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अगर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हुआ तोदो अरब से अधिक लोगों की जान जा सकती है

parmanuवाशिंगटन। अगर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो इसका परिणाम वैश्विक भुखमरी के रूप में सामने आएगा। इससे पूरी दुनिया की चौथाई आबादी यानी दो अरब से अधिक लोगों की जान जा सकती है। इससे एक तरह से मानव सभ्यता का ही अंत हो जाएगा। यह चेतावनी मंगलवार को एक शोध में दी गई है।

यह चेतावनी इंटरनेशनल फिजीशियंस फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वॉर [आइपीपीएनडब्ल्यू] संस्था द्वारा जारी शोध रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के लेखक इरा हेलफैंड ने कहा कि अगर मौजूदा हथियारों के केवल एक हिस्से का इस्तेमाल परमाणु युद्ध में होगा तो उससे भारी जनहानि होगी जो हमारे पूर्व के आकलन की तुलना में कहीं अधिक है। शांति के नोबेल पुरस्कार विजेता आइपीपीएनडब्ल्यू ने 2012 में अपने पिछले शोध में कहा था कि परमाणु युद्ध की स्थिति में भुखमरी से एक अरब से अधिक लोगों की मौत हो सकती है।

न्यूक्लियर फेमाइन : टू बिलियन पीपुल एट रिस्क? शीर्षक वाली यह रिपोर्ट वैज्ञानिकों द्वारा प्रकाशित शोध पर आधारित है। इस रिपोर्ट में परमाणु विस्फोटों से पृथ्वी के वायुमंडल और पारिस्थितिकीय तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में कहीं भी यदि सौ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किसी युद्ध में होता है तो यह वैश्विक जलवायु और कृषि उत्पादन को चौपट कर देगा जिससे दो अरब से अधिक लोगों की जान जोखिम में पड़ जाएगी। हेलफैंड ने कहा कि इसमें एक अरब मृतक विकासशील देशों के होंगे जो एक अप्रत्याशित त्रासदी होगी। यदि इसमें चीन की 1.3 अरब आबादी को जोड़ा जाता है तो स्पष्ट रूप से मानव सभ्यता का अंत हो सकता है। इसमें कहा गया है कि परमाणु युद्ध के बाद पहले साल में चीन के गेहूं उत्पादन में 50 फीसद की गिरावट आएगी। जबकि पूरे एक दशक के दौरान यह औसत 31 फीसद पर आ जाएगा।

एक अन्य लेखक का कहना है कि किसी भी सीमित परमाणु युद्ध का पृथ्वी पर समान असर पड़ने का अनुमान है। आधुनिक परमाणु हथियार 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर बरसाए गए अमेरिकी बमों की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली हैं। उन हमलों में दो लाख से अधिक लोग मारे गए थे। हेलफैंड ने कहा कि परमाणु हथियार संपन्न सहित दुनिया के सभी देशों को परमाणु हथियार और युद्ध के खतरे को समाप्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

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