Fri. Nov 16th, 2018

अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से नेपाल में भारत के राष्ट्रपति के भ्रमण का स्वागत


mukharji-7

मनोज कुमार ओझा,कृष्णानगर कपिलवस्तु,१२ नवम्बर |

भारत की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में नेपाल  भारत संबंध में विशेष रूप से सुधार और मजबूती आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद तीन बार नेपाल का दौरा कर चुके हैं और चौथी बार की उम्मीद है । इसी तरह नेपाली प्रधानमंत्री भी तीन बार भारत का दौरा कर चुके हैं विदेश मंत्रालय के स्तर पर भी सुषमा स्वराज चार बार नेपाल का दौरा कर चुकी हैं जबकि नेपाली विदेश मंत्री भी तीन बार भारत जा चुके हैं ।

इस गर्मजोशी और ये सारे दौरे दोनों देशों के बीच घनिष्ट और करीबी संबंधों की ओर इशारा करते हैं । और अब 1997 के बाद यानी पूरे अठारह साल बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की नेपालयात्रf हो रही है । जिससे दोनों देशों की जनता और खासकर मुस्लिम अल्पसंख्यक को ढेर सारी उम्मीदें हैं और सभी की इच्छा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच शांति और व्यवस्था का माहौल स्थापित करने और सद्भावना की भावना को परवान चढ़ाने में अपनी भरपूर भूमिका निभायेगी ।

राष्ट्रीय मदरसा संघ नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अब्दुल गनी अल क़ूफी और राष्ट्रीय महासचिव मौलाना मशहूद खान नेपाली ने संवाददाता से अपनी बातचीत में कहा कि हम अल्पसंख्यक वर्ग की ओर से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की नेपाल यात्रा  का हार्दिक स्वागत करते हुए उनका अभिनन्दन करते हैं । दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम अल्पसंख्यक वाले देश के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए नेपाल के अल्पसंख्यक खुशी से समर्पित है साथ ही उनकी इस यात्रा से उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों को फलने फूलने में मदद मिलेगी’ और गंगा जमुनी संस्किर्ती नेपाल में भी अपना एक उज्जवल प्रभाव छोड़ेगी । हम नेपाल सरकार का भी शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने उस दिन पूरी छुट्टी की घोषणा की ताकि आवागमन  में कोई बाधा न आए । हम भारतीय राष्ट्रपति से अनुरोध करते हैं कि मुस्लिम समुदाय जो नेपाल सरकार के इकरार बमुजिब काफी पिछड़े और जीवन के सभी क्षेत्रों में बैकफुट पर है अल्पसंख्यक कल्याण के लिए भी कुछ प्रभावी उपाय करें  ।

गौरतलब है कि भारत सरकार नेपाल में व्यापार शिक्षा ‘सुरक्षा और आवागमन संसाधनों पर खास ध्यान और उन पर एक महत्वपूर्ण राशि खर्च करती है । राष्ट्रीय मदरसा संघ नेपाल की मांग है कि भारत नेपाल में शिक्षा के मद में जो राशि खर्च करता है  . इसमें मदरसों को भी शामिल किया जाए ताकि वे भी विकास की राह पर अपने देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कदम आगे बढ़ा सकें । साथ ही राष्ट्रीय मदरसा संघ नेपाल की मांग है कि क्षेत्र में पाई जाने वाली अल्पसंख्यक वर्ग की चिंता को दूर करने के लिए भी राष्ट्रपति महौदय अपना कर्त्तव्य और अपनी  भूमिका निभायें ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of