिणाम के दोषी कौन हंै– सरकार, बोर्ड, शि...

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आधारभूत संरचनाओं के बिना बदलाव सम्भव नहीं : डॉ.रीना यादव

0 July 21, 2017

स्कूलों में शिक्षकों की कमी सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के बिना शैक्षणिक बदलाव सम्भव नहीं है । देश भर के स्कूलों में शिक्षकों का घोर अभाव है । हाई स्कू...

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अध्ययन, अध्यापन की समीक्षा आवश्यक : पी.आर. पंत

0 July 21, 2017

चूक के बाद हाय तौवा तो मचती है, लेकिन समय के साथ अब सब कुछ बिसरा दिया जाता है । नेपाल में शिक्षा से लेकर प्रशासन व राजनीतिक तक यही होता आ रहा है । बतौ...

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“संरक्षण” पिक्चर अभी बाकी है-स्नेहा झा

0 July 14, 2017

‘सिक्किम दुख्छ, दार्जिलिङ दुख्छ तर आफ्नै देशको मधेश दुख्दैन’ ‘सिक्किम दुख्छ, दार्जिलिङ दुख्छ तर आफ्नै देशको मधेश दुख्दैन ।’ फेसबुक पर आजकल ये डायलाग ब...

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मधुश्रावणी व्रत एवं अग्नि परीक्षा:अंशु झा

0 July 14, 2017

पति की लंबी आयु व अखण्ड सौभाग्य की कामना हेतु स्त्रियां यह तेरह दिवसीय व्रत करती हंै, परन्तु उसे अंतिम दिन अग्नि परीक्षा देनी पड़ती है । तेरह दिवसीय म...

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काठमांडू– पर्यटक की दृष्टि से

0 July 11, 2017

देश की राजधानी होने पर भी काठमांडू से मेरा वास्ता २४ वर्ष की उम्र में उस वक्त हुआ जब मैं दिल्ली में सेवारत था और एक पर्यटक के रूप में काठमांडू आया था ...

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हाई स्कूल में कैरियर का अन्तिम चुनाव करना होता है : प्राची शाह

0 July 11, 2017

बारहवीं की परीक्षा समाप्त हो चुकी है और इसके साथ ही छात्र तथा उनके माता पिता इस सोच में लग गए हैं कि अब आगे क्या करना है । यह परेशानी स्वाभाविक है क्य...

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तनाव का आयुर्वेदिकयवस्थापन-रामदेव पंडित

0 July 11, 2017

तनाव शब्द को परिभाषित करना कठिन है । तनाव को वस्तु,यक्ति एवं परिस्थितियों के तहत परिभाषित किया जाता है । सामान्य रूप में इसे असहज रिक्तता के रूप में ल...

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स्वास्थ्य दाँतों की देखभाल: जगन्नाथ यादव

0 July 11, 2017

दाँतो को स्वस्थ्य रखने हेतु इन सब बातों पर ध्यान देना होगा । दाँत को दिन में दो बार ब्रश करना ः आपको ब्रश दिन में दो बार खाना के बाद कम से कम दो मिनट ...

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आषाढ़ की पूर्णिमा ही क्यों है गुरु पूर्णिमा ?

0 July 9, 2017

काठमांडू, ९ जुलाई | हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा रविबार ९ जुलाई को मनाया जा रहा है इसे व्यास पूजा भी कहते हैं । व्यास म...

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शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयासरत हैं : डा.सावित्री मैनाली

0 July 9, 2017

पढ़ने वाले छात्रों के लिए विश्व में प्रचलित परीक्षा प्रणालियों में सेमेस्टर प्रणाली सबसे बेहत्तर प्रणाली है । त्रिभुवन विश्वविद्यालय में वि.सं. २०३० स...

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शुद्ध और अच्छी हिन्दी कैसे लिखें ?

0 July 5, 2017

वाक्यगत अशुद्धियां वाक्य, भाषा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई होती है । अतः लिखने या बोलने के समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे द्वारा जो कुछ लिखा या क...

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वृद्ध भत्ता मछली फंसाने का चारा : बिम्मी शर्मा

0 July 5, 2017

वृद्ध भत्ता नेकपा एमाले के लिए वह दूधारु गाय है जो वह हर निर्वाचन में दूह कर जीतना चाहता है । ०४६ साल में देश में बहूदलीययवस्था आने के बाद नेकपा एमाले...

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आखिर क्या है राष्ट्रवाद ?

0 July 4, 2017

राष्ट्रवाद एक जटिल, बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें अपने राष्ट्र से एक साझी साम्प्रदायिक पहचान समावेशित है । यह एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में अभिव्यक्त...

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ग्रामीण आधी आबादी की तस्वीर : सीमा विश्वकर्मा

0 July 3, 2017

सीमा विश्वकर्मा नेपाल गांवों का देश है जहां ग्रामीण आधी आबादी की दशा अत्यन्त शोचनीय है । ग्रामीण समाज में पुरुष की सत्ता सर्वोपरि होती है । पिछड़े और ...

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चुनौतियों से घिरी देउवा सरकार

0 July 2, 2017

अनुमानतः छः लाख नेपाली नागरिक कतार में हैं जिनका भविष्य फिलहाल अँधेरे में है । इस ओर सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है । श्वेता दीप्ति,(सम्पाद...

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काठमांडू, निकाय चुनाव २०७४ पर्यवेक्षण में जो देखा

0 July 1, 2017

१४ मई, २०१७ को चिरप्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनाव कराने की घोषणा से पूरे देश में हलचल बढ़ गई । कुछ दलों को छोड़कर कथित छोटी–बड़ी पार्टियां उम्मीदवारों ...

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बहुत जल्द टूटेगा मधेश का चक्रव्यूह : मुकेश झा

0 June 27, 2017

नेपाल के राजनैतिक महाभारत में मधेश के विरुद्ध सत्ताधारियों के द्वारा उसी तरह की चक्रव्यूह निर्माण किया गया है, जिसको तोड़े बगैर मधेश का स्वाभिमान और अ...

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बदलते राजनैतिक मूल्य और मधेशमार्गी दल : कुमार सच्चिदानन्द

0 June 25, 2017

विगत कुछ वर्ष राजनैतिक दृष्टि से मधेश के लिए नकारात्मक रहा क्योंकि इस अवधि में इसने अनेक कुरूपताओं को देखा, चरम स्वार्थपरकता देखी, सत्ता और अवसरों का ...

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योग योगासन, भ्रांति और सच्चाई

0 June 21, 2017

सदगुरु आचार्य श्री स्वामी ध्रुव जी वर्तमान समय में योगासन के अत्यधिक प्रचार–प्रसार के बाद आमतौर पर हममें से ज्यादातरयक्ति कभी भी, किसी से, कहीं भी योग...

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देउवा के अच्छे दिन बारह वर्षों बाद आए हैं, नेपाल के अच्छे दिन कब आएँगे ? श्वेता दीप्ति

0 June 16, 2017

किस्तों में बँटी राजनीति, नई किस्त देउवा के नाम – श्वेता दीप्ति वैसे देउवा के अच्छे दिन बारह वर्षों के बाद आए हैं देखना यह है कि नेपाल के अच्छे ...

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नेपाल और देवगढ़ का पारिवारिक सम्बन्ध : जितेन्द्र कुमार सिंह

0 June 15, 2017

सोनभद्र जनपद के प्रचीन राज्य अगोरी–बड़हर से निर्गत ताल्लुक देवगढ़ और नेपाल के प्राचीन राज्य कान्तिपुर के मध्य पारिवारिक सम्बन्ध रहा है । इस सम्बन्ध मे...

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सेमेस्टर प्रणाली अधिक स्तरीय शिक्षा प्रदान करती है : डॉ. मीना वैद्य मल्ल

0 June 15, 2017

प्रो.डॉ. मीना वैद्य मल्ल, काठमांडू | त्रिभुवन विश्वविद्यालय में वि.सं. २०७० से लागू हुई है, सेमेस्टर प्रणाली । शुरुआती दौर में यह प्रणाली सिर्फ विश्वव...

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‘सुख’ सम्पन्नता का मोहताज नहीं

0 June 15, 2017

धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य शरीर सर्वेश्वर की सर्वोत्कृष्ट कृति है । भगवान ने मनुष्य को दस इन्द्रियां एक मन और बुद्धि देकर सर्वगुण सम्पन्न ...

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वो आए, मिले और चले गए

0 June 14, 2017

विजय महासेठ ‘वो आए मिले और चले गए” जी हां मित्रों यह शीर्षक है तत्कालीन लोकप्रिय हिन्दी समाचार माध्यम BBC का । वैसे समय का सही सही अंदाजा नहीं है मुझे...

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मसीहा की महायात्रा और मधेशी राजनीति

0 June 14, 2017

हरेक युवा को चोट पहुँची है जिन्होंने मधेश का सकारात्मक काया पलट का सपना अपने आँखो में संजो के रखा था उपेन्द्र जी की अभिव्यक्ति जो बार–बार मधेशियो के ल...

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लुम्बिनी यात्रा

0 May 26, 2017

लुम्बिनी का नाम लेते ही हमारे सामने शांत मुद्रा में बैठा एक करुणामय मूर्ति का चित्र प्रकट होता है । वह मूर्ति किसी अन्य का न होकर राजसी सुख–सुविधा को ...

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बेटी–विदाई मिथिलांचल की

0 May 26, 2017

बड़ रे जतन से सियाजी के पोसलों से हो सिया राम लेने जाय ।’ मिथिला की बेटी की विदाई के वक्त यह गम अपनी चरमावस्था में होता है । यह बात अलग है कि शहरों की...

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मौजूदा नीति, तिथि और सहमति का चुनाव, सफल होगा ?-मुकेश झा

0 May 26, 2017

भले ही सरकार और निर्वाचन आयोग कितनी भी बड़ी–बड़ी बातें कर ले, प्रशासन के बल पर सेना लगाकर निर्वाचन संपन्न करा ले, लेकिन इस निर्वाचन को सफल निर्वाचन नह...

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नेपाली समाज–संरचना के परिप्रेक्ष्य में दलित वर्ग

0 May 25, 2017

एक ही प्रकार के अथवा बहुत कुछ मिलते–जुलते या समान धर्मवाले व्यक्तियों का समूह अथवा श्रेणी वर्ग कहलाती है (समाजशास्त्र कोश) । एक वर्ग की सामाजिक–आर्थिक...

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सकारात्मक पहल : सफल या विफल ? नवीन मिश्रा

0 May 22, 2017

संविधान संशोधन विधेयक के प्रति शुरु से ही एमाले के विरोधी तेवर रहे हैं । एमाले के अनुसार यह विधेयक विखण्डनकारी है, जिसमें पहाड़ और मधेश को अलग करने की...

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…प्रधानन्यायाधीश और बेचारा गृहमंत्री किस खेत की मूली ? : कुमार सच्चिदानन्द

0 May 20, 2017

वैसे इस देश की राजनैतिक संरचना ऐसी है कि यहाँ तो व्यवस्था बदलने पर भी जनता चूँ नहीं करती तो यह प्रधानन्यायाधीश और बेचारा गृहमंत्री किस खेत की मूली है ...

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राजपा प्रतिबद्ध है, विभेद को हटाकर रहेगी : महन्थ ठाकुर से श्वेता दीप्ति की बातचीत

1 May 17, 2017

मधेश के मुद्दों के साथ राजपा, सरकार से कोई गलत सौदा नहीं करेगी  हमने पहले भी पूरे देश को लेकर चलने की कोशिश की है और आज भी राजपा नेपाल समग्र नेपाल को ...

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व्यवस्थित और समृद्ध सूर्यविनायक मेरा सपना : विष्णुराज कार्की

0 May 11, 2017

देश स्थानीय चुनाव में जा चुका है । पूरे देश में ७४४ स्थानीय निकाय हैं, जहाँ दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं । सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार प्रथ...

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लोकतन्त्र जितना मजबूत होगा, निजी क्षेत्र उतना ही ज्यादा उन्नति करेगा : विष्णु अग्रवाल

0 May 11, 2017

लोकतन्त्र के बाद खुलने वाले निजी बैंक और उद्योग व्यवसाय करने वालों को लगानी के लिए अवसर दिया और इसके कारण बाजार विस्तार में मदद मिली । १९९१ के नेपाल–भ...

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मेरी पश्चिम नेपाल की यात्रा

0 May 6, 2017

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय विगत फरबरी महीने के अंक में मैंने पश्चिम नेपाल की यात्रा का वृत्तांत प्रस्तुत किया था, लेकिन स्थानाभाव के कारण पूरा नहीं लिख पान...

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‘दलित’ शब्द की वास्तविकता

0 May 6, 2017

दलित शब्द उन्नीसवीं शताब्दी के सुधारवादी आंदोलन काल की उपज है । विवेकानंद, एनी वेसेंट तथा रानाडे ने इस शब्द का अनेक बार प्रयोग किया है । वैसे ‘दलित’ श...

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थाली का बैगन

0 May 6, 2017

अस्पताल या स्वास्थ्य चौकी न होने से गांव में लोग बीमार पड़ रहे हैं, अकाल में मर रहे हैं, कोई बात नहीं । अन्न–बाली में कीड़े लगते हैं, खाद्य की कोई व्य...

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