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नेपाल भारत के बीच का संबन्ध सुमधुर ओर प्रगाढ बनता गया हैं : दीपकुमार उपाध्याय

0 March 3, 2017

हिमालिनी डेस्क,काठमांडू, ३ मार्च । भारत के लिए नेपाली राजदूत दिप कुमार उपाध्याय ने कहा कि नेपाल भारत के बीच का संबन्ध सुमधुर ओर प्रगाढ बनता गया हैं । ...

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अब काग्रेंस नही, खाने वाले नेताओं का रेस अर्थात “खाग्रेंस” हो गई है : बिम्मीशर्मा

March 14, 2016

बिम्मीशर्मा, काठमांडू ,१४ मार्च | जलवा टंकी का, टंकी पानी रखने के लिए काम में लाया जाता है । पर हमारे देश में बिजली की तरह पानी भी नदारद है । इसीलिए व...

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सर्वोच्च के फैसले का मधेशीकरण : डा.श्वेता दीप्ति

0 July 16, 2015

सर्वोच्च अदालत ने आषाढ़ ४ गते एक ऐतिहासिक फैसला लिया था । इस फैसले ने जहाँ एक ओर किसी एक पक्ष को न्यायालय के अस्तित्व पर विश्वास जगाया वहीं सत्तापक्ष ...

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परमादेश की अवमानना : प्रो. नवीन मिश्रा

0 July 16, 2015

ऐसा नहीं है कि सबों ने न्यायालय के निर्णय की आलोचना की है । बहुत सारे प्रवुद्ध व्यक्तियों ने जिस में अमरेश सिंह, विमलेन्द्र निधि, रामसरोज यादव, मोहन व...

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भूकम्प का व्यापारीकरण : देवेश झा

0 May 31, 2015

नेपाल के महाविनाशकारी भूकम्प में जनधन की क्षति का आँकड़ा बढ़ता जा रहा है । अभी भी यकीन करना सम्भव नहीं हो पा रहा है कि वास्तविक स्थिति क्या है । इस भय...

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विनाशकारी भू्कम्प से सम्भावित महामारी से कैसे बचें

0 May 31, 2015

वि. स. २०७२ शनिवार १२ गते के ११ः५४ वजे आये महाभूकम्प से नेपाल की धरती थर्रा उठी ओर चारो ओर चीत्कार होने लगी । पुराने घर ताश के पत्ते की तरह भड़भड़ा कर...

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माँन्टेश्वरी शिक्षा के प्रति बढÞता आकर्षा

0 February 16, 2015

लीलानाथ गौतम:हर अभिभावक चाहता है कि हमारा बच्चा दूसरों के बच्चों से अलग और क्षमतावान हो सके । इसीलिए अभिभावक अपने बच्चे को उस तरह के वातावरण में पालन-...

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मोदी की सबसे बडी चुनौती अनुच्छेद ३७०

0 May 30, 2014

श्वेता दीप्ति, ३७० की धारा भारत के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री की सकसे बडी चुनौती । आजादी के समय जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं था । राज्य की अपनी मर्ज...

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आवरण उद्योग में उभरते चेहरे अपेक्षा और चुनौती

0 May 14, 2014

लीलानाथ गौतम:नेपाली उद्योग-व्यवसायियों का संगठन नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ -एफएनसीसीआई) में प्रदीपजंग पाण्डे के नेतृत्व में नया कार्य समिति का चयन हु...

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और भी गम हैं जमाने में मोहब्बत के सिवा

0 May 14, 2014

प्रो. नवीन मिश्रा: भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम ने आज राजनीति को एक नए मोडÞ पर लाकर खडÞा कर दिया है । लेकिन प्रश्न है कि विभिन्न देशों में यह मुहिम सफल हो ...

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बदलने लगी है राजनीति की परिभाषा

0 April 16, 2014

प्रो. नवीन मिश्रा:अभी हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरबिन्द केजरीवाल के नेतृत्व में हर्ुइ आम आदमी पार्टर्ीीी जीत ने विकासशील देशों विशेष रुप से...

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मधेशवादी दलों का एकीकरण जरुरी या मजबूरी

0 February 8, 2014

लीलानाथ गौतम:राजनीतिक दलांे क े ऊपर आरापे लगता आ रहा है कि वे फूटना जानत े ह,ंै जटू ना नही।ं यह आरापे मधशे वादी दला ंे क े प्रि त कछु ज्यादा ही ह।ै ले...

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आसान नहीं हैं रास्ते

0 December 17, 2013

कुमार सच्चिदानन्द:अनके अनिश्चितताआ ंे का े चीरत े हएु द्वितीय संविधानसभा का निर्वाचन सफलता पर्ूवक सम्पन्न हो गया और इसके परिणाम भी आ चकु े ह।ंै इस निव...

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त्रिकोणीय प्रतिस् पर्धा !कौन बाजी मारेगा

0 November 9, 2013

आगामी निर्वाचन के द्वारा कौन सी पार्टर्ीीबसे  बडे दल के रूप मंे आगे आएगी – अभी इसका सहज जवाव नहीं है । लेकिन प्रतिस् पर्धा का आकल किया जाए तो ती...

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सियासी दंगल

0 November 9, 2013

दशे मे आम चनुाव समय पर हागेा या  नहीं और अगर चुनाव हुआ तो यह  कितना सफल और शान्तिपर्ूण्ा होगा, इसकी कोई  ग्यार ेन्टी नहीं है । लेकिन काठमांडू की गद्दी...

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आप दशहरे को किस नजर से देखते हैं

0 October 8, 2013

दशहरे में पूजापाठ तो नहीं करता। सामाजिक और पारिवारिक परंपरानुसार परिवार का बडÞा बेटा होने के नाते सम्पर्ूण्ा परिवार मेरे यहाँ एक साथ मिलकर टीका और शुभ...

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नेपाल में विश्वास खोता चीन

0 December 15, 2012

विशेष अदालत ने चिनियां नागरिक ली जिऊ लीन को १ वर्षकैद तथा २१ लाख २५ हजार रुपये जर्ुमाना लगाया है। साथ ही अदालत ने ली के पास से बरामद किए गए २२ लाख रुप...

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पुष्पा बस्नेत सपने को मिला सहारा

0 December 15, 2012

कविता दास:नेपाल में सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली एक और महिला को अन्तर्रर्ाा्रीय स्तर पर सम्मान हासिल हुआ है। अनुराधा कोइराला को सीएनएन हिरो की उप...

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राजनीतिक निकास और संवैधानिक प्रश्न:श्रीमन नारायण

0 October 6, 2012

राजनीति में ‘सहमति’ शब्द कर्ण्र्ाा्रय होता है, पर लोकतन्त्र में सहमति ढूंढना सहज नहीं। इस असहज या असम्भव की प्राप्ति की उम्मीद में देश के ...

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सत्ता स्वार्थ में उलझी राजनीति:कुमार सच्चिदानन्द

0 October 6, 2012

एबचबनचबउज क्तथभिेबचबउ ण्ण्घउचष्थबतamदयमथ त्भहतहिन्दू महिलाओं का महान पर्व ‘तीज’ सम्पन्न हुआ और इसके साथ ही खतम हुआ सम्भ्रान्त महिलाओं का प...

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खामोश आतंकवाद

पंकज दास

0 August 31, 2012

सन् २००० की तैयारी में जुटी पूरी दुनियां को सन्न करने वाली आतंकवादी घटना के बीज नेपाल में ही बोए गइ थे । नए दशक की शुरूआत से ठीक पहले पाक आतंकवादियों ...

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चीन का बढता हस्तक्षेप

श्रीमन नारायण

0 August 31, 2012

दक्षिण एसिया मामलों के प्रभारी चीन के उपमन्त्री आई पिङ ने नेपाल के आन्तरिक मामलों में खुल कर हस्तक्षेप किया है । नेपाल इन दिनों राज्य पर्ुनर्संर चना क...

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राष्ट्रीयता किसी की मांग कर  खाने की वस् तु नहीं हो सकती

डा. बाबुराम भट्टर्राई

0 August 31, 2012

प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक जर्ज अखेल ने कहा था- जब चौतर्फी पाखण्ड का बोलबाला हो, ऐसी स्थिति में सत्य बोलना क्रान्तिकारी कदम होता है । नेपाल में इधर कुछ दि...

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क्राईम कनेक्सन करांची टू काठमाण्डू

पंकज दास

0 August 4, 2012

जिस दिन काठमाण्डू के पुलिस क्लब में क्राईम रिपोर्टर के पी ढुंगाना के द्वारा लिखित ‘ओपन सेक्रेट’ नामक पुस्तक का विमोचन हो रहा था ठीक उसी सम...

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पर्नर्वहाली की औचित्यहीन मांग

श्रीमन नारायण

0 August 4, 2012

या खुदा यह क्या माजरा है ! हम उनसे वफा की उम्मीद करते है जिन्हें मालूम नहीं बफा क्या है !! नेपाल की वर्तमान राजनीति की भी यही अवस्था है। संविधानसभा के...

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उलझी हइ राजनीति

कुमार सच्चिदानन्द

0 August 4, 2012

राष्ट्र और राष्ट्रियता की बात करते-करते हमारी राजनीति ने राष्ट्र को इस अवस्था में पहुंचा दिया है, जहाँ से मार्ग निकलना कठिन सा लग रहा है और इस स्थिति ...

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संकटमोचक भूमिका में भारतीय राजदूत

0 August 4, 2012

हिमालिनी डेस्क चेहरे पर ओजस्विता, होठों पर मुस्कान, वाणी में शालीनता और र्सार्वजनिक रूप से हमेशा ही खुशमिजाज दिखना शायद उनकी फितरत सी बन गई है। आम तौर...

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अवसरवादिता के दुष्परिणाम

कुमार सच्चिदानन्द

0 July 13, 2012

सविधानसभा के निर्वाचन के बाद चार वर्षों तक चली देश की राजनैतिक गतिविधियों के प्रति आम लोगों में निराशाका भाव तो पर्ूव से ही विद्यमान था, लेकिन परिणामव...

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बंद हडतालः देश खस्ताहाल

प्रो. नवीन मिश्रा

0 July 13, 2012

पिछले कुछ दिनों से देश में धरना, पर््रदर्शन, बंद और हडताल का जो सिलसिला शुरु हुआ है, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसी को अखण्ड राज्य चाहिए तो बंद, ...

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क्या हुआ तेरा वादा

रमेश झा

0 June 15, 2012

चिरप्रतीक्षित, ऐतिहासिक संविधानसभा के निर्वाचन में सम्पर्ूण्ा नेपालीजनता ने बड ही उत्साह से, शान्तिपर्ूण्ा तरीके से चुनाव सम्पन्न किया, जिसकी वैश्विक ...

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सत्ता कब्जा की तयारी

पंकज दास

0 June 15, 2012

आखिरकार जेठ १४ गते के मध्यरात में वही हुआ, जिसका डर सभी को था। देश और जनता के लिए अपरिहार्य रहा संविधान चार साल की नाकाम कोशिशों के बाद धाराशायी हो गय...

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खलनायक जब नायक बनते हैं !!!

लीलानाथ गौतम

0 June 15, 2012

जनता के खून-पसिने से जमा अरबों की राशि के लागत पर गठित संविधानसभा नये संविधान जारी करने में असफल रही। संविधान जारी नहीं होने के पीछे विभिन्न राजनीतिक ...

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मधेश आन्दोलन में भारत की भूमिका

तुला नारायण साह

0 June 15, 2012

नेपाली राजनीति में भारतीय दूतावास की भूमिका एक बार फिर से विवादों में घिर गई है। इस बार मधेश आन्दोलन से यह विवाद फंस गया है। वीरगंज स्थित भारतीय महावा...

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जनकपुर विष्फोट का रहस्य !

पंकज दास

0 May 11, 2012

जहां पूरे देश में जातीय व क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग राज्यों के निर्माण के बारे में मांग उर्ठाई जा रही है उसी बीच में अपने प्राचीन और गौरवमयी इतिहास के...

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खुद अपने बाग के फूलों से डर लगे हैं मुझे

प्रो. नवीन मिश्रा

0 May 11, 2012

अपने विद्यार्थी जीवन में पटना के एक मुशायरा कार्यक्रम में मुझे शेर सुनने को मिला था- “न खौफे बर्क न खौफे सरर लगे है मुझे, खुद अपने बाग के फूलों ...

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संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा बनाम वृहत मधेशी मोर्चा

0 May 11, 2012

हिमालिनी डेस्क अप्रील का महीना मधेश की राजनीति के लिए काफी उथल पुथल भरा रहा है। एक तरफ संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा सरकार में प्रमुख भूमिका निर्वा...

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नेपाल में भारतीय भूमिका

कनकमणि दीक्षित

0 May 11, 2012

एक समय ऐसा था, जब नेपाल के राजनीतिक लोग भारत के राष्ट्रीय व्यक्तित्व के साथ कन्धे से कन्धे मिलाकर राजकाज के सर्न्दर्भ में विचार-विमर्श करते थे। पर आज ...

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कांग्रेस का मधेश मन्त्र

चन्द्रकिशोर

0 April 10, 2012

सीमावर्ती भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न चुनाव में केन्द्रीय सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस को बुरी तरह से पराजय का सामना करना पड।...

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माओवादी का बढता विवाद

श्रीमन नारायण

0 April 10, 2012

सत्ताधारी एकीकृत नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी अन्दर का विवाद गहराता जा रहा है। जबसे डा. बाबूराम भट्टर्राई के नेतृत्व में एमाओवादी नेतृत्ववाली साझी सरकार अस...

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आन्तरिक तनाब में मधेशी मोर्चा

बिरेन्द्र के एम

0 April 10, 2012

मधेश आन्दोलन के बाद जनता से अनुमोदित होकर जिस समय मधेशी दल संविधानसभा तक पहुँचे थे, उस समय संविधानसभा की पहली बैठक में ही पूरे नेपाल का स्वरुप देखने क...

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जेपी की गिरफ्तारी से उपजे सवाल

पंकज दास

0 March 2, 2012

मधेश और मधेशी शक्तियों के विरुद्ध जिस तरह से काठमांडू का एक प्रभावशाली वर्ग षड्यन्त्र कर रहा है, जेपी गुप्ता को मिली सजा कहीं उसी षड्यन्त्र का हिस्सा ...

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मधेश भेर्सेज राष्ट्रीयता

कुमार सच्चिदानन्द

0 March 2, 2012

मधेशी राजनीति के आधार पर संविधानसभा में पहुँचे एक और मंत्री मधेश के मुद्दे  पर विवादों के घेरे में हैं। आरोप यह है कि एक पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने ...

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अब तेरा क्या होगा ओबामा ?

प्रो. नवीन मिश्रा

0 March 2, 2012

जिस समय ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने गरीब सद्भावना का माहौल देखने को मिला था। एक हद तक इसका कारण ‘जोशे-जवानी हाँय रे हाँय’ वाला उत्साह ...

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सूडान घोटाले के पा“च खलनायक

0 March 2, 2012

देश में अब तक हुए सबसे बडे घोटाले में विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। १३ फरवरी को दिए अपने फैसले में विशेष अदालत ने इस बडे घोटाले के लिए नेपाल...

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क्या नेपाल सुप्नेखा अवस्था से गुजर रहाहै यदि हो तो जिम्मेवार कौन

रामाशीष

0 February 2, 2012

माओत्से तुंग से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री वेन जिआ वाओ तक के सभी चीनी नेता नेपाल को यही पाठ पढ़ाते आ रहे हैं कि ‘नेपाल का भला इसी में है कि वह भा...

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माओवादी विवाद पर अल्पविराम

पंकज दास

0 February 2, 2012

लम्बे समय से अर्न्तर्संर्घ में रहे माओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड और उपाध्यक्ष मोहन वैद्य के बीच कार्यक्रमगत एकता होने के बाद देश की शान्ति प्रक्रिया और संवि...

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कैसा हो देश का शासकीय स्वरूप

कुमार सच्चिदानन्द

0 February 2, 2012

नेपाली राजनीति की सबसे बड विडम्बना यह है कि जो उपलब्ध नहीं उसकी साधना में यहाँ अधिक तल्लीनता देखी जाती है। तल्लीनता भी इतनी गहरी कि अपनी जमीन और अपनी ...

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संघीयता ऊंट किस करवट बैठता है !!!

0 February 2, 2012

दूसरा जनआन्दोलन और मधेश आन्दोलन के बाद देश गणतन्त्र में प्रवेश करने की बात निश्चित हर्इ है। लेकिन छह वर्षके वाद भी संघीयता कैसी होगी, इसका निर्ण्अभी त...

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सुलग रही चिंगारी

पंकज दास

0 January 13, 2012

सरकार ने मधेशी मोर्चा और माओवादी के बीच हुए चार सूत्रीय समझौते के तहत मधेशी युवाओं का नेपाली सेना में सामूहिक प्रवेश कराने और मधेशी का अलग से बटालियन ...

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दक्षिण एशिया बदलते सन्दर्भों में

प्रो. नवीन मिश्रा

0 January 13, 2012

दक्षिण एशिया में वे सभी देश शामिल है, जो कि चीनी जन गणराज्य के दक्षिण में हैं और हिन्द महासागर के देश, जैसे- भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भुटान, श्रीलंका, ...

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महगी हइ खबरें

कुमार सच्चिदानन्द

0 January 13, 2012

काठमाण्डू से प्रकाशित देश के लोकप्रिय नेपाली अखबारों ने अपने मूल्य में एकबारगी दोहरी बढतरी की। अखबारों द्वारा पाठकों के नाम सूचना में बढती  महँगाई का ...

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क्या नेपाल कुरुक्षेत्र बनेगा :-

श्रीमन नारायण

0 January 13, 2012

तिब्बत को लेकर चीन एवं तिब्बती के बीच जारी वाकयुद्ध एवं दाउपेच की वारिकियोंको समझने में असफल नेपाल कही कुरुक्षेत्र न वन जाए ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही...

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संसद पर सुप्रीम कोर्ट का प्रहार:-

राजेन्द्र महर्जन

0 December 16, 2011

  संविधान सभा की समय सीमा को चौथी बा बढाने के दौरान बिलकुल ही शान्ति छायी हर्इ थी। इस बा जब संविधान सभा का कार्यकाल संसद के द्वारा बढाया जा हा था...

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अपने ही फैसले में उलझा सर्बोच्च न्यायालय:-

पंकज दास

0 December 16, 2011

संविधान सभा की समय सीमा बढाए जाने को लेक सर्बोच्च अदालत ने इस बा जो फैसला दिया है वह आम जनता की नज में देखे तो वाकई में काबिले ताीफ फैसला है। अदालत के...

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फिर वही बात:-

कुमार सच्चिदानन्द

0 December 16, 2011

संविधानसभा की समय-सीमा एक बा फि छः महीने के लिए बढा दी गई। यह इसके सभासदों का लगभग र्सवसम्मत निरनाय किया । कहा जा सकता है कि एकाध छोटे दलों को छोडक प्...

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वेन जिआबाओ का नेपाल दौरा:-

श्रीमन नारायण

0 December 16, 2011

चीन का प्रधानमन्त्री बेन जिआबाओ दिसम्ब के तीसे सप्ताह में काठमांडू आ हे हैं। उनके नेपाल भ्रमण के दौरान दोनों देशों के पस् प हित से जुडे विषयों प बातची...

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चुनौतियों भरा समझौता:-

पंकज दास

0 November 22, 2011

देश की प्रमुख राजनीतिक दलों के लगातार प्रयास के बाद आखिरकार पांच वषर् से विवादों में रही शान्ति प्रक्रिया को पूरा करने को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता हुआ।...

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