item-thumbnail

योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएँ – आचार्य राधकांत शास्त्री

0 June 21, 2018

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस २१ जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है । पहली बार यह दिवस...

item-thumbnail

विद्यार्थी जीवन में योग शिक्षा का महत्व

0 June 21, 2018

आज के व्यस्त जीवन में आम आदमी ही नहीं छात्र भी तनाव के शिकार हो जाते हैं । छात्रों में प्रतयिोगिता इतनी अधिक हो गई है कि वह हर समय अपने भविष्य को लेकर...

item-thumbnail

योग दिवस – डा. मनजीत कौर

0 June 21, 2018

आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें, गांँव गांँव और शहर शहर में, इसकी अलख जगायें योग का मतलब है जोड़ना, मोह को मन से तोड़ना, मानव को प्रकृति से जोड़ना, चित...

item-thumbnail

बौद्ध धर्म में योग की महत्ता : डॉ. श्वेता दीप्ति

0 June 21, 2018

काठमांडू, हिमालिनी जून अंक |  योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं । पहला है– जोड़ और दूसरा है समाधि । जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, सम...

item-thumbnail

योग चिकित्सा

0 June 21, 2018

योग के आसन दूसरे शारीरिक आसनों की अपेक्षा लम्बे शोध और प्रयोग के बाद रोग, शरीर विज्ञान के अनुसार निर्मित किए गए हैं । ऋषि मुनियों ने योगासन का अविष्का...

item-thumbnail

जीवन जीने की कला है योग

0 June 21, 2018

योग स्वयं की स्वयं के माध्यम से स्वयं तक पहुँचने की यात्रा है, –गीता योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले जान लेना आवश्यक है कि इसकी सबसे बड़ी विशे...

item-thumbnail

योगासन – आचार्य श्री स्वामी ध्रुव

0 June 20, 2018

योगासन के लाभ— ठीक से किया गया योगासन हमारे पूरे शरीर के माँसपेशियों को लचीला रखता है । रक्त संचरण को संतुलित करने में सहायता करता है । अनावश्यक द्रव्...

item-thumbnail

विश्व योग दिवस का इतिहास

0 June 20, 2018

योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस को विश्व योग दिवस भी कहते हैं । ११ दिसंबर २०१४ को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में २१ जून को संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने घोषि...

item-thumbnail

राजपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाने की जरुरत : डा. सुरेन्द्र कुमार झा

0 June 20, 2018

हिमालिनी, मई अंक, २०१८ | आज हम लोग जहां हैं, उस को देखकर ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं है । इसका मतलब अवस्था निराशाजनक है, यह भी नहीं है । सामान्...

item-thumbnail

नेपाल की परराष्ट्र नीति का संस्थागत विकास : श्यामानन्द सुमन

0 June 20, 2018

काठमांडू, हिमालिनी, मई अंक ।   नेपाल के परराष्ट्र नीति का विकास और परिमार्जन करीब ढ़ाई सौ साल पहले से ही होता आ रहा है । सन १७६८ से गोरखा राज्य के तत्...

item-thumbnail

न्यायालय का नृत्य : रणधीर चौधरी

0 June 19, 2018

न्यायालय मे विदेशियाें के निवेश के कारण ऐसी स्थिति सृजना हुई है यह कह कर अपना सफाई पेश करने मे भी नेपाल के ‘न्यायिक दलाल’ पीछे हटने का दुःस्साहस कर सक...

item-thumbnail

बहस – कैसी होगी राजपा की आगामी यात्रा ?

0 June 19, 2018

हिमालिनी, मई अंक २०१८ | एक साल पहले (वैशाख ७, २०७४) मधेशवादी विभिन्न ६ पार्टियाें ने मिलकर राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) का गठन किया था । गत वैशाख ७ ग...

item-thumbnail

हमारी मान्यता के अनुसार संविधान संशोधन करवाना है : शरतसिंह भण्डारी

0 June 19, 2018

हिमालिनी, मई अंक, २०१८ | राजपा के पास अवसर और चुनौती दोनों है । आज हमारे सामने मधेशी जनता को विश्वास दिलाना है कि राजपा मधेशी जनता के लिए ही काम कर रह...

item-thumbnail

सत्ता के लिए राजपा ने केपी ओली को वोट नहीं दिया है : अनिल झा,

0 June 12, 2018

हिमालिनी, मई अंक , २०१८ | विभिन्न ६ राजनीतिक दल इकठ्ठा होकर राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) का निर्माण हुआ है । जब तक हम लोग एक साथ रहेंगे, एकताबद्ध होक...

item-thumbnail

संशोधन अपरिहार्य है, जिससे की देश और राज्य भी हमारा हो सके : मनिष सुमन

0 June 8, 2018

हिमालिनी, मई अंक ,२०१८ | आज के लिए राजपा की प्रथम प्राथमिकता तो संविधान संशोधन ही है । इसके लिए हम लोग लग रहे हैं । क्योंकि आज जो संविधान है, वह मधेश ...

item-thumbnail

राष्ट्रीय राजनीति में राजपा का मुख्य एजण्डा ही संविधान का संशोधन है : जीतेन्द्र सोनल

0 June 7, 2018

हिमालिनी, मई अंक, २०१८ | एक वर्ष का मूल्यांकन अत्यन्त सकारात्मक है । राजपा गठन के बाद हम लोगों ने मुख्यतः तीन कार्य महत्व के साथ सम्पन्न किया । प्रथमत...

item-thumbnail

संघर्ष का विकल्प नहींं है : केशव झा

0 June 6, 2018

हिमालिनी, मई अंक, २०१८ | जिस समय राजपा पार्टी निर्माण हो रही थी, उस समय हम लोग संघर्ष में ही थे । पार्टी गठन होने के बाद भी संघर्ष जारी रहा है । कुछ व...

item-thumbnail

मांग सम्बोधन किए बिना सरकार में शामिल नहीं होंगे : राजेन्द्र महतो

0 June 6, 2018

हिमालिनी, मई अंक २०१८ | आज राजपा के सामने मुख्यतः दो कार्यनीति है । प्रमुख कार्यनीति शक्तिशाली संगठन का निर्माण करना है, उसके लिए पार्टी को महाधिवेशन ...

item-thumbnail

मोदी की धार्मिक यात्रा की तासीर : श्वेता दीप्ति

0 June 4, 2018

नागरिक अभिनन्दन के दौरान उनके सम्बोधन ने बड़ी गहराई से नेपाल और भारत के रिश्तों के बीच धार्मिक आधार की गहनता को व्यक्त किया । तालियाँ भी बजीं और आशानु...

item-thumbnail

जनकपुरधाम देश का ‘कोहीनूर’ : कैलाश दास

0 June 2, 2018

राज्य की बदनीयत दृष्टि हमेशा जनकपुरधाम पर रही है । जबकि जनकपुरधाम का नाम नेपाल में ही नही, जहाँ—जहाँ भी हिन्दु धर्मावलम्बी लोग है अवश्य जानते होंगे  ज...

item-thumbnail

वृद्ध माता–पिता की सेवा

0 May 31, 2018

अपने परिवार के परम आदरणीय एवं पूजनीय वृद्ध माता–पिता की सेवा से बढ़ कर और कोई सेवा नहीं है । माता–पिता ने हमें जन्म दिया है । उन्होंने स्वयं अत्यन्त क...

item-thumbnail

कौन करते हैं सोने की तस्करी ?: लिलानाथ गौतम

0 May 30, 2018

नेताओं के संरक्षण बिना सिर्फ कर्मचारी और व्यापारियों से इस तरह की तस्करी सम्भव नहीं है हिमालिनी, मई अंक ,२०१८ | नेपाल में सोना–तस्करी सामान्य बात हैं ...

item-thumbnail

आरोप प्रत्यारोप के बीच जनकपुर ने दिल खोलकर मोदीजी का स्वागत किया : श्वेता दीप्ति

0 May 29, 2018

 ठंडे पड़े रिश्तों में गर्माहट के आसार सम्पादकीय, हिमालिनी, मई अंक 2018 ।    भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीसरी नेपाल यात्रा धार्मिक यात्रा होत...

item-thumbnail

नेपाल भारत रिश्तों में एक नई तरंग – बसन्त चौधरी

0 May 24, 2018

नेपाल की एकमात्र आवश्यकता है विकास और इसके लिए इसे हर दिशा से प्रयास करना ही होगा । इस दृष्टिकोण से प्रधान मंत्री ओली का उपर्युक्त बयान प्रशंसनीय है ।...

item-thumbnail

स्व–परिवर्तन आवश्यक : दीपकुमार उपाध्याय

0 May 22, 2018

हिमालिनी, अप्रैल अंक, २०१८ | कल तक हम लोग राजा को गाली देते थे । नेताओं को गाली देते थे और कहते थे– स्थिर सरकार नहीं है, इन लोगों ने कुछ भी नहीं किया ...

item-thumbnail

मानवीय संवेदनशीलता को भी समझना होगा-हिसिला यमी

0 May 21, 2018

आज हम लोग विकास की बात कर रहे हैं । ‘विकास’ शब्द के प्रति हिटलर भी आकर्षित हुआ था । हिटलर इस कारण भी प्रसिद्ध हुए था कि उसने एक ‘नेशनल हाइवे नेटवर्क’ ...

item-thumbnail

हमारे राजनीतिज्ञों में साहस और दृष्टिकोण नहीं है -प्रो. जयराज आचार्य

0 May 19, 2018

चाहे नेपाल हो अथवा भारत, दोनों की प्राथमिकता आज विकास ही है । लेकिन विकास कैसे किया जाए, यह चुनौतीपूर्ण है । आप लोग विकसित भारत की बात करते हैं, लेकिन...

item-thumbnail

कवि हृदय बसन्त चौधरी ! बेकल मन की अभिव्यक्ति चाहताें के साए में : डा.श्वेता दीप्ति ( फोटो फीचर सहित)

0 May 16, 2018

कवि हृदय बसन्त चौधरी ! जिन्हें जितना मैंने जाना, व्यापारी व्यक्तित्व में एक मासूम दिल, जो जीना चाहता है— अपनी ख्वाहिशों के साथ, अपने अहसासों के साथ और...

item-thumbnail

पुरानी प्रतिबद्धता कार्यान्वयन की जाए : हृदयेश त्रिपाठी

0 May 9, 2018

हिमालिनी अप्रैल अंक, २०१८ | मित्रता और सुन्दरता का अन्त कभी भी नहीं होता । अर्थात् मित्रता में कोई भी लक्ष्मण रेखा नहीं होती । दूसरी बात आप मित्र बदल ...

item-thumbnail

शान्ति और स्थिरता के बिना समृद्धि सम्भव नहीं : प्रदीप ज्ञावली (परराष्ट्रमन्त्री)

0 May 9, 2018

हिमालिनी अप्रैल अंक, २०१८ | चुनौती के बीच में ही अवसर और सम्भावना होती है । इसीलिए वर्तमान सरकार के सामने जो चुनौती है, वही अवसर भी है । कुछ साल के अन...

item-thumbnail

चुनौती जो कल थी आज भी वही- मनजीवसिंह पुरी

0 May 2, 2018

हिमालिनी अप्रैल अंक ,२०१८ | हमें लगता है कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता और चुनौती जो कल थी आज भी वही है । नेपाल के लिए विकास ही सबसे बड़ी आवश्यकता है ...

item-thumbnail

इयु विवाद और फर्जी राष्ट्रवाद : रणधीर चौधरी

0 April 22, 2018

वास्तव मे कहा जाय तो नेपाल मे समावेशी, समानुपातिक और आरक्षण व्यवस्था का चीरहरण किया गया है । ऐसी अवस्था मे भीष्म पितामह जैसै कठोर मौन धारण करना महाभार...

item-thumbnail

गजल

0 April 21, 2018

आरती आलोक वर्मा खुशी धड़कनों को  हवा कर रही है तेरी  आरजू  की  दुआ  कर रही है ।। ये दुनिया भी क्या खूब है जख्म देकर वही जख्म की अब दवा कर रही है ।। हव...

item-thumbnail

एक और कलम खामोश हो गईः विदा कविवर !

0 April 21, 2018

जीवन का एक कटु सत्य और हमारी खामोशी । एक दिन जब हमारे हाथों से सब छूट जाता है और रह जाती है सिर्फ टीस देती हुई यादें । तीन चार दिनों पहले सामाजिक संजा...

item-thumbnail

#व्यंग्य-महारानी जी की बग्गी

0 April 21, 2018

इस देश में मधेशियों को नागरिकता देते समय अनेक बखेड़ा किया जाता है । उन के वशंज या अगींकृत होने के श्रोत खोजे जाते हैं पर रोबोट को तो बिना छानबिन के ही...

item-thumbnail

वैश्वीकरण के दौर में विस्तार पा रही है हिन्दी

0 April 20, 2018

हिमालिनी, अप्रैल 2018 अंक । इस वर्ष विश्व हिन्दी दिवस पर भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम का विषय था “हिन्दी का वैश्वीकरण” । आज के परिेप्रेक्ष्य...

item-thumbnail

निखारिये अपने व्यक्तित्व को : रविन्द्र झा ‘शंकर’

0 April 19, 2018

किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व से होती है । प्रभावशाली व्यक्तित्व वालों की ही समाज तथा संस्थाआें में प्रतिष्ठा होती है । यदि आप चाहते हैं कि...

item-thumbnail

नव समाजवाद और नेपाल : अजयकुमार झा

0 April 18, 2018

इतना महान आन्दोलन के वाद माओवादी भटक गया,समाजवादी कांग्रेस खस वाद में अटक गया, साम्यवादी एमाले ब्राह्मण वाद में लटक गया, विशाल मधेसवादी आन्दोलन को जात...

item-thumbnail

द्वन्द्व की सम्भावना बढ़ रही है : उपेन्द्र झा

0 April 17, 2018

मधेश के २२ जिलों से एकमुष्ट उठने वाले विरोध के स्वर को अब छिन्न भिन्न कर दिया गया है । अब जबकि सब अपने अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर सिमट गए हैं, पश्चिम...

item-thumbnail

रुह काँपती है यह सोच कर कि बेटियाँ कहीं सुरक्षित नहीं हैं : श्वेता दीप्ति

0 April 14, 2018

रिश्तों पर पड़ी धूल हटने की उम्मीद हिमालिनी, सम्पादकीय , अप्रैल अंक २०१८ | राजनीतिक गलियारे में एक बार फिर सरगर्मी छाई हुई है प्रधानमंत्री ओली की भारत...

item-thumbnail

तुम कैसे नहीं जाओगे अतिथि ? – संजीव निगम

0 April 12, 2018

संजीव निगम , हिमालिनी, अप्रैल अंक , २०१८ | रेल की पटरी से हमारे घर  बिछे हुए अतिथि , अगर हमारे घर आने से पहले ही तुमने शरद जोशी जी का वह मशहूर व्यंग्य...

item-thumbnail

बसन्त की वसंत अप्राप्य का व्यक्त संगम : डा. श्वेता दीप्ति

0 April 11, 2018

हिमालिनी , अप्रिल अंक  २०१८ | ‘वसंत’! नाम का असर कुछ ऐसा कि, चेहरे पर मुस्कान आ जाय । मौसम की बेरुखी से निजात दिलाता वसंत हर दिल अजीज होता है । जी हाँ...

item-thumbnail

साहित्य और स्त्री सशक्तिकरण : डॉ तुलिका मिश्र

0 April 8, 2018

नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पग तल में पीयूष स्रोत सी बहा करो हिमालिनी मार्च २०१८ अंक | फरवरी के आते ही प्रेम जैसे मौसम में छा जाता हो, ऐस...

item-thumbnail

महिला सशक्तिकरण : डॉ. दिग्विजय शर्मा

0 April 7, 2018

समाज में महिलाओं को सम्मान देने के लिये माँ, बहन, पुत्री, पत्नी के रुप में महिला देवियो को पूजने की परंपरा है लेकिन इसका ये कतई मतलब नहीं कि केवल महिल...

item-thumbnail

जनता की चाहतः ‘लुटेरा सांसद्’ मुक्त समाज

0 April 6, 2018

इतिहास देखते हैं तो पता चलता है कि जनता के वोट से निर्वाचित हमारे अधिकांश जनप्रतिनिधि अपने शपथपत्र के ठीक विपरित क्रियाकलाप करते आ रहे हैं । मैं.. देश...

item-thumbnail

उम्मीदों से भरी प्रधानमंत्री ओली की भारत यात्रा : श्वेता दीप्ति (पढ़िये क्या होनेवाला है इस यात्रा में)

0 April 6, 2018

तकरार चाहे जितने भी हो जाय वास्तविक सच्चाई यही है कि, दोनों देशों के रिश्तों को जितना सहज बनाया जाएगा देश के विकास की गति उतनी ही सहज होगी । डा.श्वेता...

item-thumbnail

ओली में संकीर्णता, आग्रह और प्रतिशोध की भावना है-सीपी मैनाली

0 April 4, 2018

हिमालिनी, मार्च अंक, 2018 । माओवादी आन्दोलन के जग में ‘प्रचण्ड’ के नाम राजनीति में पुष्पकमल दाहाल का उदय हुआ था, उसी तरह किसी समय में कामरेड ‘सुभाष’ क...

item-thumbnail

नारी सिर्फ शरीर नहीं उसके अन्दर भी एक जीवन है जिसे वो जीना चाहती है : श्वेता दीप्ति

0 April 2, 2018

जब भी कोई नारी पुरुषों की ज्यादती की शिकार हुई है, तो पहला सवाल नारी के लिए ही उठता है कि इसके पीछे वह स्वयं वजह होगी । ये नजरिया बदल जाय तो, उसकी निय...

item-thumbnail

संविधान को बाइबल,कुरान,गीता बनाइएगा तो सब कुछ नाश हो जाएगा : राजेन्द्र महतो

0 April 1, 2018

पुरानी सोच त्याग करें, नया नेपाल का निर्माण अवश्य होगा नश्लीय चिन्तन को हटाते हैं तो नेपाल बन जाएगा । नेपाली सोच ओर चिन्तन बनावें, नश्लीय सोच और चिन्त...

item-thumbnail

भगवान् शिव

0 April 1, 2018

भगवान शिव अनादि देवता हंै, ये अत्यन्त महिमाशाली एवं रहस्यमय देव हैं । शिव अपनी भक्तप्रियता, दयालुता, सर्वकल्याणकारिता आदि के रूप में हमारे सामने अति प...

item-thumbnail

कात्यायनी और कविता : डा.श्वेता दीप्ति

0 March 29, 2018

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू |  नेपाल यात्रा में आईं हुई कात्यायनी जी से मिलने का सुअवसर प्राप्त हुआ । ९ मई १९५९ को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मी का...

item-thumbnail

नेपाल–भारत मैत्री समाज द्वारा वर्तमान सरकार की प्राथमिकता और चुनौती विषयक कार्यक्रम अायाेजित

0 March 28, 2018

‘भारत के साथ मित्रवत संबंध विस्तार के अलावा कोई विकल्प नहीं’ काठमाडू, २८ मार्च । परराष्ट्र विज्ञ, राजनीतिज्ञ और बुद्धिजीवियों को कहना है कि अब इतिहास ...

item-thumbnail

क्या ओली सरकार अपने पाँच वर्ष बिना किसी रुकावट के पूरी कर पाएगी ? : श्वेता दीप्ति

0 March 27, 2018

हमेशा संघीयता का विरोध किया, जो यह कहता आया है कि संविधान का संशोधन देश हित में नहीं है, उसी को मधेशवादी दलों का समर्थन देना कितना उचित है? दो विरोधी ...

item-thumbnail

वक्त की बात : गिरीश चन्द्र लाल

0 March 25, 2018

सही काम करने वाले समझते हैं, उन्हें सब अच्छा ही कहेंगे । समझना कुछ बुरा नहीं, पर हर वक्त ऐसा नहीं होता । ऐसी बातों में वक्त की सूई कभी टेढी–मेढी और कभ...

item-thumbnail

त्रिकोणीय अधिकार व्यवस्थापन

0 March 25, 2018

सात प्रदेश में से सिर्फ एक प्रदेस में मधेसी दलों का बहुमत और मुख्यमंत्री है । वह भी खस के गले नहीं उतर रहा है । केन्द्रीय सरकार की बागडोर हमेशा उन लोग...

item-thumbnail

गजल

0 March 25, 2018

मिथिलेश आदित्य चल रहा हूँ मैं अकेले जिन्दगी की राह में, जैसे कोई डूबता हो खुद अपनी आह में । क्या मनाऊँ मैं खुशी आजादी ए गुलशन की, अब कोई आशा नहीं बाकी...

item-thumbnail

एक ख्वाहिश : अयोध्यानाथ चौधरी

0 March 25, 2018

अयोध्यानाथ चौधरी मेरी ख्वाहिश है तुझे छू लूँ मैं पर मयस्सर तो नहीं मेरी नजरें तो तेरे पीछे है तुम जहाँ जाओ वहीं । तुम तो फरिश्ता हो, आसमाँ से टूट आयी ...

item-thumbnail

चीन का यह खेल क्या है ? : राम यादव

0 March 21, 2018

राम यादव अप्रैल २००६ तक नेपाल संसार का एकमात्र हिंदू राष्ट्र हुआ करता था । मई २००८ में वहां राजशाही का सू्र्यास्त हो गया और लोकतंत्र आ गया । हालांकि र...

item-thumbnail

शिक्षा और सामाजिक चेतना के विकास का काम करना चाहती हूँ : सलमा खातुन

0 March 16, 2018

सलमा खातुन पूर्व पत्रकार हैं, वीरगंज स्थित ठाकुरराम बहुमुखी कैम्पस में स्नातक तह में अध्ययन करते वक्त सलमा विद्यार्थी राजनीति से आबद्ध हुईं, उस समय प्...

item-thumbnail

खेती की बातें या बातों की खेती ? : देवेश कुमार मिश्र

0 March 15, 2018

कृषि मूलश्च जीवनम् संपूर्ण मानव जीवन का मूल आधार कृषि है । खाने पीने का तौर तरीका समय, स्थान, परिस्थिती, संस्कार, रीति रिवाज के आधार पर अलग हो सकता है...

item-thumbnail

व्यापारिक विकास के लिए आवश्यक है संतुलित नीति : अशोक टेमानी

0 March 12, 2018

श्री अशोक टेमानी ‘नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ’ के कार्यकारिणी सदस्य, ‘सड़क एवं पारवहन संघ’ के अध्यक्ष हैं तथा ‘वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ’ के पूर्व अध्...

item-thumbnail

जिन्दगी

0 March 12, 2018

-लक्ष्मी जोशी जिन्दगी तू इतनी दुखी नहीं होती इतने तनाव में नहीं होती इतने अभाव में नहीं होती अगर वो मानव का मुखौटाधारी नाग तुझे अपने जाल में उल्झाये न...

1 2 3 7