Thu. Oct 18th, 2018

चेहरे के पीछे छिपी असलियत

एम.जे. गस्त

झलनाथ खनाल मंत्रिमंडल में अर्थ राज्यमंत्री बनाए गए डा. ल्हारक्याल लामा की नियुक्ति के समय सेही वो मीडिया की नजर में चढ गए । लामा की नियुक्ति के साथ ही पहले तो एमाले कार्यकर्ताओं ने उन्हे पहचानने तक से इंकार कर दिया । एमाले के पुराने-नए सभी कार्यकर्ताओ व नेताआं के लिए यह नाम बिलकुल नया था । लामा की राज्यमन्त्री के रुप में नियुक्ति के बाद उनके सभासद बनने की कहानी भी र्सार्वजनिक हो गई । और धीर-धीर मीडिया ने वो सारे  राज ढूँढ निकाले जिस वजह से लामा महज तीन वर्षो के राजनीतिक सफर में मंत्री तक बन गए ।
जिस तरह से लामा का मंत्री बनना आर्श्चर्यचकित कर रहा था उसी तरह उनका सभासद बनना भी कम आर्श्चर्यजनक नहीं था । बौद्ध होने के कारण उन्हें एमाले ने इसलिए सभासद बना दिया कि उन्होने एमाले फण्ड मे काफी पैसा जमा कर ाया था । एमाले  को टे  पर  सभासद बने  लामा ने  उसके  एक वर्षबाद ही पार्टर्ीीी औ पचारि क सदस् यता ग्रहण की थी । वै से  तो  सभासद बनने  के  बाद भी एमाले  के  कुछ ने ताओ ं ने  इसका कडÞा विर ो ध किया था । ले किन मंत्री बनने  के  साथ ही डा. लामा के  बार े  मे ं जो  असलियत सामने  आयी वह वाकई काफी चौ ंकने  वाली थी । मीडिया ने  लामा के  चे हर े  के  पीछे  छिपी असलियत को  जब एक एक कर  उजागर  कर ना शुरु किया तो  लो गो ं के  हो श उडÞ गए । मामला इतना बढÞ गया कि आखिर कार  प्रधानमंत्री को  उनसे  इस् तीफा ही ले ना पडÞा ।
डा. ल्हार क्याल लामा के  ऊपर  पाँच नामो ं पर  तीन दे शो ं की नागरि कता व पासपोर् ट र खने  का खुलासा हुआ । तिब्बती शर णार्थी के  रुप मे ं भार त प्रवे श कर ने  से  पहले  लामा का बचपन का नाम लाके ल शेर् पा था । ने पाली नागरि कता मे ं उनका नाम ल्हार क्याल लामा है  तो  ने पाली पासपोर् ट पर  उनका नाम मिष्टर  वाङचुक रि म्पो छे  है  । इसी तर ह भार तीय पासपोर् ट मे ं उनका नाम खे म्पो  छिमे  छिरि ंग औ र  तिब्बती शर णार्थी परि चय पत्र मे ं लामा छिमे  छिरि ंग नाम उल्ले ख है  । सिन्धुपालचो क से  २०५० माघ १८ गते  ली गई ने पाली नागरि कता मे ं ल्हार क्याल लामा नाम लिखा है  । इस नागरि कता प्रमाण पत्र पर  जिले  के  तत्का लीन प्रमुख जिला अधिकार ी ध्रुवर ाज वाग्ले  के  हस् ताक्षर  हुए ४८/६३७९८ नम्बर  के  नागरि कता मे ं लामा की जन्म मिति २०११ मंसिर  १३ गते  उल्ले ख है  । ०३४ साल के  आपसपास हे लम्बु मे ं किए गए नाबालक नाम दर्ता र े कार्ड मे ं उनका नाम लाके श शेर् पा है  । उस समय खुद को  १२ साल का दिखाकर  अपनी उम्र छिपाई थी ।
लामा ने  सन् २००० मे ं काठमांडू-६ बौ द्ध के  पते  पर  २९ जुलाई जन्ममिति दि खाकर  ने पाल के  विदे श मंत्रालय से  मिस् टर  वाङचुक रि म्पो छे  के  नाम पर  ११२१५८८ नम्बर  का पासपोर् ट लिया था । इसी तर ह लामा ने  भार त के  आसाम र ाज्य की र  ाजध ानी गुवाहाटी से  ‘ए’ २१२९८१२ नम्बर  का भार तीय पासपोर् ट १२ जुन १९९८ को  जार ी कर वाया था । जिसमे ं उनकी जन्ममि ति १ अक्टुबर  १९६५ दर्ज है  । लामा ने  तिब्बती नागरि क की है सियत से  १९६९ मे ं भार त के  मंसुर ी से  छिमे  छिरि ंग नाम से  शर णार्थी परि चय पत्र ले ने  का आर ो प भी है  । लामा के  खिलाफ फर्जी नागरि कता व पासपोर् ट र खने  सम्बंधी १० शिकायत गृह प्रशासन के  पास है  । ले किन अपने  प्रभाव से  लामा ने  उनपर  कभी कार्र वाही नहीं हो ने  दी । इतना ही नहीं उन सभी दस् तावे जो ं को  गृह मन्त्रालय से  ही गायब कर वा दिया जो  उनके  खिलाफ सबुत के  तौ र  पर  दिए गए थे  ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of