Tue. Nov 20th, 2018

चीन द्वारा सगरमाथा के आधार शिविर में अत्याधुनिक केन्द्र बनाने की घोषणा

sagarmatha

कार्तिक , १८ ,२०७३ | चीन ने विश्व के सर्वोच्च शिखर सगरमाथा के उत्तरी आधार शिविर के नजदीक अन्तर्राष्ट्रिय पर्वतारोहण केन्द्र बनाने की घोषणा की है। चीन द्वारा तिब्बत में पर्यटन का विकास बढ़ाने के लिये विकट हिमाल के गोद में आधारभूत व्यबस्था सहित की सुविधासम्पन्न केन्द्र बनाया जा रहा है ।

चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के कङ्खर टाउनसिप में आगामी वर्ष सन् २०१७ से निर्माण सुरु करके दो वर्ष बाद सन् २०१९ में सप्पन्न करने का प्रोग्राम है | यह समाचार चीन की सरकारी प्रकाशन चाइना डेली में प्रकाशित हुई है ।

सगरमाथा के उत्तरी मोहोडा से उत्तर की ओर की भूभाग में ८४ हजार ३ सय २० वर्गमिटर क्षेत्रफल में निर्माण होने जा रहे इस केन्द्र के लिये चीन दस करोड चिनियाँ युआन (एक अर्ब ६० करोड रुपैयाँ) खर्च करेगा । समाचार अनुसार निर्माण होनेवाले इस अन्तर्राष्ट्रिय पर्वतारोहण केन्द्र में पर्वतारोही, वर्फ में स्केटिंग के खेलाडी, प्याराग्लाइडर और पथप्रदर्शक के लिये खाना का  व्यवस्था भी होगा ।

स्वास्थ्य सेवा, ट्राभल्स एजेन्सी और हेलिकप्टर उद्दार सेवा भी इस केन्द्र में उपलब्ध कराया जायेगा । अभी तक तिब्बत के उच्च अक्षांश में रहे तथा हिमाल में फसे हुये व्यक्ति को हेलिकप्टर से उद्दार करने की  व्यवस्था नहीं है । अभीतक चीन केअनुरोध पर नेपाल द्वारा हेलिकप्टर उपलब्ध कराया जाता था ।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के खेलकुद ब्युरो के उपनिर्देशक निमा छिरिङ के अनुसार केन्द्र में पर्वतारोहण संग्रहालय, कार भाडा में लगाने का व्यावसायिक कक्ष, कार मर्मत स्थल, मोटरसाइकल और साइकल भाडा में मिलने का स्थल, रेष्टुरेन्ट और निवास के लिये लौज भी बनाये जायेंगे ।
कङ्खर टिङ्ग्री काउन्टी के पाँच टाउन्सिप में एक है ।

नेपाल के साथ इसकी सीमा जुडी हुई है | कङ्खर से सगरमाथा, चोयु, शिशापङ्मा, ल्होत्से और मकालु हिमाल की अतिसुन्दर दृष्य दिखती है  । इस क्षेत्र को पर्यटकीय तथा आर्थिक और सांस्कृतिक विकास करने के लिये चीन द्वारा अन्तर्राष्ट्रिय पर्वतारोहण केन्द्र बनाउन बनाई जा रही है । केन्द्र बनने के बाद पहले से अधिक पर्वतारोही और पर्यटक इस क्षेत्र में बढने की अपेक्षा चीन को है ।

विश्व का सर्वोच्च शिखर सगरमाथा नेपाल और चीन की सीमा क्षेत्र में पडती है लेकिन इसका मुख्य शिखर नेपाल में पड़ता है | इसलिए इस अन्तर्राष्ट्रिय पर्वतारोहण केन्द्र निर्माण करते वक्त नेपाल से भी समन्वय करके सयहोग लेने की बात निमा छिरिङले ने बतायी है । खबर कान्तिपुर ने दी है |

 

 

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of