Sun. Nov 18th, 2018

चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ से उत्तरी तमिलनाडु में 10 लोगों की मौत

चेन्नई, प्रेट्र।

आंध्र प्रदेश के बजाय चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ सोमवार को उत्तरी तमिलनाडु के तट से टकराया। तूफान के प्रभाव से इस हिस्से के तटीय जिलों में तेज हवा और भारी बारिश से सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। इसके चलते सड़क, हवाई और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, लिहाजा सामान्य जनजीवन भी पटरी से उतर गया। 10 लोगों की मौत इस दौरान हुए हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने कहा है कि हालात से निपटने के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (सेवाएं) एम. महापात्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान का केंद्र चेन्नई से 20 किमी दूर था। इसने दोपहर करीब ढाई बजे तट को छुआ। उस समय चेन्नई के नजदीक हवा की रफ्तार 90 से 100 किमी प्रति घंटे थी। इसे 1994 के बाद चेन्नई तट से टकराने वाला सबसे भीषण चक्रवाती तूफान बताया जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव (राजस्व प्रशासन) के. सत्यगोपाल के अनुसार, तूफान से 260 पेड़ और 37 बिजली के खंभे गिरे हैं। 224 सड़कें अवरुद्ध हुईं और 24 झोपडि़यां क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, एहतियात के तौर पर क्षेत्र के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया था। उत्तर चेन्नई, तिरुवल्लूर जिले के पजावेरकादू और कांचीपुरम जिले के ममल्लापुरम के निचले इलाकों में रह रहे करीब 8,000 लोगों को पहले ही सुरक्षित निकालकर 95 राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया था। परमाणु ऊर्जा केंद्र होने के वजह से कलपक्कम में भी सुरक्षा के सभी उपाय किए गए थे। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बात करके हालात की जानकारी ली और उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।

साभार, जागरण

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of