Fri. Sep 21st, 2018

विविध

अध्यात्म

पवजन्म का कर्म फल रवीन्द्र झा शंकर’:भगवान व्यास सभी जीवों की गति तथा भाषा को

कलियुग का प्रभाव

यन्नामधेयं प्रियमाण आतुरः पतन् स्खलन् वा विवशो गृणन् पुमान् । विमुत्कमार्गल उत्तमां गतिं प्राप्नोति यक्ष्यन्ति

मनुष्य जीवन की राह

रवीन्द्र झा शंकर’:शास्त्रों में मनुष्य-शरीर परमात्मा की र्सवश्रेष्ठ कृति कही गई है । परन्तु अनेक