Mon. Nov 12th, 2018

अस्पताल को बदनाम करने के उद्देश्य से गलत प्रचारवाजी  : गोल्डेन अस्पताल

माला मिश्रा ।
कटिहार मेडिकल कॉलेज से रेफर गंभीर रूप से घायल मौत से जूझ रहे बिहार फलका थाना क्षेत्र के गोबिंदपुर रंगाकोला निवासी संतोष यादव उर्फ पोलो यादव को बचाना बिराटनगर के गोल्डन अस्पताल के डॉक्टरों के टीम को महंगा पड़ा ।

मरीज को देखते दूतावास के पदाधिकारीगण

अस्पताल का बकाया राशि का मांग करने पर पीड़ित मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर मरीज सहित उनके पत्नी बच्चे का बंधक बनाने का मनगढंत आरोप लगा लगा कटिहार जिला प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग किया है । इतना नही मीडिया में चर्चा में आने के लिए  बकाया राशि दो नही तो  किडनी, आँख निकालकर रुपये वसूल करने का  घिनौना आरोप मढ़ दिया है । गोल्डन अस्पताल का मैनेजर चेत राज शर्मा ने बताया  27 मार्च को उक्त मरीज अस्पताल में एडमिट हुआ था ।  28 मार्च को उक्त मरीज का ऑपरेशन सर्जन डॉ सूदन ढकाल सहित  डॉक्टरों की टीम ने किया था । 27 मार्च से 9 मइ तक उक्त मरीज आईसीयू में भर्ती रहा । 44 दिन आईसीयू में रहने के बाद उसे नयूरो वार्ड में शिप्ट कर दिया गया । जिसमें कुल 4 लाख 83 हजार का बिल आया । मरीज के ओर से 2 लाख 18 हजार रुपये  अस्पताल में जमा किया गया बाकी के रुपये  लगभग 2 लाख 65 हजार नही देने का मंशा से  अस्पताल को बदनाम करने के उद्देश्य से  मीडिया में झूठी खबर प्रचारित किया  गया है ।  अस्पताल के  डायरेक्टर सनातन मंडल ने बताया बकाया राशि का 50 प्रतिशत  समझौता करने का भी अनुरोध किया गया । लेकिन मरीज के ओर से अस्पताल को बदनाम कर दबाब बनाने के उद्देश्य से  गलत प्रचारवाजी किया जा रहा है । इधर शनिवार को गोल्डन अस्पताल पहुच मरीजो से भारतीय दूतावास कैम्प कार्यालय का प्रभारी नीरज जयसवाल ,सहायक सीपी सिंह मिले  और जानकारी लिया । उन्होंने बंधक बनाने  आँख किडनी बेचने जैसे बात झूठा पाया । उन्होंने अस्पताल प्रवन्धक से मरीज देखते हुए मानवता के नाते बकाया फीस माफ करने का सुझाव दिया ।

 

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of