item-thumbnail

कत्ल की रात, आज की रात सभी का गर्दन पैसे की चक्कू से कटेगा

0 September 17, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज, १७ सितम्बर | (व्यग्ँय) आज है कत्ल की रात । मतदाताओं की ईमान और विवेक को पैसे कि खंजर से लहुलुहान करने की रात है आज । यह रात कालर...

item-thumbnail

हरिवंशराय बच्चन का नाम सुनते ही याद आती है मधुशाला : मनीषा गुप्ता

0 September 17, 2017

खुद को गौरवान्वित महसूस होता है आज इतने महान लेखक कवि स्वर्गीय हरिवंश बच्चन राय जी की जीवनी आप सब के समक्ष प्रस्तुत करते हुए आभार हिमालिनी पत्रिका (ने...

item-thumbnail

साहित्य में सहित का भाव होता है और सहित हमें जोड़ता है : श्वेता दीप्ति

0 September 16, 2017

नेपाल भारत मैत्री संघ द्वारा आयोजित “भारत नेपाल काव्य सेतु” का लोकार्पण कार्यक्रम में त्रि.वि.वि हिन्दी केन्द्रीय विभाग की पूर्व अध्यक्ष त...

item-thumbnail

नेपाल भारत म्रत्री संघ द्वारा भारत नेपाल काव्य सेतु का लोकार्पण

0 September 15, 2017

  काठमान्डू १५ सितम्बर नेपाल भारत मैत्री संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत नेपाल काव्य सेतु का लोकार्पण किया गया । कार्यक्रम में राष्ट्रकवि शताब्दी...

item-thumbnail

नेपालगन्ज में सामाजिक सद्भाव विषयक बहुुभाषिक कवि गोष्ठी सम्पन्न

0 September 13, 2017

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल २०७४ भाद्र २८ गते ।नेपालगन्ज में यूएनडिपी के सहकार्य में तथा सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र के आयोजन में भाद्र २...

item-thumbnail

माहन इंसान .. गुलज़ार साहेब ! चंद पंक्तियों से उनके जीवन की अनुभूति

0 September 10, 2017

आज साहित्य की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए में मनीषा गुप्ता हिमालिनी पत्रिका (नेपाल) से आप लोगो के समक्ष जिन साहित्यकार , गीतकार , जिनका एक एक शब्द का...

item-thumbnail

डॉ. राणा की उड़ान के साथ.. : डॉ.श्वेता दीप्ति (अठारहवीं गजल संग्रह का विमोचन)

0 September 8, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, ८ सेप्टेम्बर | हमें भेजा है दुनिया में, निशानी छोड़ जानी है, जो देखा जिंदगानी में, कहानी छोड़ जानी है । डा. कृष्णजंग राणा ...

item-thumbnail

बीपी कोइराला फाउन्डेसन द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन

0 September 1, 2017

भाद्र १६ । भारतीय राजदूतावास, बीपी कोइराला फाउन्डेसन द्वारा कल्ह पोयमांडू का ३५ वां संस्करण अन्तर्गत  काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । नेपाल -भारत पुस...

item-thumbnail

यानि, ओली करें तो रासलीला और देउवा करें तो कैरेक्टर ढीला : सुरभि

0 August 30, 2017

सुरभि, विराटनगर | हे देवाधिदेव महादेव इन नेताओं को आपने इतना अधिक धैर्य कहाँ से प्रदान किया है ? कितनी भी जिल्लत झेल लें पर थेथरइ से बाज नहीं आते हैं ...

item-thumbnail

शब्दो और एहसासों की मलिका सुप्रसिद्ध कवयित्री अमृता प्रीतम

0 August 27, 2017

अमृता प्रीतम – Amrita Pritam व्यक्तित्व और कृतित्व की इस श्रृंखला को आगे बढाते हुए में मनीषा गुप्ता हिमालिनी पत्रिका (नेपाल)  के कॉलम में सुप्रसिद्ध क...

item-thumbnail

के आर एकल यात्री के सपनो को एक ऊंची उड़ान मिले ( शुभकामना )

0 August 20, 2017

नमस्कार, जी हाँ मैं मनीषा हिमालिनी पत्रिका (नेपाल), कॉलम व्यक्तित्व और कृतित्व की श्रंखला में पूरे संसार के जाने माने, प्रसिद्ध , साहित्य को रोम रोम म...

item-thumbnail

हिन्दी साहित्य जगत के प्रकाण्ड विद्वान हजारी प्रसाद दि्वेदी का अाज है जन्मदिन

0 August 19, 2017

१९अगस्त मूल नाम : बैजनाथ द्विवेदी जन्म : 19 अगस्त 1907, दुबे का छपरा (गाँव), बलिया (उत्तर प्रदेश)भाषा : हिंदीविधाएँ : आलोचना, उपन्यास, निबंध आचार्य हज...

item-thumbnail

बाबा नागार्जुन हिन्दी, मैथिली, संस्कृत तथा बांग्ला में कविताएँ लिखते थे

0 August 18, 2017

साहित्य की इस बार की श्रंखला को आगे बढाते हुए हम कवि , लेखक , उपन्यास कार नागार्जुन जी के जीवन से जुड़ते हुए उनकी लिखित कृतियों के बारे में जानेगे R...

item-thumbnail

सांस्कृतिक रिश्तों की नींव राजनीतिक प्रहार से कमजोर नहीं होते : डॉ.श्वेता दीप्ति

0 August 15, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १५ अगस्त, २०१७ |  हेल्मबु की जननी पार्वती की क्रीड़ा भूमि हिमाचल के अंचल स्थित शैलावृत नेपाल, हमेशा से आकर्षण की भूमि रही ...

item-thumbnail

असहाय सी है, ज़िन्दगी; मिलती नहीं,  राहत कहीं; 

0 August 14, 2017

मौत पर, मातम नहीं …. गंगेश मिश्र असहाय सी है, ज़िन्दगी; मिलती नहीं,  राहत कहीं;  बह गया, कुछ ना बचा; और ना बची, उम्मीद भी। घर गिरा है, भरभराकर; ...

item-thumbnail

दिल काे छूती बाढ पर कवि अच्यूतानन्द मिश्र की पाँच कविताएँ

0 August 13, 2017

डूबता हुआ बच्‍चा एक ख़बर है ख़बर के बाहर का गाँव कब का डूब चुका है बच्‍चे की लाश फूल चुकी है फूली हुई लाश एक ख़बर है .. 1 बाढ़ हर तरफ़ अथाह जल जैसे डू...

item-thumbnail

प्रसून जाेशी की कविता

0 August 13, 2017

शर्म आनी चाहिए शायद हम सबको  क्योंकि जब मुट्ठी में सूरज लिए नन्ही सी बिटिया सामने खड़ी थी तब हम उसकी उँगलियों से छलकती रोशनी नहीं उसका लड़की होना देख ...

item-thumbnail

दलित साहित्यकार ` कल्याणपुरी `का निधन 

0 August 9, 2017

श्रावण २५  सप्तरी विश्वकर्मा कल्याण समाज का पूर्व अध्यक्ष ,दलित साहित्यकार एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक उपेन्द्र राही ` कल्याणपुरी`    का श्रावण १७ गते नि...

item-thumbnail

प्रेम का प्रतिक रक्षाबन्धन : विनोदकुमार विश्वकर्मा `विमल`

0 August 7, 2017

                                                                                                                             विनोदकुमार विश्वकर्मा `वि...

item-thumbnail

सब से सुन्दर है राखी त्योहार भइया : संगीता ठाकुर

0 August 7, 2017

राखी सब से सुन्दर है राखी त्योहार भइया बहना बाँधे राखी तेरे हाथ भइया । तुम हो घर मे आलोकित प्रकाश भइया हम बहनों के धरा पर हो प्यार भइया । तुम न होते त...

item-thumbnail

क्या वज़ूद है मेरा सात फेरो संग फ़र्ज़ के बोझ तले दब जाना…! मनीषा गुप्ता

0 August 1, 2017

【 औरत 】 तमाम उम्र एक छत के नीचे निकाल कर औरत …… अपनों से एक सवाल करती है …! क्या वज़ूद है मेरा सात फेरो संग फ़र्ज़ के बोझ तले दब जाना&#...

item-thumbnail

नीले आकाश में….. : डॉ. सन्दर्भ गिरी

0 July 30, 2017

नीले आकाश में डॉ. सन्दर्भ गिरी मेरे गिटार का तार टूटा हुआ है मेरे कैनवास अभी मूक हैं अक्षर घुटन से तैर रहा है एक निश्चित ज़मीन की खोज में भीतर अलग जहां...

item-thumbnail

बेशर्मी की भी हद है, खुले आम सौदा हो रहा है किस मंत्रालय में कितना पैसा : सुरभि

0 July 26, 2017

सुरभि, बिराटनगर | कुछ दिनों पूर्व जब मैंने एक व्यंग्य (भाई व्यंग्य को पचाने की तो ताकत रखिए नहीं तो हाजमोला प्रयोग कीजिए ) लिखा था कि मुझे अब इस देश प...

item-thumbnail

कथा सम्राट प्रेमचन्द का हामिद अब विजुअल रूप में

0 July 24, 2017

२४जुलाइ कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी इदगाह अाज भीपाठकाें की जेहन में अपनी छाप छाेडता है । एक अद्भुत कहानी जाे कालजयी बन गइ ।अब कथा सम्राट मुंशी प्रेमच...

item-thumbnail

हिंदी साहित्य की बहुआयामी प्रतिभा भीष्म साहनी जी

0 July 23, 2017

इस बार साहित्य की श्रृंखला में हम आत्म सात करेंगे हिंदी साहित्य की बहुआयामी प्रतिभा भीष्म साहनी जी से | तो आइए हिमालिनी पत्रिका ( नेपाल ) संग मैं मनीष...

item-thumbnail

जय मिथिला जय मिथिला जय मिथिला

0 July 22, 2017

डा‍ श्वेता दीप्ति जय मिथिला जय मिथिला जय मिथिला हे जगत जननी माँ तुझे प्रणाम, हे जनक नन्दिनी तुझे प्रणाम । भले हैं या हम बुरे हैं माँ, पर हैं हम तेरी ह...

item-thumbnail

आज फिर : पूजा गुप्ता

0 July 22, 2017

आज मैं फिर से अपने गमों से मुब्तला हो रही हूँ , खुद से खुद की पहचान खो रही हूँ , कुंठित मन के गलियारे में अपने अहजानों को कन्धे पे उठाए बीती यादों के ...

item-thumbnail

उत्थान भाेजपूरी कविता

0 July 21, 2017

  उत्थान / आचार्य महेन्द्र शास्त्री आज आकाश में भी बथान भइल रे चान सूरज पर आपन मकान भइले रे। रोज विज्ञान के ज्ञान बढ़ते गइल, लोग ऊँचा-से-ऊँचा पर ...

item-thumbnail

नेपाल, जहाँ जनता का खून चूस कर विदेशों में विदेशी खून चढाया जाता है : सुरभि

0 July 17, 2017

देश अनुदान पर चलता है और नेता जनता की कमाई पर । बस इसी वास्तविकता ने मुझे इस ग्लानि से बाहर निकाल दिया कि मैं गरीब देश की नागरिक हूँ और इसी लिए, आज मै...

item-thumbnail

नेपालगन्ज में भानु जयन्ती के उपलक्ष्य में बहुभाषिक कवि गोष्ठी

0 July 16, 2017

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल । गुल्जारे अदब बाके नेपालगन्ज और भेरी साहित्य समाज नेपालगन्ज की संयुक्त रुप में शनिवार को महेन्द्र पुस्तकालय नेपालगन्ज मे...

item-thumbnail

हिंदी साहित्य के बेताज बादशाह सूरदास जी का जीवन और कृतियों

0 July 16, 2017

हिंदी साहित्य की श्रंखला को आगे बढाते हुए हिमालिनी संग मनीषा गुप्ता …… हिंदी साहित्य के बेताज बादशाह #सूरदास जी का जीवन और कृतियों सहित &#...

item-thumbnail

दुनिया की सबसे संवेदनशील प्राणी पत्नी पर निबन्ध

0 July 15, 2017

– ज्ञानगुरु व्यंग्य पत्नी नामक प्राणी भारत सहित पूरे विश्व में बहुतायत में पाई जाती है। प्राचीन समय में यह अक्सर घर में और भोजनशाला में पाई जाती...

item-thumbnail

विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया भानु जन्मजयंती

0 July 13, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १३ जुलाई । आदिकवि भानुभक्त आचार्य की २०४वीं जन्मजयंती आज विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाई गई । आदिकवि आचार्य ने संस्कृत भाषा म...

item-thumbnail

बारिश से सडक नदी में तबदील, ओलीजी का जहाज चलाने का सपना पूरा : सुरभि

0 July 10, 2017

सुरभि, बिराटनगर | वाह क्या चाल थी, क्या बाडी थी, दो कदम चलना और एक झटके से रुकना, थोड़ा झिझकना और फिर इठलाती हुई आगे बढ़ जाना । जहाँ रुकी, कि दीवानों ...

item-thumbnail

“गुरूवर” गुरूचरण में सब फूल है अर्पण : संगीता ठाकुर

0 July 9, 2017

“गुरूवर” पूर्णिमा के पूर्ण चाँद है गुरूवर भटके पथिक के पथ है भू पर अमावस्या में प्रकाश बन जाते ऐसे अनमोल है जग में गुरूवर ।। अंधेरा जब छा जाता है मानव...

item-thumbnail

भारत की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम १८५७ : भूमिहार ब्राह्मण का योगदान : प्रेमचन्द्र सिंह

0 July 9, 2017

प्रेमचन्द्र सिंह, लखनऊ | भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विरुद्ध पहली बार खूनी क्रांति का श्रीगणेश वर्ष-१८५७ में हुआ और स्वतंत्रता के प्रथम सशस्त्र संघ...

item-thumbnail

सुविख्यात लेखक और प्रतिभाओं के धनी स्व. पंडित प्रताप नारायण मिश्र

0 July 9, 2017

साहित्य की इस बार की अपनी श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए हम हिमालिनी(पत्रिका) और आप लोगो के संग आगे बढ़ते हैं और जानते है सुविख्यात लेखक और प्रतिभाओं के धनी ...

item-thumbnail

शुद्ध और अच्छी हिन्दी कैसे लिखें ?

0 July 5, 2017

वाक्यगत अशुद्धियां वाक्य, भाषा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई होती है । अतः लिखने या बोलने के समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे द्वारा जो कुछ लिखा या क...

item-thumbnail

वृद्ध भत्ता मछली फंसाने का चारा : बिम्मी शर्मा

0 July 5, 2017

वृद्ध भत्ता नेकपा एमाले के लिए वह दूधारु गाय है जो वह हर निर्वाचन में दूह कर जीतना चाहता है । ०४६ साल में देश में बहूदलीययवस्था आने के बाद नेकपा एमाले...

item-thumbnail

इसबार कें विद्यापति पुरस्कार मिथिला नाट्य कला जनकपुर को प्रदान

0 July 4, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, ४ जुलाई । राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने भाषा, साहित्य और संस्कृति के उपर पडे नकारात्मक प्रभाव से स्थानीय भाषाओं को बचाने क...

item-thumbnail

नेताजी ! ना पहाड का जवाई काम आया और ना ही मधेश का बेटा : सुरभि

0 July 3, 2017

सुरभि, बिराटनगर | “गइल भैंस पानी में” हाँ हजूर अभी तो यह जुमला सोशल मीडिया की जान बनी हुई है । वो तो अचानक प्रकृति ने आपका साथ दे दिया, बाढ़ के कहर ने...

item-thumbnail

साहित्य जगत के बादशाह सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ : जीवन एवं कृतित्व

0 July 2, 2017

एक बार फिर साहित्य की इस श्रृंखला को आप सभी के सहयोग और हिमालिनी के साहित्य के प्रति समर्पित ज़ज्बे को आगे  बढाते हुए मैं मनीषा गुप्ता आप लोगो के समक्ष...

item-thumbnail

हौसलों को जिन्दा रख,यकीन को कायम, इतिहास पर हमारी तारीखें लिखी जाएँगी : श्वेता दीप्ति

0 June 30, 2017

आज पर ही कल की ताबीर लिखी जाती है , कल उस पर हमारी जीत लिखी जाएगी : श्वेता दीप्ति     श्वेता दीप्ति हौसलों को जिन्दा रख, यकीन को कायम इतिहास...

item-thumbnail

मदनभण्डारी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार कमल कोइराला को

0 June 29, 2017

१५ असार,काठमाडौं । इस वर्ष का मदन भण्डारी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार बरिष्ठ पत्रकार तथा लेखक कमल कोइराला को प्रदान किया जाएगा । नेकपा एमाले के केन्...

item-thumbnail

मैंने देखा कि भारत नेपाल के सामने थर-थर काँप रहा है : सुरभि

0 June 26, 2017

(गुस्ताखी माफ ये सिर्फ एक सपना है इसे हकीकत ना समझें और न ही दिल से लगाएँ) सुरभि, बिराटनगर,२६ जून, (व्यंग्य) | सबसे पहले तो मैं माफी ही माँग लूँ कि, इ...

item-thumbnail

केशवदास जी का जीवन परिचय और उनकी साहित्यिक प्रेरणा

0 June 25, 2017

यकीनन साहित्य एक असीम विस्तृत सागर है जिसमे जितने गहरे उतरेंगे उतने ही रत्न प्राप्त होंगे ……… नमस्कार, मैं मनीषा गुप्ता हिंदी साहित्...

item-thumbnail

जय हो पद मोह की, जय हो राजनीति बाबा की : सुरभि

0 June 21, 2017

सुरभि, बिराटनगर २१ जून, ( व्यंग्य) | नेताओं का नया सुर है, राजनीति के नाम पर दे दो बाबा आपका भला होगा । पहले भगवान के नाम पर लोग माँगते थे पर आज तो रा...

item-thumbnail

नेपाल में पेन्टिंग का अच्छा अवसर है : डॉ. संजीदा खानम

0 June 20, 2017

डॉ. संजीदा खानम भारत के विख्यात आर्टिस्ट हैं । उन्होंने श्रीलंका और भूटान के विभिन्न आर्ट गैलरी में अपनी कला प्रस्तुत कर चुकी हैं । एक हफ्ते पहले काठम...

item-thumbnail

ज्यादातर दुसरें भाषा से नेपाली भाषा के अनुवाद किया हैं, सुधार के लिए संस्कृत का अध्ययन जरुरी

0 June 15, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १५ जून । भाषाविदों ने नेपाली भाषा में सुधार के लिए संस्कृत के अध्ययन को जÞरूरी बताया है । नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान अंतर्गत अन...

item-thumbnail

हिंदी साहित्य के इतिहास को और व्यापक करती किताब

0 June 13, 2017

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १३ जून । हिंदी साहित्य के इतिहास पर पिछली एक शताब्दी में काफी काम हुआ और लिखा पढ़ा गया है । आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हजारी बा...

item-thumbnail

कला के वगैर तो मनुष्य पशु के समान : संजय कुमार साहनी

0 June 12, 2017

संजय कुमार साहनी ललित कला के जाने माने प्रोफेसर हैं . विगत 15 वर्षों से वे बिजनोर में स्थित सार्वजनिक आर्य इन्टर  कालेज  के फ्रोफेसर हैं. उन्होंने एम ...

item-thumbnail

समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याघ्र, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी अपराध।

0 June 6, 2017

श्वेता दीप्ति आज बड़ी शिद्दत से रामधारी सिंह दिनकर की वो पंक्‍तियां याद आ रही हैं जो उनकी कविता ”समर शेष है ” में उद्धृत की गई हैं- समर शे...

item-thumbnail

हिन्दी साहित्य में नारी के बदलते रूप

0 June 5, 2017

  तुम्हारे अधरों का रस पान, वासना तट पर पिया अधीर । अरी ओ माँ हमने है पिया, तुम्हारे स्तन का उज्ज्वलक्षीर।। घृतकुम्भसमा नारी तप्तागारसमः पुमान। न...

item-thumbnail

माहत्मा कबीर जी का जीवन परिचय उनके उपदेश तथा उनकी कृतियां

0 June 4, 2017

साहित्य जगत के प्रख्यात कवि माहत्मा कबीर जी का जीवन परिचय उनके उपदेश तथा उनकी कृतियां उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को उजागर करती है …… कबिर जी...

item-thumbnail

नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है .दुष्यन्त कुमार

0 June 3, 2017

2 जून दुष्यंत कुमार उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे। जिस समय दुष्यंत कुमार ने साहित्य की दुनिया में अपने कदम रखे उस समय भोपाल के दो प्रगतिशील श...

item-thumbnail

ये ऐसा ही देश है ….

0 June 1, 2017

गंगेश मिश्र बँट गया है, देश; उत्तर और दक्षिण में; पहाड़ और समतल में; अंध-कूप में गिरी-पड़ी; असहाय सी राजनीति; नीतिकारों की अनीति; देश की नियति; सब कुछ...

item-thumbnail

आज भी जाओगी, आज तो न जाओ (लघुकथा) : दिलीप कुमार

0 May 30, 2017

आज के दिन भी : दिलीप कुमार,  आज भी जाओगी, आज तो न जाओ ‘‘दुखीलाल धीरे से बोला। ’’कैसे न जाऊॅ, बड़े साहब आज छुट्टी पर हैं। आज का दिन उनके लिये खास है, पू...

item-thumbnail

राजेंद्र शलभ कृत कविता संग्रह ‘कविता को रंग’ का लोकार्पण

0 May 29, 2017

काठमांडू, २९ मई | आज राजधानी में एक भव्य समारोह के विच राजेंद्र शलभ द्वारा लिखित ‘कविता को रंग’ विषयक कविता संग्रह का विमोचन सहित सार्वजनि...

item-thumbnail

सुभद्रा कुमारी चौहान

1 May 28, 2017

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी,  गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,  दूर फिरंगी को करने की ...

item-thumbnail

बेटी–विदाई मिथिलांचल की

0 May 26, 2017

बड़ रे जतन से सियाजी के पोसलों से हो सिया राम लेने जाय ।’ मिथिला की बेटी की विदाई के वक्त यह गम अपनी चरमावस्था में होता है । यह बात अलग है कि शहरों की...

1 2 3 7