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कानून के अंतिम व्याख्याता न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर आँच नहीं आनी चाहिए : राष्ट्रपति भंडारी


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, २४ मार्च ।
राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने कहा कि कानून के अंतिम व्याख्याता न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कहीं से भी आँच नहीं आनी चाहिए ।

नेपालगंज में नेपाल बार एसोसिएशन के १४वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति भंडारी ने ये बात कही । साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि न्यायालय में विचलन से न सिर्फ न्यायापलिका से भरोसा उठ जाएगा, बल्कि समूची लोकतांत्रिक प्रणाली ही संकट में पड़ जाएगी ।

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