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देश कागज पर बना नक्शा नहीं होता : प्रस्तुति वी.के. पासवान

0 February 5, 2018

यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में आग लगी हो तो क्या तुम दूसरे कमरे में सो सकते हो? यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में लाशें सड़ रहीं हों तो क्या तुम दूसरे कम...

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मधेश मे हिन्दी अपरिहार्य भाषा : बी.के. पासवान

1 January 24, 2018

प्रिय पाठक मित्रों ! 24-जनवरी,2018 – बि.के. पासवान । आज दुनियां भरमे एक लहर चल रहा है, स्वाभिमान और पहचान के लिए हर ब्यक्ति-समुदाय अपने बिगत की ...

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तरबूजा : बिम्मी शर्मा

0 January 17, 2018

नेता गिरगिट की तरह रंग तो बदलते ही थे, अब तरबूजे की तरह एक को देख कर दूसरा उसी के रंग का हो गया है या होने वाला है । विश्वास नहीं है तो नेपाल के सबसे ...

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मैं, मधेश आंदोलन हूँ ! बि.के. पासवान

0 January 16, 2018

मैं, मधेश आंदोलन हूँ ! अभी शिशिरका मौसम है, मैं भी ठिठुर सा गया हूँ, लेकिन घबरा नहीं रहा मैं, केवल बसंतकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ, बसंत आते ही मुझमे शौर्...

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साहित्य को आगे बढ़ाने में दूत का काम करती है पत्रकारिता : डॉ.रीता चौधरी

0 January 13, 2018

{हिमालिनी के लिए मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट} नई दिल्ली {भारत}:– राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की निदेशक और साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त लेखिका डॉ....

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कोई गम नहीं है मुझको जो तू मुझे मिला नहीं : डा. श्वेता दीप्ति (विश्व हिंदी दिवस पर प्रस्तुत गजल)

0 January 13, 2018

माना कि चाहतों का दिया तुमने सिला नहीं कोई गम नहीं है मुझको जो तू मुझे मिला नहीं । सच है कि जिंदगी, तुम तक पहुँच ना पाई है हसरतों को आज भी तुमसे गिला ...

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सच कहूँ प्रिय! तुम तो, मेरी कल्पना से भी  बहुत बढ़ कर निकले!

0 January 12, 2018

जीवन में कब क्या घटित हो जाए,कोई कुछ नहीं कह सकता! कब माँ सरस्वती कौन सी छुवन ले कर ह्रदय में प्रवेश कर जाएं,इसका भी भान पहले से नहीं हो पाता! प्रेम ए...

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वरिष्ठ साहित्यकार सच्चिदानन्द चौबे का ८० वाँ जन्मदिन

0 January 5, 2018

नेपालगञ्ज, (बाके) पवन जायसवाल, २०७४ पौष २१ गते । नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नंं. ११ भवानी बाग के निवासी अवधी तथा हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार तथा ...

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टोपीवाद : बिम्मी शर्मा

0 January 3, 2018

बिम्मी शर्मा, वीरगंज । ( व्यंग्य )इस देश में राष्ट्रवाद और देश प्रेम का पयार्यवाची है टोपीवाद । आप अगर नेपाली टोपी या ढाका टोपी पहनते है तो आप सच में ...

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गजल

0 January 2, 2018

गोर्खे साइँलो वो तो आते हैं, लौट जाते है., देखकर खुद ही मुस्कुराते हैं । जब उन्हें याद आ गया कोई, गीत गजलों को गुनगुनाते हैं । जल गया ख्वाब उनकी चाहत ...

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कुछ कमी सी है

0 January 2, 2018

पूजा गुप्ता जाने क्यों सब कुछ पा कर भी इक कमी सी है, होंठ भले ही हँसते हो मेरे पर आँखों में नमी सी है, ना कुछ पाने से खुशी होती है अब, ना कुछ खोने से ...

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गांधी : उनकी सफलता का रहस्य : स्व. भद्रकाली मिश्र

0 January 1, 2018

स्व. भद्रकाली मिश्र गांधी ने पूर्वीय समस्त इच्छाओं एवं महानता का यथार्थ प्रतिनिधित्व किया । उन्होंने भौतिक उत्कर्ष की चमक के कारण तथा वैभव, शक्ति एवं ...

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हड़बड़ी के ब्याह कनपट्टी में सेनूर : बिम्मी शर्मा

0 December 21, 2017

   बिम्मी शर्मा, वीरगंज | हड़बड़ी का काम हमेशा गड़बड़ी वाला होता है । हड़बड़ी करने वाले लोग कहते या बोलते एक चीज हैं पर करते दुसरा ही हैं । यह बि...

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मुक्तिबोधः उम्र भर जी के भी न जीने का अंदाज आया

0 December 18, 2017

हरिशंकर परसाई भोपाल के हमीदिया अस्पताल में मुक्तिबोध जब मौत से जूझ रहे थे, तब उस छटपटाहट को देखकर मोहम्मद अली ताज ने कहा था– उम्र भर जी के भी न जीने क...

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”  मेरा पता”

0 December 16, 2017

”  मेरा पता” आरती आलोक वर्मा 1 तुम मुझे मेरा पता बतलाओगे? या बतलाओगे तुम मुझे मेरे होने के मायने, ना-ना मैं ये उम्मीद नहीं करतीना ही देती ...

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कुबेरनाथ राय, एक ऐसे साहित्यकार जिन्होंने हिंदी निबंध हिंदी साहित्य को अपना जीवन दिया ..मनीषा गुप्ता..

0 December 15, 2017

कुबेरनाथ राय आज की साहित्यिक श्रृंखला को आगे बढाते हुए हिमालिनि पत्रिका नेपाल में मेरा लेख एक ऐसे साहित्यकार को जिन्होंने हिंदी निबंध हिंदी साहित्य को...

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साहित्यिक महाकुम्भ नेपाल तक पहुँचे और जीवन को ऊर्जा प्रदान करे : बसंत चौधरी

0 November 30, 2017

मेरठ के आईआईएमटी विवि में २४ से २६ नोभेम्बर तक तीन दिवसीय मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन किया गया | इसमें नेपाल, भूटान और तिब्बत के विख्यात कवियों और ...

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मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल में नेपाल से ५० साहित्यकार भाग लेंगें

0 November 20, 2017

अन्तर्राष्ट्रीय संस्थान ग्रीन केयर सोसायटी द्वारा आई. आई. एम. टी.विश्वविद्यालय, मेरठ के सहयोग में मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन २४, २५ और २६ नवम्बर क...

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ऐ जिन्दगी

0 November 15, 2017

अयोध्यानाथ चौधरी ऐ जिन्दगी! तुम कब तलक , यूँही दहलीज के बाहर ऐसे ही अंगूठे से मिट्टी कुरेदती रहोगी इतनी संवेदनहीनता ! मेरा सूनापन अब मौत के समीप है बर...

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आओ चलकर सैर करें हम

0 November 15, 2017

महेशचन्द्र शर्मा हाथ पकड़कर गीता माता, मुझको चलना सिखाती है । सबसे प्रेम करो मेरे बेटे, मुझको यही सिखाती है ।। जब जब मैं देवालय जाता, प्रभु से नाता जु...

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लेखिका इस्मत चुगताई उर्फ ‘उर्दू अफसाने की फर्स्ट लेडी’ जिन्होंने महिला सशक्तीकरण की बड़ी लकीर खींचीं

0 November 14, 2017

आज की साहित्यिक श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए हिमालिनी पत्रिका ( नेपाल ) में साहित्य को समर्पित कॉलम से हम हर हफ्ते किसी लेखक और लेखिका का जीवन परिचय उनकी...

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गठबंधन नही ठगबंधन – वाम, दाम और नाम का संगम : बिम्मी शर्मा

0 November 7, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज, (व्यंग्य) | इस देश में बारबार हो रहे निर्वाचन शादी के सात फेरे जैसी हो गयी है । शादी के ही सीजन में इस देश में निर्वाचन का भी शु...

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हिन्दी साहित्य के महान लेखक तथा सम्पादक श्री रामवृक्ष बेनीपुरी : मनीषा गुप्ता

0 November 5, 2017

मनीषा गुप्ता, ★★★★★रामवृक्ष बेनीपुरी ★★★★★★★ आज की साहित्यिक की श्रृंखला में मैं मनीषा गुप्ता हिमालिनि पत्रिका ( नेपाल ) के कॉलम में जिन साहित्य कर का...

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जब तलक है जिन्दगी…मैं अपने जन का साथ हूँ : बृषेश चन्द्र लाल

0 November 3, 2017

जब तलक है जिन्दगी कोई नाथ नहीं अनाथ हूँ ये मेरा मन है मेरा तन मैं अपने जन का साथ हूँ। जो छिन गया सो छिन गया जा शून्य में न मिल गया जहाँ में कुछ मिला त...

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जनकपुर में सितायन महाकाव्य का भव्य लोकार्पण

0 October 30, 2017

जनकपुर 29 अक्टूबर । नेपाल हिंदी प्रतिष्ठान जनकपुर और भाषा संगम इलाहाबाद के संयुक्त तत्वाधान में एक कार्यक्रम आयोजित कर सितायन महाकाव्य का लोकार्पण किय...

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जनकपुर में सितायन का लोकार्पण

0 October 30, 2017

जनकपुर 29 अक्टूबर । नेपाल हिंदी प्रतिष्ठान जनकपुर और भाषा संगम इलाहाबाद के संयुक्त तत्वाधान में एक कार्यक्रम आयोजित कर सितायन महाकाव्य का लोकार्पण किय...

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महर्षि वाल्मीकि कवि,शिक्षक और ज्ञानी ऋषि थे.

0 October 23, 2017

महर्षि वाल्मीकि का जीवन – परिचय – Maharshi Valmiki Ki Jeevani आज मैं एक बार फिर हिमालिनी पत्रिका (नेपाल ) के साहित्यिक कॉलम में ले कर आई हूं “रा...

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विश्व साहित्य की सर्वोत्तम कृतियों में अभिज्ञान शाकुन्तल

0 October 16, 2017

हिमालिनि पत्रिका ( नेपाल ) की इस बार की साहित्यिक श्रृंखला में मैं मनीषा गुप्ता महाकवि कालिदास जी के व्यक्तित्व व उनके महाकाव्य # अभिज्ञान शाकुंतलम पर...

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नेपालगञ्ज में बहुुभाषिक कवि गोष्ठी

0 October 15, 2017

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल, २०७४असोज २९ गते । नेपालगञ्ज में सामाजिक सद्भाव फैलाने के लिये और सास्कृतिक सङ्गग्रालय की स्थापना करने के लिये सहभागियों ...

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भारतीय राजदूतावास द्वारा हिंदी पखवाड़ा आयोजित

0 October 12, 2017

काठमांडू | भारतीय राजदूतावास द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा-2017 का समापन समारोह कल दिनांक 11 अक्तूबर को संपन्न हुआ | इससे पहले भारतीय राजदूतावास की तरफ ...

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सुरों की मलिका शमशाद बेगम Shamshad Begum

0 October 8, 2017

जी हाँ सहित्य और संगीत का एक अटुट रिश्ता रहा है संगीत को साहित्य के प्राण भी कहा जाए तो अतिशयोक्ति नही होगा आज मैं मनीषा गुप्ता हिमालिनी पत्रिका ( नेप...

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कुर्सी का खेल … : गंगेशकुमार मिश्र

0 October 5, 2017

कुर्सी का खेल … गंगेशकुमार मिश्र °°°°°°°°°°°°° छक कर खाई; रसमलाई; जब-जब कुर्सी; मिली है, भाई। भूलूँ कैसे ? ऊँची कुर्सी; चाहूँ, भी; न जाय भुलाई। ...

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“हाम्रो संग्रह” पुुस्तक विमोचन कार्यक्रम

0 September 29, 2017

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल, २०७४ असोज १३ गते । बाके जिला में तमुु ह्युुलछोंजधी (गुुरुङ राष्ट्रीय परिषद्) जिला कार्य समिति के आयोजन में तमुु खेमानाँव...

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नेपालगन्ज में बहुुभाषिक कवि गोष्ठी सम्पन्न

0 September 27, 2017

नेपालगन्ज, (बाके) पवन जायसवाल, असोज १२ गते । यूएनडिपी की सहयोग में तथा सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र नेपालगन्ज की आयोजना में असोज ७ गते शनिव...

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भारत की सभ्यता बहुत पुरानी है: राजदूत मंजीव सिंह पुरी

0 September 25, 2017

काठमांडू, २५ सितंबर । भारतीय दूतावास एवं बीपी कोइराला फाउन्डेशन ने युग पुरुष मानव एकात्मवाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी के अवसर ...

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अंतोन चेखव जी के साथ उनकी कहानी के कुछ अंश

0 September 24, 2017

आज हिमालिनी पत्रिका ( नेपाल)  के आभार स्वरूप एक ऐसे लेखक से आप को रूबरू करवाते हुए खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ जो की रूसी परिवेश से आत्मसात होत...

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न जाने क्यूँ

0 September 22, 2017

राघवेन्द्र झा कभी बरसात की चुभन कभी धुप की तपन न जाने क्यूँ आजकल मौसम बेगाना लगता है ।। कभी ठण्ढक से रूबरू कभी पसीने की बदबु न जाने क्यूँ आजकल हर एहसा...

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कत्ल की रात, आज की रात सभी का गर्दन पैसे की चक्कू से कटेगा

0 September 17, 2017

बिम्मी शर्मा, वीरगंज, १७ सितम्बर | (व्यग्ँय) आज है कत्ल की रात । मतदाताओं की ईमान और विवेक को पैसे कि खंजर से लहुलुहान करने की रात है आज । यह रात कालर...

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हरिवंशराय बच्चन का नाम सुनते ही याद आती है मधुशाला : मनीषा गुप्ता

0 September 17, 2017

खुद को गौरवान्वित महसूस होता है आज इतने महान लेखक कवि स्वर्गीय हरिवंश बच्चन राय जी की जीवनी आप सब के समक्ष प्रस्तुत करते हुए आभार हिमालिनी पत्रिका (ने...

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साहित्य में सहित का भाव होता है और सहित हमें जोड़ता है : श्वेता दीप्ति

0 September 16, 2017

नेपाल भारत मैत्री संघ द्वारा आयोजित “भारत नेपाल काव्य सेतु” का लोकार्पण कार्यक्रम में त्रि.वि.वि हिन्दी केन्द्रीय विभाग की पूर्व अध्यक्ष त...

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नेपाल भारत म्रत्री संघ द्वारा भारत नेपाल काव्य सेतु का लोकार्पण

0 September 15, 2017

  काठमान्डू १५ सितम्बर नेपाल भारत मैत्री संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत नेपाल काव्य सेतु का लोकार्पण किया गया । कार्यक्रम में राष्ट्रकवि शताब्दी...

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नेपालगन्ज में सामाजिक सद्भाव विषयक बहुुभाषिक कवि गोष्ठी सम्पन्न

0 September 13, 2017

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल २०७४ भाद्र २८ गते ।नेपालगन्ज में यूएनडिपी के सहकार्य में तथा सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र के आयोजन में भाद्र २...

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माहन इंसान .. गुलज़ार साहेब ! चंद पंक्तियों से उनके जीवन की अनुभूति

0 September 10, 2017

आज साहित्य की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए में मनीषा गुप्ता हिमालिनी पत्रिका (नेपाल) से आप लोगो के समक्ष जिन साहित्यकार , गीतकार , जिनका एक एक शब्द का...

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डॉ. राणा की उड़ान के साथ.. : डॉ.श्वेता दीप्ति (अठारहवीं गजल संग्रह का विमोचन)

0 September 8, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, ८ सेप्टेम्बर | हमें भेजा है दुनिया में, निशानी छोड़ जानी है, जो देखा जिंदगानी में, कहानी छोड़ जानी है । डा. कृष्णजंग राणा ...

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बीपी कोइराला फाउन्डेसन द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन

0 September 1, 2017

भाद्र १६ । भारतीय राजदूतावास, बीपी कोइराला फाउन्डेसन द्वारा कल्ह पोयमांडू का ३५ वां संस्करण अन्तर्गत  काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । नेपाल -भारत पुस...

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यानि, ओली करें तो रासलीला और देउवा करें तो कैरेक्टर ढीला : सुरभि

0 August 30, 2017

सुरभि, विराटनगर | हे देवाधिदेव महादेव इन नेताओं को आपने इतना अधिक धैर्य कहाँ से प्रदान किया है ? कितनी भी जिल्लत झेल लें पर थेथरइ से बाज नहीं आते हैं ...

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शब्दो और एहसासों की मलिका सुप्रसिद्ध कवयित्री अमृता प्रीतम

0 August 27, 2017

अमृता प्रीतम – Amrita Pritam व्यक्तित्व और कृतित्व की इस श्रृंखला को आगे बढाते हुए में मनीषा गुप्ता हिमालिनी पत्रिका (नेपाल)  के कॉलम में सुप्रसिद्ध क...

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के आर एकल यात्री के सपनो को एक ऊंची उड़ान मिले ( शुभकामना )

0 August 20, 2017

नमस्कार, जी हाँ मैं मनीषा हिमालिनी पत्रिका (नेपाल), कॉलम व्यक्तित्व और कृतित्व की श्रंखला में पूरे संसार के जाने माने, प्रसिद्ध , साहित्य को रोम रोम म...

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हिन्दी साहित्य जगत के प्रकाण्ड विद्वान हजारी प्रसाद दि्वेदी का अाज है जन्मदिन

0 August 19, 2017

१९अगस्त मूल नाम : बैजनाथ द्विवेदी जन्म : 19 अगस्त 1907, दुबे का छपरा (गाँव), बलिया (उत्तर प्रदेश)भाषा : हिंदीविधाएँ : आलोचना, उपन्यास, निबंध आचार्य हज...

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बाबा नागार्जुन हिन्दी, मैथिली, संस्कृत तथा बांग्ला में कविताएँ लिखते थे

0 August 18, 2017

साहित्य की इस बार की श्रंखला को आगे बढाते हुए हम कवि , लेखक , उपन्यास कार नागार्जुन जी के जीवन से जुड़ते हुए उनकी लिखित कृतियों के बारे में जानेगे R...

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सांस्कृतिक रिश्तों की नींव राजनीतिक प्रहार से कमजोर नहीं होते : डॉ.श्वेता दीप्ति

0 August 15, 2017

डॉ.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, १५ अगस्त, २०१७ |  हेल्मबु की जननी पार्वती की क्रीड़ा भूमि हिमाचल के अंचल स्थित शैलावृत नेपाल, हमेशा से आकर्षण की भूमि रही ...

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असहाय सी है, ज़िन्दगी; मिलती नहीं,  राहत कहीं; 

0 August 14, 2017

मौत पर, मातम नहीं …. गंगेश मिश्र असहाय सी है, ज़िन्दगी; मिलती नहीं,  राहत कहीं;  बह गया, कुछ ना बचा; और ना बची, उम्मीद भी। घर गिरा है, भरभराकर; ...

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दिल काे छूती बाढ पर कवि अच्यूतानन्द मिश्र की पाँच कविताएँ

0 August 13, 2017

डूबता हुआ बच्‍चा एक ख़बर है ख़बर के बाहर का गाँव कब का डूब चुका है बच्‍चे की लाश फूल चुकी है फूली हुई लाश एक ख़बर है .. 1 बाढ़ हर तरफ़ अथाह जल जैसे डू...

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प्रसून जाेशी की कविता

0 August 13, 2017

शर्म आनी चाहिए शायद हम सबको  क्योंकि जब मुट्ठी में सूरज लिए नन्ही सी बिटिया सामने खड़ी थी तब हम उसकी उँगलियों से छलकती रोशनी नहीं उसका लड़की होना देख ...

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दलित साहित्यकार ` कल्याणपुरी `का निधन 

0 August 9, 2017

श्रावण २५  सप्तरी विश्वकर्मा कल्याण समाज का पूर्व अध्यक्ष ,दलित साहित्यकार एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक उपेन्द्र राही ` कल्याणपुरी`    का श्रावण १७ गते नि...

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प्रेम का प्रतिक रक्षाबन्धन : विनोदकुमार विश्वकर्मा `विमल`

0 August 7, 2017

                                                                                                                             विनोदकुमार विश्वकर्मा `वि...

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सब से सुन्दर है राखी त्योहार भइया : संगीता ठाकुर

0 August 7, 2017

राखी सब से सुन्दर है राखी त्योहार भइया बहना बाँधे राखी तेरे हाथ भइया । तुम हो घर मे आलोकित प्रकाश भइया हम बहनों के धरा पर हो प्यार भइया । तुम न होते त...

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क्या वज़ूद है मेरा सात फेरो संग फ़र्ज़ के बोझ तले दब जाना…! मनीषा गुप्ता

0 August 1, 2017

【 औरत 】 तमाम उम्र एक छत के नीचे निकाल कर औरत …… अपनों से एक सवाल करती है …! क्या वज़ूद है मेरा सात फेरो संग फ़र्ज़ के बोझ तले दब जाना&#...

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नीले आकाश में….. : डॉ. सन्दर्भ गिरी

0 July 30, 2017

नीले आकाश में डॉ. सन्दर्भ गिरी मेरे गिटार का तार टूटा हुआ है मेरे कैनवास अभी मूक हैं अक्षर घुटन से तैर रहा है एक निश्चित ज़मीन की खोज में भीतर अलग जहां...

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