Tue. Mar 26th, 2019

कब से शुरु हुइ स‌ंडे की छुट्टी : अमित त्रिपाठी

radheshyam-money-transfer
अमित त्रिपाठी

अमित त्रिपाठी, गोरखपुर। हमलोग रविवार को छुट्टी के दिन के रूप में मनाते हैं लेकिन क्या आपको इसके पीछे का कारण पता है। काफी लंबे संघर्ष और तमाम आंदोलनों के बाद 10 जून को पहली बार रविवार का अवकाश मिलना तय हुआ। आइए जानते हैं कब से शुरु हुआ संडे वीकली ऑफ..

ब्रिटिश शासन के दौरान मिल मजदूरों को सातों दिन काम करना पड़ता था और उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलती थी। मजदूरों का काफी शोषण होता था। ब्रिटिश अधिकारी प्रार्थना के लिए हर रविवार को चर्च जाया करते थे लेकिन मजदूरों के लिए ऐसी कोई परंपरा नहीं थी। ऐसे में जब उन्‍होंने भी रविवार की छुट्टी की मांग की, तो उन्‍हें डरा-धमका कर शांत करा दिया गया।

उस समय मिल मजदूरों के एक नेता थे, जिनका नाम नारायण मेघाजी लोखंडे था। उन्होंने अंग्रेजों के सामने साप्ताहिक छुट्टी का प्रस्ताव रखा और कहा कि हमलोग खुद के लिए और अपने परिवार के लिए 6 दिन काम करते हैं, अतः हमें एक दिन अपने देश की सेवा करने के लिए मिलना चाहिए और हमें अपने समाज के लिए कुछ विकास के कार्य करने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मजदूरों से कहा कि रविवार हिंदू देवता “खंडोबा” का दिन है और इसलिए इस दिन को साप्ताहिक छुट्टी के रूप में घोषित किया जाना चाहिए। लेकिन उनके इस प्रस्ताव को ब्रिटिश अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया।

लोखंडे यहीं नहीं रुके, उन्‍होंने अवकाश की मांग को लेकर लड़ाई जारी रखी। आखिर में 7 साल के लम्बे संघर्ष के बाद पहली बार 10 जून 1890 को ब्रिटिश सरकार ने रविवार को छुट्टी का दिन घोषित किया। हैरानी की बात यह है कि भारत सरकार ने कभी भी इसके बारे में कोई आदेश जारी नहीं किए हैं।

लोखंडे के प्रयासों के फलस्‍वरूप मिल मजदूरों को रविवार को साप्‍ताहिक छुट्टी तो मिली, साथ ही दोपहर में आधे घंटे की खाने की छुट्टी और हर महीने की 15 तारीख को मासिक वेतन दिया जाने लगा। यही नहीं लोखंडे की वजह से मिलों में कार्य आरंभ के लिए सुबह 6:30 का समय और कार्य समाप्‍ति के लिए सूर्यास्‍त का समय निर्धारित किया गया था।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of