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मधेश की मिट्टी में क्रांति के बीज स्वतः प्रस्फुटित होते हैं : श्वेता दीप्ति

0 March 29, 2017

क्या प्रहरी का काम सिर्फ नेताओं को सुरक्षा देना है ? क्या प्रहरी या प्रशासन सिर्फ समुदाय विशेष के लिए है ? वैसे पिछले आन्दोलन में सद्भावना अध्यक्ष महत...

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वो ‘शक्ति’ जो नई शक्ति नहीं बन सकी : लीलानाथ गौतम

0 March 27, 2017

तकरीबन ५ लाख सदस्य–संख्या इकठ्ठा कर पार्टी घोषणा किया गया है, ऐसा दावा करनेवाला नया शक्ति पार्टी की वास्तविक हालात हाल ही में सम्पन्न विद्यार्थी संगठन...

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सप्तरी का संहार : आखिर कौन जिम्मेदार ? – कुमार सच्चिदानन्द

0 March 26, 2017

‘चित्त भी मेरी और पट भी मेरी’ की नीति के तहत आगे बढ़ने से ऐसी दुर्घटनाएँ तो होती ही रहेंगी । राजनीति करने वालों का रंग तो छिपकिली की तरह होता है जो कि...

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यात्रा मुक्तिनाथ की

0 March 22, 2017

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय नियात्रा जीवन को ताजगी, स्फूर्ति और आनंद से भरने का एक ऐसा माध्यम है, जिसमें नियात्री को विभिन्न स्थलों की यात्रा करने, वहाँ के ...

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बिनु हरि भजन न जाहि कलेसा

0 March 22, 2017

रवीन्द्र झा ‘शंकर’ शान्ति किसे नहीं चाहिए ? सभी तो अशान्त है, बेचैन है, व्याकुल है, दुखिया हंै । किसी को इस बात का दुख है तो किसी को उस बात का दुख, आज...

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हर बात को भूलो भले, माँ बाप को मत भूलना…… कलाकार प्रफूल्ल सिंह

0 March 17, 2017

कलाकार प्रफूल्ल सिंह उर्फ फूल सिंह, १४ मार्च |  हर बात को भूलो भले, माँ बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों हैं, इस बात को मत भूलना भारत और पड़ोसी राष्ट्...

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ओली एंड कंपनी को मधेश और मधेशी से एलर्जी है : प्रदीप यादव

0 March 17, 2017

प्रदीप यादव, अध्यक्ष, पर्सा,संघीय समाजवादी फोरम नेपाल, १७ मार्च | संघीय समाजवादी फोरम नेपाल पर्सा के अध्यक्ष प्रदीप यादव अपने स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए ...

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तीन देवियां कब तक मूर्ति मानव बन कर रहेंगी ? बिम्मी शर्मा

0 March 15, 2017

तीन देवियां कब तक मूर्ति मानव बन कर रहेंगी ? कब उतरेगी अपने सिंहासन से और देश के नागरिकों का मन जितेंगी । यह मिट्टी या पत्थर की पिंड़ तो नहीं है, तो द...

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संवैधानिक संकट में फंसता नेपाल : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 March 5, 2017

देश की युवा शक्ति विदेश पलायन कर रही है । रोजगार का अवसर सरकार मुहैया नहीं कर पा रही । रेमिट्यान्स की अपेक्षा पर देश के विकास की दौड़ तेज नहीं हो सकती...

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मेरी पश्चिम नेपाल की यात्रा

0 March 3, 2017

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय विगत नवंबर महीने में जब ज्योतिर्लिङ्ग रथ यात्रा सुदूर पश्चिम से पूर्व झापा जिले तक के लिए संचलित हो रही थी, तब मुझे भी एक पत्रका...

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देश का प्रतिष्ठित उधोगपति बनने का ख्वाब

0 March 3, 2017

अपने पिता के समय में ५ कर्मचारी रख कर शुरु किए गए खाद्यान्न के व्यवसाय को बेटे सुवोध कुमार गुप्ता ने बढ़ा कर उस व्यवसाय को सौ से ज्यादा को रोजगार देने...

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नेपाल का संसार, बीरगंज भंसार : मुरली मनोहर तिवारी

0 February 26, 2017

उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु, बीरगंज भन्सार कार्यालय ने अनलाइन सेवा शुरु कर दिया है । अनलाइन डिजिटल प्रणाली द्वारा सामानों का जांचपास किया जा रहा है । मु...

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मधेशी मुद्दों के पीछे विद्रोह की ताकत और शहादत की कहानी है : कुमार सच्चिदानन्द

0 February 24, 2017

आज देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है कि एक विखण्डनवादी प्रवृत्ति भी धीरे–धीरे देश के दक्षिणी भाग में पांव पसार रही है और ऐसी सभाओं में जनसहभागिता बढ़ती...

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सीके राउत को गिरफ्तार करके देश बचाने की वकालत की जा रही है : श्वेता दीप्ति

0 February 22, 2017

जब भी देश किसी निर्णायक मोड़ पर होता है और जनता की आंखें किसी परिणाम की उम्मीद करती है, तो एक सोची समझी नीति के तहत सत्ता ऐसा कदम उठाती है कि, जनता का...

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पंचायत से लोकतंत्र तक का सफर कितना बदला नेपाल ? नवीन मिश्रा

0 February 18, 2017

संविधान तो बन गया है लेकिन अभी इसके सभी पक्षों का कार्यांवयन नहीं हो सका है । मधेशियों को राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक रूप में नेपाल की मूल धारा में न...

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मधेश एक प्रयोगशाला : रणधीर चौधरी

0 February 17, 2017

  मधेशी जनता आज से ६० साल पहले भी नागरिकता के लिए लड़ते थे और आज भी नागरिकता के लिए अपना लहु बहा रहे सीके को अगर थोड़ी छूट दे दी जाती है तो स्थायी सत्...

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साहित्यकार के नाम से परिचित होना चाहता हूं-निर्मलकुमार रिमाल

0 February 16, 2017

कभी–कभी किसी एक व्यक्ति में ही कई सारी खूबियां शामिल हो जाती हैं । इस हालत में उसे कोई एक विधा से जानना या परिचित कराना असम्भव सा लगता है । एक ऐसी ही ...

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चुनाव की घोषणा ही एक मात्र विकल्प

0 January 29, 2017

पुण्य गौतम ‘विश्वास’ एक राजनीतिज्ञ के साथ–साथ लेखक भी हैं । और एक प्रखर वक्ता के रूप में भी उन्हें जाने जाते हैं । गौतम का राजनीतिक जीवन आरोह–अवरोध रह...

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जारी है द्वन्द्व की राजनीति का काला युग : कुमार सच्चिदानन्द

0 January 25, 2017

आज जो देश में अनिश्चितता देखी जा रही है उसका मूल कारण व्यापक राजनैतिक द्वन्द्व और राजनैतिक अन्तर्संघर्ष है । यह सच है कि समय बदला, राजनैतिक परिस्थितिय...

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कैसी शिक्षा ? किसके लिए ?

0 January 23, 2017

विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’ लोकतन्त्र पुनस्र्थापना के बाद यह प्रश्न कितना विचित्र लगता है । उत्तरदायी कौन ? शिक्षक ? शिक्षाविद् ? देश के नेता या फिर ...

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जरुरत है थारु, मधेसी, आदिवासी जनजाति एकता की

0 January 23, 2017

क्षमता होते हुए भी नेपाल के थारु, मधेसी, आदिवासी जनजाति देश के निर्णायक स्तर पर तो क्या थोड़ी सी भी “उच्च स्तर“ पर नही पहुँच सकते  कुछेक परिवार और उनके...

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स्वर्ग से सुंदर स्वर्गद्वारी

0 January 21, 2017

सीमा नेपाल के पश्चिमी पहाड़ी इलाकों के बारे में चर्चा–परिचर्चाएं होते हुए सामान्यतः हम नहीं पाते हैं । लेकिन यहीं कई जगह ऐसे भी है जो ऐतिहासिक और धार्म...

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प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है नेपाल

0 January 21, 2017

  नेपाल के पोखरा सहित पूर्वाचल नेपाल के कई पहाड़ी वादियाें में हिन्दी फिल्म शुटिंग के लोकेशन हन्टींग के लिए बिराटनगर पहूँचे बालिउड के नये एक्सन हि...

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कुसंग से होता है व्यक्ति का नाश

0 January 17, 2017

भगवत गीता के इस दृष्टान्त से यह शिक्षा मिलती है कि श्रेष्ठ व्यक्ति भी कुसंगत से पाकर नष्ट हो जाता है । गीता में भगवान् कहते हैं– ‘अपने द्वारा अपना संस...

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छानबीन आयोग, कर्मकाण्डी साबित न हो ? -रणधीर चौधरी

0 January 14, 2017

एक प्रश्न है जो मेरे मन मे बार–बार उठता आ रहा है । क्यों इस आयोग ने मधेश के जिलों में एक भी हेल्प डेस्क नही रखा उजुरी संकलन के लिये ? क्या मधेश मे इन्...

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२०वें वर्ष में प्रवेश करती हिमालिनी : आज की आवाज, सबकी आवाज

0 January 9, 2017

आसान नहीं था हिमालिनी का बीस वर्षों का सफर, समय था राजतंत्र का, जहाँ आपके शब्दों पर पहरे थे, आपकी भावनाएँ और अभिव्यक्ति को व्यक्त करना सहज नहीं था, ऐस...

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हिन्दी प्रेम,मिलन और सौहार्द की भाषा है : श्वेता दीप्ति

0 January 9, 2017

हिन्दी भाषा प्रेम,मिलन और सौहार्द की भाषा है। यह मुख्यरूप से आर्यों और पारसियों की देन है। हिन्दी के ज्यादातर शब्द संस्कृत,अरबी और फारसी भाषा से लिए ग...

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रामदेव की नेपाल यात्रा

0 January 6, 2017

बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की उपलब्धियों को देखने से मीडिया में आए आरोप बेबुनियाद नजÞर आते है । साथ ही नेपाल के हित में विचार किया जाएं तो नेपाल क...

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हिमाल–पहाड़–तराईः एक शरीर है, अलग करेंगे तो कोई भी अंग काम नहीं करेगा

0 January 4, 2017

नेकपा एमाले के नेता तथा पूर्व सामान्य प्रशासनमन्त्री लालबाबु पण्डित, सरल जीवन जीते हैं और उच्च विचार रखते हैं । पण्डित की निजी जीवनशैली और विचार से नि...

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संविधान पर मंडराता संकट : डा. श्वेता दीप्ति

0 January 1, 2017

आन्दोलन देश का था और आक्षेप पड़ोसी पर लग रहा था । आज भी कमोवेश आलम वही है ।  विकास की असंख्य सम्भावनाओं के बावजूद मधेश मे आज कुछ है तो वह है असंतोष, अश...

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‘फास्टट्रैक बनाना छोड़ दिया मगर हमने संविधान बना डाला’

0 December 27, 2016

नया राजनैतिक समीकरण- समय की आवश्यकता एक बात तो निश्चित है कि दलगत राजनीति और अभिजात्यवादी सोच ने इस देश को कहीं का नहीं छोड़ा है । राजनैतिक अधिकारों के...

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नेपाल में बच्चों के मानवाधिकार की मौजूदा दशा

0 December 27, 2016

१,३८,०१५ बच्चों की शादी १० वर्ष से कम उम्र में सन्दर्भः विश्व मानवाधिकार दिवस विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’ आज जब हम अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के...

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संशोधन की राजनीति : रणधीर चौधरी

2 December 25, 2016

ओली  अपने “पड़ोसी मालिक” को खुश करना चाहते थे । ये अलग बात है कि सीमांतकृत वर्गों का स्वार्थ भी उस संशोधन से जुड़ा हुवा था । आज एमाले चाहे जितनी गालियाँ...

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मधेसी युवाओं का अतुलनीय बलिदान

0 December 25, 2016

डा. जयप्रकाश गुप्ता पंचायत व्यवस्था के खिलाफ में हुए सभी छात्र आन्दोलनों में मधेसी समुदाय के छात्रों का योगदान अतुलनीय रहा है । वि.सं. २०२८ साल में पं...

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प्रशंसनीय कदम

0 December 19, 2016

मधेस से सफाया हो चुके एमाले पार्टी पहाडी क्षेत्र मे अपना जनमत बचाने के लिए भारत तथा मधेसी विरोधी दुष्प्रचारों के हवा दे रही है परन्तु इसमे उन्हे निराश...

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जनता नहीं, सरकार साम्प्रदायिक है

0 December 18, 2016

मधेशी नेपाल के तराई क्षेत्र के आदिवासी हैं । उन्होनें सिक्किम पर फोकस करते हुए कहा, चेहरे के आधार पर तुम नागरिकता ले लो और राष्ट्रपति बन जाओ तो कुछ भी...

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मेरा जन्म क्यों

0 December 18, 2016

रवीन्द्र झा ‘शंकर’ मनुष्य अपनी ओर नहीं देखता कि मेरा जन्म क्यों हुआ है, मुझे क्या करना चाहिये और मैं क्या कर रहा हूँ ? जब तक वह उसपर ध्यान नहीं देता, ...

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इन्डो नेपाल फ्रेन्डशिप इवेन्ट, दिलों की गलतफहमी को संगीत से दूर करने का प्रयास

0 December 9, 2016

काठमांडू, ९ दिसिम्बर | इन्डो नेपाल फ्रेन्डशिप इवेन्ट, सांस्कृतिक और पर्यटन प्रदर्शनी.(३०,३१दिसम्बर से १,२जनवरी२०१७) नेपाल भारत का सम्बन्ध सदियों का है...

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नागरिक एक ही है, चाहे डा.केसी हों या विकास तिवारी शीघ्र कार्यवाही होनी चाहिए : श्वेता दीप्ति

0 December 6, 2016

श्वेता दीप्ति , काठमांडू ,६ दिसम्बर | ये लोकतंत्र है जहाँ अमीर और गरीब दोनों के जान की कीमत एक ही है क्योंकि हम लोकतंत्र में जी रहे हैं । जहाँ मौलिक अ...

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दलों की नीयत साफ होनी चाहिए

0 November 30, 2016

एमाले निर्णय करता है– ५ नम्बर प्रदेश में कोई भी परिवर्तन नहीं हो सकता । नेपाली कांग्रेस और एमाले के कुछ प्रभावशाली नेताओं का गर्जन है– किसी भी हालात म...

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महाभियोग, भ्रमण और संशोधन : डा. श्वेता दीप्ति

0 November 30, 2016

सही जगह पर कम और गलत जगहों पर अख्तियार ने अपना निरंकुश रूप दिखाया और आतंक का वातावरण कायम करने में कामयाब भी हुआ । व्यक्तिगत कारणों की वजह से शिकायतें...

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अंगीकृत को संवैधानिक पद देने का अभ्यास नहीं है

0 November 30, 2016

नेपाल–भारत का सम्बन्ध सदियों से अच्छा चल रहा है । लेकिन पिछली बार इसमें कुछ आशंका जताने वाले भी है । पिछले साल हुए मधेश आन्दोलन और नाकाबन्दी के बाद ने...

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पर्यटन :पोखरा यात्रा

0 November 29, 2016

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय भारत प्रवास काल में पर्यटकीय महत्व के विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों की यात्रा के कारण पर्यटन के प्रति जो रुचि उत्प...

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कहानी :आस्था

0 November 29, 2016

रमा पोखरेल आज मंगलवार का दिन है । सिद्धि विनायक मन्दिर पर दर्शनार्थियों की भीड़ लगी हुई थी । वह मंगलबार को नित्य, सिद्धि विनायक मन्दिर दर्शन करने जाया ...

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सडक दुर्घटनाः कारण, असर और रोकथाम

0 November 29, 2016

डा. अजय यादव परिचय सडक दुर्घटना का पहला शिकार एक राह चलते आदमी का हुआ था सन् १८९९ में और फिर आजतक आते–आते सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या अनगि...

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नेपाल के राजनीतिक आन्दोलन में मधेसी समुदाय का योगदान “राणा–राजा से गणतन्त्र” तक

0 November 27, 2016

नेपाल में राणा शासन विरोधी प्रजातान्त्रिक आन्दोलन में विराटनगर के आन्दोलन और सत्याग्रह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । वि.सं. २००५ साल में विराटनगर जूट ...

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राजा महेन्द्र का सैनिक तानाशाही : मधेसियों ने लड़ी लड़ाई

0 November 27, 2016

वि.सं. २०१७ साल पुस १ गते के दिन राजा महेन्द्र ने सैनिक कू किया । इस के वाद निर्वाचित संसद को भंग कर दिया । नेपाल के सभी राजनीतिक दलों को अवैध घोषित क...

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मुखर्जी भ्रमण का सन्देशः सत्ता मधेस के प्रति अपनी नीयत ठीक करे

0 November 27, 2016

मोदी जी इस भ्रमण के दौरान जनकपुर आना चाहते थे किन्तु सत्ताधारियो ने अनेक शंका उपशंका के कारण सुरक्षा का बहाना बना कर मोदी जी का भ्रमण स्थगित करके वह अ...

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नेपाल की शिक्षा नीति

0 November 25, 2016

यह कहना कि अस्थाई शिक्षक में योग्यता कम है, गलत होगा । किसी की क्षमता या व्यत्तित्व के उपर लांक्षण लगाने वाली बात होगी । जब अस्थाई शिक्षक शिक्षण लाइसे...

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धन और मान में सच्चा सुख नहीं

0 November 25, 2016

रवीन्द्र झा उन्नसठवीं सदी के अन्तिम चरण की बात है, कराची के एक मध्यमवर्गीय सिन्धी परिवार में हरनाम नाम का एक बालक था । माँ बचपन में ही मर चुकी थी । बा...

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क्या भारत और पाक तनाव के बीच नेपाल सुरक्षित है ?-डा. श्वेता दीप्ति

0 November 3, 2016

पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का प्रभाव यह है कि भारतीय नेतृत्व की स्थिति और मजबूत हो गई है । मोदी सरकार ने भारत की जनता के अलावा २० से ज्यादा देशो...

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सरकारी नस्लवाद का शिकार नेपालगन्ज

0 October 25, 2016

नेपालगन्ज मध्यपश्चिम का केन्द्र है । इसे केन्द्र के रूप में विकास करते रहना चाहिए भौगोलिक हिसाब से भी नेपालगन्ज उच्च अदालत और राजधानी के लिए सक्षम है ...

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यात्रा वैष्णो देवी की…

0 October 25, 2016

प्रकाशप्रसाद उपाध्याय उच्च शिक्षा के सिलसिले में दिल्ली में था । शिक्षार्जन के साथ ही नौकरी में प्रवेश करने का अवसर मिला । ग्राम्य परिवेश में पले इस प...

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दुष्परिणाम सुपर फास्ट ट्रयाक का

0 October 25, 2016

काशिकांत झा विक्रम संम्वत् २०७० साल में दूसरी बार संविधान सभा का निर्वाचन सम्पन्न हुआ । परिणाम नेपालियों के लिए आश्चर्यजनक नहीं है परन्तु संघीय गणतन्त...

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मधेश का काला दिन

0 October 24, 2016

यह देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि एमाले पार्टी जो देशभक्त, राष्ट्रीयता और अखण्डता की बात करती है और उन्हीं के नेता शंकर पोखरेल नेपाली जनता का मन विभा...

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प्रथम संविधान दिवस विशेष

0 October 24, 2016

ऐसी परिस्थिति में हम इस संविधान को कैसे मान सकते हैं ? हमारे घरों में मां, बहन, बेटियां, बच्चे सभी अपने सुहाग, अपने स्वजन, अपने आसरा के वियोग में डूबे...

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‘डायन’ करार देकर अमानवीय अत्याचार

0 October 23, 2016

विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’ डायन प्रथा की आड़ में कई संगीन अपराधों को अंजाम देना हमारे समाज में आम बात है । नेपाल के गांवों में तथा छोटे कस्बों में आज...

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रे अभागे मन

0 October 23, 2016

रवीन्द्र झा ‘शंकर’ प्रभोः मेरे लिए ‘मैं’ जितना प्यारा हूँ, उससे कहीं अधिक तुम्हारे लिए ‘मैं’ प्यारा हूँ । फिर मैं अपने लिए इतनी चिन्ता क्यों करता हूँ ...

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स्थायित्व के लिए आवश्यक है नया राजनीतिक समीकरण : कुमार सच्चिदानन्द

0 October 22, 2016

कुमार सच्चिदानन्द, काठमांडू,२२ अक्टूबर | बसंत में कोयल कूकती है और वर्षा में मेढक टरटराते हैं । दोनों का अपना सौन्दर्य है । लेकिन नेपाल की राजनीति में...

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प्रधानमन्त्री दहाल की भारत यात्रा- नहीं चली चतुराई : प्रो. नवीन मिश्रा

0 October 20, 2016

प्रो. नवीन मिश्रा, काठमांडू , २० अक्टूबर | नेपाल के प्रधानमन्त्री ओली जिस तरह भारत भ्रमण से पहले आनन–फानन में उच्चस्तरीय राजनीतिक संयन्त्र गठन कर मधेश...

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“पाकिस्तान भूटान या नेपाल नहीं है” परवेज मुसर्रफ की उक्ति पर नेपाल चुप क्यों : श्वेता दीप्ति

1 October 19, 2016

खुश रहो, क्योंकि उनके जेब भरे हुए हैंश्वेता दीप्ति, १९-०१६,  (सम्पादकीय,अक्टूबर अंक), शारदीय नवरात्र की छटा हर ओर बिखरी है, बाजारों में, मंदिरों में औ...

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जनकपुर विकास में साहित्य की क्या भूमिका रही है ?

0 September 24, 2016

कथा, कविता तथा यात्रा संस्मरण सहित आधा दर्जन साहित्यक पुस्तक प्रकाशन कर चुके साहित्यकार शेषनारायण झा जी के साथ किया गया तीन प्रश्न ः प्रकाशक की खोज मे...

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जनकपुर विकास में पीछे होने का क्या कारण हो सकता है?

0 September 24, 2016

जनकपुर में प्रत्येक शाम हो रही गंगा आरती एवं सेभ द हिस्टोरीकल के संयोजक रामअशिष यादव जी से किया गया तीन प्रश्न ः— सामाजिक अभियन्ता से मात्र जनकपुर का ...

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