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आज फिर : पूजा गुप्ता

0 July 22, 2017

आज मैं फिर से अपने गमों से मुब्तला हो रही हूँ , खुद से खुद की पहचान खो रही हूँ , कुंठित मन के गलियारे में अपने अहजानों को कन्धे पे उठाए बीती यादों के ...

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उत्थान भाेजपूरी कविता

0 July 21, 2017

  उत्थान / आचार्य महेन्द्र शास्त्री आज आकाश में भी बथान भइल रे चान सूरज पर आपन मकान भइले रे। रोज विज्ञान के ज्ञान बढ़ते गइल, लोग ऊँचा-से-ऊँचा पर ...

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नेपाल, जहाँ जनता का खून चूस कर विदेशों में विदेशी खून चढाया जाता है : सुरभि

0 July 17, 2017

देश अनुदान पर चलता है और नेता जनता की कमाई पर । बस इसी वास्तविकता ने मुझे इस ग्लानि से बाहर निकाल दिया कि मैं गरीब देश की नागरिक हूँ और इसी लिए, आज मै...

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नेपालगन्ज में भानु जयन्ती के उपलक्ष्य में बहुभाषिक कवि गोष्ठी

0 July 16, 2017

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल । गुल्जारे अदब बाके नेपालगन्ज और भेरी साहित्य समाज नेपालगन्ज की संयुक्त रुप में शनिवार को महेन्द्र पुस्तकालय नेपालगन्ज मे...

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हिंदी साहित्य के बेताज बादशाह सूरदास जी का जीवन और कृतियों

0 July 16, 2017

हिंदी साहित्य की श्रंखला को आगे बढाते हुए हिमालिनी संग मनीषा गुप्ता …… हिंदी साहित्य के बेताज बादशाह #सूरदास जी का जीवन और कृतियों सहित &#...

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दुनिया की सबसे संवेदनशील प्राणी पत्नी पर निबन्ध

0 July 15, 2017

– ज्ञानगुरु व्यंग्य पत्नी नामक प्राणी भारत सहित पूरे विश्व में बहुतायत में पाई जाती है। प्राचीन समय में यह अक्सर घर में और भोजनशाला में पाई जाती...

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विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया भानु जन्मजयंती

0 July 13, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १३ जुलाई । आदिकवि भानुभक्त आचार्य की २०४वीं जन्मजयंती आज विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाई गई । आदिकवि आचार्य ने संस्कृत भाषा म...

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बारिश से सडक नदी में तबदील, ओलीजी का जहाज चलाने का सपना पूरा : सुरभि

0 July 10, 2017

सुरभि, बिराटनगर | वाह क्या चाल थी, क्या बाडी थी, दो कदम चलना और एक झटके से रुकना, थोड़ा झिझकना और फिर इठलाती हुई आगे बढ़ जाना । जहाँ रुकी, कि दीवानों ...

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“गुरूवर” गुरूचरण में सब फूल है अर्पण : संगीता ठाकुर

0 July 9, 2017

“गुरूवर” पूर्णिमा के पूर्ण चाँद है गुरूवर भटके पथिक के पथ है भू पर अमावस्या में प्रकाश बन जाते ऐसे अनमोल है जग में गुरूवर ।। अंधेरा जब छा जाता है मानव...

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भारत की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम १८५७ : भूमिहार ब्राह्मण का योगदान : प्रेमचन्द्र सिंह

0 July 9, 2017

प्रेमचन्द्र सिंह, लखनऊ | भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विरुद्ध पहली बार खूनी क्रांति का श्रीगणेश वर्ष-१८५७ में हुआ और स्वतंत्रता के प्रथम सशस्त्र संघ...

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सुविख्यात लेखक और प्रतिभाओं के धनी स्व. पंडित प्रताप नारायण मिश्र

0 July 9, 2017

साहित्य की इस बार की अपनी श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए हम हिमालिनी(पत्रिका) और आप लोगो के संग आगे बढ़ते हैं और जानते है सुविख्यात लेखक और प्रतिभाओं के धनी ...

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शुद्ध और अच्छी हिन्दी कैसे लिखें ?

0 July 5, 2017

वाक्यगत अशुद्धियां वाक्य, भाषा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई होती है । अतः लिखने या बोलने के समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे द्वारा जो कुछ लिखा या क...

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वृद्ध भत्ता मछली फंसाने का चारा : बिम्मी शर्मा

0 July 5, 2017

वृद्ध भत्ता नेकपा एमाले के लिए वह दूधारु गाय है जो वह हर निर्वाचन में दूह कर जीतना चाहता है । ०४६ साल में देश में बहूदलीययवस्था आने के बाद नेकपा एमाले...

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इसबार कें विद्यापति पुरस्कार मिथिला नाट्य कला जनकपुर को प्रदान

0 July 4, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, ४ जुलाई । राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने भाषा, साहित्य और संस्कृति के उपर पडे नकारात्मक प्रभाव से स्थानीय भाषाओं को बचाने क...

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नेताजी ! ना पहाड का जवाई काम आया और ना ही मधेश का बेटा : सुरभि

0 July 3, 2017

सुरभि, बिराटनगर | “गइल भैंस पानी में” हाँ हजूर अभी तो यह जुमला सोशल मीडिया की जान बनी हुई है । वो तो अचानक प्रकृति ने आपका साथ दे दिया, बाढ़ के कहर ने...

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साहित्य जगत के बादशाह सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ : जीवन एवं कृतित्व

0 July 2, 2017

एक बार फिर साहित्य की इस श्रृंखला को आप सभी के सहयोग और हिमालिनी के साहित्य के प्रति समर्पित ज़ज्बे को आगे  बढाते हुए मैं मनीषा गुप्ता आप लोगो के समक्ष...

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हौसलों को जिन्दा रख,यकीन को कायम, इतिहास पर हमारी तारीखें लिखी जाएँगी : श्वेता दीप्ति

0 June 30, 2017

आज पर ही कल की ताबीर लिखी जाती है , कल उस पर हमारी जीत लिखी जाएगी : श्वेता दीप्ति     श्वेता दीप्ति हौसलों को जिन्दा रख, यकीन को कायम इतिहास...

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मदनभण्डारी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार कमल कोइराला को

0 June 29, 2017

१५ असार,काठमाडौं । इस वर्ष का मदन भण्डारी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार बरिष्ठ पत्रकार तथा लेखक कमल कोइराला को प्रदान किया जाएगा । नेकपा एमाले के केन्...

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मैंने देखा कि भारत नेपाल के सामने थर-थर काँप रहा है : सुरभि

0 June 26, 2017

(गुस्ताखी माफ ये सिर्फ एक सपना है इसे हकीकत ना समझें और न ही दिल से लगाएँ) सुरभि, बिराटनगर,२६ जून, (व्यंग्य) | सबसे पहले तो मैं माफी ही माँग लूँ कि, इ...

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केशवदास जी का जीवन परिचय और उनकी साहित्यिक प्रेरणा

0 June 25, 2017

यकीनन साहित्य एक असीम विस्तृत सागर है जिसमे जितने गहरे उतरेंगे उतने ही रत्न प्राप्त होंगे ……… नमस्कार, मैं मनीषा गुप्ता हिंदी साहित्...

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जय हो पद मोह की, जय हो राजनीति बाबा की : सुरभि

0 June 21, 2017

सुरभि, बिराटनगर २१ जून, ( व्यंग्य) | नेताओं का नया सुर है, राजनीति के नाम पर दे दो बाबा आपका भला होगा । पहले भगवान के नाम पर लोग माँगते थे पर आज तो रा...

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नेपाल में पेन्टिंग का अच्छा अवसर है : डॉ. संजीदा खानम

0 June 20, 2017

डॉ. संजीदा खानम भारत के विख्यात आर्टिस्ट हैं । उन्होंने श्रीलंका और भूटान के विभिन्न आर्ट गैलरी में अपनी कला प्रस्तुत कर चुकी हैं । एक हफ्ते पहले काठम...

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ज्यादातर दुसरें भाषा से नेपाली भाषा के अनुवाद किया हैं, सुधार के लिए संस्कृत का अध्ययन जरुरी

0 June 15, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १५ जून । भाषाविदों ने नेपाली भाषा में सुधार के लिए संस्कृत के अध्ययन को जÞरूरी बताया है । नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान अंतर्गत अन...

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हिंदी साहित्य के इतिहास को और व्यापक करती किताब

0 June 13, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १३ जून । हिंदी साहित्य के इतिहास पर पिछली एक शताब्दी में काफी काम हुआ और लिखा पढ़ा गया है । आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हजारी बा...

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कला के वगैर तो मनुष्य पशु के समान : संजय कुमार साहनी

0 June 12, 2017

संजय कुमार साहनी ललित कला के जाने माने प्रोफेसर हैं . विगत 15 वर्षों से वे बिजनोर में स्थित सार्वजनिक आर्य इन्टर  कालेज  के फ्रोफेसर हैं. उन्होंने एम ...

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समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याघ्र, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी अपराध।

0 June 6, 2017

श्वेता दीप्ति आज बड़ी शिद्दत से रामधारी सिंह दिनकर की वो पंक्‍तियां याद आ रही हैं जो उनकी कविता ”समर शेष है ” में उद्धृत की गई हैं- समर शे...

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हिन्दी साहित्य में नारी के बदलते रूप

0 June 5, 2017

  तुम्हारे अधरों का रस पान, वासना तट पर पिया अधीर । अरी ओ माँ हमने है पिया, तुम्हारे स्तन का उज्ज्वलक्षीर।। घृतकुम्भसमा नारी तप्तागारसमः पुमान। न...

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माहत्मा कबीर जी का जीवन परिचय उनके उपदेश तथा उनकी कृतियां

0 June 4, 2017

साहित्य जगत के प्रख्यात कवि माहत्मा कबीर जी का जीवन परिचय उनके उपदेश तथा उनकी कृतियां उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को उजागर करती है …… कबिर जी...

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नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है .दुष्यन्त कुमार

0 June 3, 2017

2 जून दुष्यंत कुमार उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे। जिस समय दुष्यंत कुमार ने साहित्य की दुनिया में अपने कदम रखे उस समय भोपाल के दो प्रगतिशील श...

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ये ऐसा ही देश है ….

0 June 1, 2017

गंगेश मिश्र बँट गया है, देश; उत्तर और दक्षिण में; पहाड़ और समतल में; अंध-कूप में गिरी-पड़ी; असहाय सी राजनीति; नीतिकारों की अनीति; देश की नियति; सब कुछ...

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आज भी जाओगी, आज तो न जाओ (लघुकथा) : दिलीप कुमार

0 May 30, 2017

आज के दिन भी : दिलीप कुमार,  आज भी जाओगी, आज तो न जाओ ‘‘दुखीलाल धीरे से बोला। ’’कैसे न जाऊॅ, बड़े साहब आज छुट्टी पर हैं। आज का दिन उनके लिये खास है, पू...

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राजेंद्र शलभ कृत कविता संग्रह ‘कविता को रंग’ का लोकार्पण

0 May 29, 2017

काठमांडू, २९ मई | आज राजधानी में एक भव्य समारोह के विच राजेंद्र शलभ द्वारा लिखित ‘कविता को रंग’ विषयक कविता संग्रह का विमोचन सहित सार्वजनि...

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सुभद्रा कुमारी चौहान

1 May 28, 2017

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी,  गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,  दूर फिरंगी को करने की ...

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बेटी–विदाई मिथिलांचल की

0 May 26, 2017

बड़ रे जतन से सियाजी के पोसलों से हो सिया राम लेने जाय ।’ मिथिला की बेटी की विदाई के वक्त यह गम अपनी चरमावस्था में होता है । यह बात अलग है कि शहरों की...

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त्रिदिवसीय राष्ट्रीय वांग्मय संगोष्ठी का आज उद्घाटन

0 May 20, 2017

काठमांडू, २० मई | नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान हीरक जयंती के अवसर पर त्रिदिवसीय राष्ट्रीय वांग्मय संगोष्ठी का आज उद्घाटन किया गया । कार्यक्रम में प्रमुख अ...

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भरत में नेपाली साहित्यकारों द्वारा पुस्तक बिमोचन

0 May 18, 2017

नेपालगन्ज, (बॉके) पवन जायसवाल, २)७४ जेष्ठ ३ गते । नेपाली उर्दू साहित्यकारों द्वारा भारत की नानपारा में एक कार्यक्रम के बीच १४ मई आइतवार को पुस्तक बिमो...

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उत्तराखंड की लोक गाथा “राजा मालू शाही ” : मनीषा गुप्ता

0 May 15, 2017

मनीषा गुप्ता, ऋषिकेश, १५ मई | हिमालय का सौन्‍दर्य जितना आकर्षक है उतनी ही सुन्‍दर प्रेम कहानियां यहां की लोक कथाओं और गीतों में दिखाई देती हैं। उत्‍तर...

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गुल्जारे अदब नेपालगन्ज द्वारा मासिक गजल गोष्ठी का आयोजन

0 May 13, 2017

पवन जायसवाल, (बाके) नेपालगन्ज, २०७४ बैशाख ३० गते । बाके जिला के गुल्जारे अदब नेपालगन्ज ने मासिक गजल गोष्ठी का आयोजन किया है । गुल्जारे अदब नेपालगन्ज न...

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कलियुगी हनुमानों का पेट सुरसा की मुँह की तरह खूल तो जाता है पर कुछ भी खिलाने से भरता ही नहीं

0 May 9, 2017

बिम्मी शर्मा, बीरगंज , (व्यग्ँय) | एक हनुमान वह थे जो त्रेता युग में भगवान राम के भक्त के रूप में पैदा हुए थे । जिन्होनें लंका मे आग लगाई और संजीवनी ब...

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बालू से तस्वीर बनाकर गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर को सैंड आर्टिस्ट ने किया नमन

0 May 8, 2017

*_रिपोर्ट-मधुरेश प्रियदर्शी_* *मोतिहारी.ताजा हाल़*–मेरा घर सब जगह है,मैं इसे उत्सुकता से खोज रहा हूँ। मेरा देश भी सब जगह है,इसे मैं जीतने के लिए...

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मंजिल से सफ़र ज्यादा सुहावना होता है : पुजा गुप्ता

0 May 8, 2017

पुजा गुप्ता , दुहवी ,विराटनगर , ८ मई | “मंजिल से ज्यादा सफ़र सुहाना होता है ” बाधाएँ कब बाँध सकी है पाँव में बेडियां आगे बढ़ने वाले कॊ , व...

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लोकतंत्र अब लोभतंत्र हो चूका है और जल्द ही लोपतंत्र भी हो जाएगा : बिम्मी शर्मा

0 April 25, 2017

बिम्मी शर्मा, २५ अप्रैल | (व्यंग्य) लोकतंत्र बबुआ को इस देश में पधारे हुए १० साल हो गए पर यह का खाते हैं कि बढत नाहीं । इस के साथ पैदा हुए बांकी सारे ...

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मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है – लियो टॉलस्टाय

0 April 23, 2017

रूस के एक गाँव में एफिम और एलिशा नाम के दो व्यक्ति रहते थे। वे बड़े घनिष्ठ मित्र थे। एफिम गंभीर और बुद्धिमान था। वह बहुत धनी था। उसका परिवार बड़ा था, पर...

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कठोर तप की पूर्णता के पचास वर्ष : ललित गर्ग

0 April 22, 2017

 ललित गर्ग, २२ अप्रैल | आज के भौतिकवादी एवं सुविधावादी युग में जबकि हर व्यक्ति अधिक से अधिक सुख भोगने के प्रयत्न कर रहा है, ऐसे समय में एक जैनसंत जैन ...

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कागराज

0 March 31, 2017

बिमला देव लेकर सब दिन हाथ में रोटी जाती थी मैं छत पर हसँती न्यौता देने काग राज को आकर खा लो अपनी रोटी । दूर से देख रहा होता था आस में बैठे आम वृक्ष पर...

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पत्रकारों का नोटतंत्र

0 March 31, 2017

पत्रकार बनने के लिए पत्रकारिता की एबीससीडी आनी जरूरी नहीं है बस नेता और दल की चापलुसी करनी जरूर आनी चाहिए । महासंघ का भवन बनता है विभिन्न उद्योगी और व...

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काठमांडू में पोयमांडू का आयोजन

0 March 28, 2017

विनोदकुमार विश्वकर्मा, काठमांडू, मार्च २८ । विगत कुछ वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप नेपाल के रचनाकारों के प्रोत्साहन हेतु वीपी कोइराला इंडिया–ने...

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हिसाब, कौन देगा ?

0 March 8, 2017

हिसाब, कौन देगा ? गंगेश मिश्र भीड़ थी, फ़िर भीड़ में, कैसे लगी, निशाने पे गोली ? लाठी टूटी बुढ़िया की, चूड़ी बहुरिया की, अनाथ हुए बच्चे; हिसाब कौन देग...

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बेशर्म नेता ही राजदूत के पद को बिक्री करके लाजदूत बना देते है : बिम्मी शर्मा

0 March 1, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज, १ मार्च | (व्यंग्य ) दुसरे देशों में राजदूत विदेश मंत्रालय के उच्च पदास्थ कर्मचारी होते हैं । पर हमारा देश तो दुसरों से निराला ह...

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आओ नेता बनें और इस देश को खुब लूटें : बिम्मी शर्मा

0 February 21, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज,२१ फरवरी, (व्यंग) | इस देश में और इस देश की अवाम को और कुछ नहीं चाहिए सिवा नेता के । यहां चारो ओंर हाय, हाय और हायतौबा भी नेता के...

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हिन्दी का प्रयोग पूरे नेपाल में होता है लेकिन इसे विरोध तथाकथित राष्ट्रवाद से झेलना होता है : कुमार सच्चिदानन्द

0 February 17, 2017

कुमार सच्चिदानन्द , वीरगंज ,१७ फरवरी | ११ फरवरी, रौतहट के झिंगुर्वा गाँव में एक मुशायरा का उद्घान करने के क्रम में प्रधानमंत्री प्रचण्ड ने सभा को न के...

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मैथिली कविता प्रतियोगिता एवं भाषा-संस्कृति अभियानी सम्मान कार्यक्रम

0 February 12, 2017

  रोशन झा १२ फरवरी, बिराटनगर | मोरड़ग ‘मिथिला स्टुडेन्ट युनियन नेपाल, बिराटनगर एकाई द्वारा’, मैथिली भाषा क्षेत्र प्रवर्द्धन एवं विकासमे सहय...

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0 February 10, 2017

उड़ान भरने दो … °°°°°°°°°°°°°° गंगेश कुमार मिश्र उड़ान भरने दो, पर न काटो; इन्हें उड़ने दो। हक़ है इन्हें भी, खुले आकाश में, उड़ने का। दामन, न स...

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“थारू मधेसी ही हैँ” सत्य तथ्य पर आधारित विशलेषण : रोशन झा

1 February 9, 2017

  रोशन झा, ९ फरवरी | राजबिराज | आज मधेस के थारू सहित आदिवासी-जनजातियों को यह समझाया गया है कि तुम मधेसी नहीँ हो जब कि यह प्रमाणित तथ्य है कि मधेस एवं ...

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आमसंचार विश्वविद्यायल की जरुरत ः मन्त्री कार्की

0 February 7, 2017

हिमालिनी डेस्क, काठमांडू, ७ फरवरी । सूचना तथा संचारमन्त्री सुरेन्द्र कुमार कार्की ने कहा की अगर आम संचार बिश्वबिद्यालय स्थापीत हूई तो नेपाल का संचार ज...

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डॉ. रीना यादव भारत में सम्मानित

0 February 7, 2017

विनोदकुमार विश्वकर्मा,काठमांडू | शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली व भारतीय भाषा मंच के तत्वावधान में कानपुर में आयोजित भाषासेतु कार्याशाला के अव...

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अपना हाथ जगन्नाथ, बेचारा एसएसपी कैसे बताएगा ३४किलो सोना खाने वाली बडी मछली कौन है

0 February 7, 2017

बिम्मी शर्मा (व्यग्ंय), वीरगंज , ७ फरवरी |पद, पैसा और पावर वह त्रिवेणी जिस पर नहाने के बाद हर कोई अपना हाथ जगन्नाथ करने के लिए उतावला होता है । यह पैस...

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वसंत पंचमी – सदाबहार ऋतुओं के राजा ‘वसंत’ : विजय यादव

0 February 1, 2017

विजय यादव, काठमाण्डू, 19  माघ । वसंत जिसके नाम से ही हर किसी का मन उत्साहों से भर जाता है और जीवजन्तुओं से लेकर इन्सानों का भी रोम–रोम पुलकित हो उठता ...

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त्रुटीपूर्ण पाठ्यपुस्तक छापना गैरजिम्मेवारी ही नही शैक्षिक अपराध भी हैे : भाषाविद्

0 January 29, 2017

विजेता, काठमाडौं, १६ माघ । नयें शैक्षिक शत्र में नेपाली किताब फिर से त्रुटीपूर्ण वर्णविन्यास के साथ प्रकाशित होने जा रही है । व्याकरण व भाषा में अशुद्...

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