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कान्तिपुर में नेकपा–कांग्रेस प्रतिस्पर्धा ! अन्ततः वाग्ले बन गए प्रधान सम्पादक

काठमांडू, १३ जुलाई । अन्ततः कान्तिपुर दैनिक के प्रधान सम्पादक के रुप में नारायण वाग्ले नियुक्त हो गए है । शुक्रबार उनको प्रधान सम्पादक के रुप में नियुक्ति मिला है । नेपाल में सबसे बड़ा मीडिया हाउस के रुप में जाना जाता है, कान्तिपुर पब्लिकेशन । मीडिया जगत में उक्त पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित ‘कान्तिपुर’ दैनिक का लगभग एकछत्र राज है । लेकिन पत्रिका कुछ दिन से प्रधान सम्पादक बिहीन हो रहा था । प्रधान सम्पादक नियुक्ति का अधिकार पब्लिकेशन के अध्यक्ष तथा प्रबन्ध निर्देशक कैलाश सिरोहिया का है । लेकिन प्रधान सम्पादक किस को नियुक्त करना है, इस विषय को लेकर पब्लिकेशन में रोचक प्रतिस्पर्धा हो रही थी, सत्ताधारी नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) और प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के बीच । समाचार स्रोतका मानना है कि शिरोहिया के ऊपर नेकपा और कांग्रेस दोनों पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपने पार्टी पक्षधर व्यक्ति को प्रधान सम्पादक नियुक्त करने के लिए दबाव दे रहे थे ।


स्मरणीय है, तीन दिन पहले कान्तिपुर दैनिक के सम्पादक सुधीर शर्मा और कान्तिपुर पब्लिकेशन द्वारा ही प्रकाशित द काठमांडू पोष्ट के सम्पादक अखिलेश उपाध्याय ने अपनी पद से इस्तिफा दिया था । सम्पादक द्वय ने इस्तिफा देने के बाद हाउस के भीतर नयां सम्पादक की खोजी हो रही है । जिसके लिए लगभग एक दर्जन पत्रकारों की नाम आ रहा था । विशेषतः सत्ताधारी दल नेकपा और प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस दोनों दल के शीर्ष नेता उक्त दैनिक में प्रधान सम्पादक अपने पक्षधर व्यक्ति को चाहते थे । इसके लिए नेकपा के अध्यक्ष तथा प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने सञ्चार मन्त्री गोकुल बास्कोटा को और नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा ने पार्टी प्रवक्ता विश्वप्रकाश शर्मा को परिचालित की गई थी । बास्कोटा और शर्मा ने पब्लिकेशन के प्रबन्ध निर्देशक सिरोहिया के साथ कई चरण के वार्ता भी किया था । कांग्रेस ने तो पब्लिकेशन के ही हरिबहादुर थापा को प्रधान सम्पादक बनाने के लिए दबाव दिया था । थापा पब्लिकेशन के भीतर एकल और सशक्त दावेदार भी थे । थापा को कांग्रेसी पत्रकार के रुप में जाना जाता है । वह खुलकर अपने को कांग्रेस कहते हैं । चर्चा में रहे अन्य पत्रकार थापा की तरह नहीं खुलते थे ।
इतना होते हुए भी नेकपा ने पब्लिकेशन बाहर से लाकर प्रधान सम्पादक बनाने के लिए दबाव दिया था । नेकपा की ओर से वामपन्थी पुष्ठभूमि के पत्रकार तथा पत्रकार महासंघ के पूर्व सभापति शिव गाउँले का नाम ज्यादा चर्चा में था । ऐसी पृष्ठभूमि में अन्ततः पूर्व सम्पादक वाग्ले को ही कान्तिपुर ने प्रधान सम्पादक बनाया है । वाग्ले १० साल पहले कान्तिपुर में सम्पादक रह चुके है । वाग्ले के बाद ही शर्मा उस जगह सम्पादक के रुप में नियुक्त हुए थे ।
वाग्ले को सम्पादक बनाने से पहले विभिन्न व्यक्तियों की नाम चर्चा में रहा । वाग्ले, थापा और गांउले के अलवा गोपाल खनाल, युवराज घिमिरे, विजय कुमार पाण्डे, अमित ढकाल, प्रतिक प्रधान, कसमस विश्वकर्मा जैसे व्यक्तियों का नाम उस पद के लिए चर्चा में था । उल्लेखित नामों में वाग्ले का नाम सबसे कम चर्चा में था, लेकिन अन्ततः वाग्ले ने ही बाजी मार लिया । वाग्ले प्रजातान्त्रिक पृष्ठभूमि के पत्रकार माने जाते हैं ।

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