Sun. Oct 21st, 2018

खबर छापने का दुष्परिणाम, कनपट्टी पर पिस्तौल सटा कर भू-माफिया ने पत्रकार को दी जान मारने की धमकी

shashiranjan

*मोतिहारी.मधुरेश*- सूबे बिहार में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मिडियाकर्मियों पर अपराधियों ने आजकल हमले तेज कर दिये हैं। ताजा मामला पूर्वी चंपारण जिले का है। यहां के नक्सल प्रभावित पताही प्रखंड क्षेत्र से हिंदी दैनिक अखबार हिंदुस्तान के पत्रकार शशिरंजन कुमार उर्फ चुन्नू को एक भू-माफिया द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। पत्रकार चुन्नू के साथ यह घटना रास्ते में तब घटी जब वे समाचार संकलन के बाद रविवार की रात अपने घर लौट रहे थे। बुलेट बाइक पर सवार भू-माफिया एवं अपराधियों ने रास्ते में जबरन रोक कर पत्रकार चुन्नू के कनपट्टी में पिस्तौल सटा दिया और धमकी भरे लहजे में बोला कि ” मेरे खिलाफ अखबार में खबर छापते हो। आइंदा ऐसी गलती मत करना वरना जान मार देंगे।” यहां बता दें कि पताही उच्च विद्यालय की जमीन को कुछ भू-माफियाओं द्वारा बेचा जा रहा है। पत्रकार चुन्नू द्वारा अपने अख़बार में इस खबर प्रकाशित किया गया था। उसी खबर से आक्रोशित होकर उक्त भू-माफिया ने पत्रकार को जान मारने की धमकी दी है। उधर जान मारने की धमकी मिलने के बाद देर रात पताही थाना पहुंच कर पत्रकार चुन्नू ने एक आवेदन देकर थानेदार को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने इस मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई करने एवं अपने जान माल की सुरक्षा करने का भी आग्रह पुलिस प्रशासन से किया है। इस संदर्भ में पुछे जाने पर पताही के थानाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार ने बताया कि इस मामले में एफ आई आर दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी गयी है। पूरे घटनाक्रम से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस नजर बनाये हुए है। वरीय अधिकारियों का दिशा-निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर अॉल इंडिया रिपोर्टर्स एसोसिएशन {आइरा} ने पत्रकार शशिरंजन कुमार उर्फ चुन्नू धमकी कांड की कड़ी निंदा की है। संगठन के जिला संरक्षक कुणाल प्रताप सिंह एवं जिलाध्यक्ष मधुरेश प्रियदर्शी ने कहा कि नीतीश राज में पत्रकारों की हत्या और उन पर हमले आम बात हो गये हैं। सरकार की उदासीनता से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पताही के पत्रकार को धमकी देने वालों की अविलंब गिरफ्तारी हो। आइरा जिलाध्यक्ष ने जिले के एसपी से पत्रकार चुन्नू को प्रयाप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो आइरा का एक शिष्टमंडल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुमन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पटना जाकर डीजीपी पी के ठाकुर से भी मिलेगा और उसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा और पत्रकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

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