Fri. Dec 14th, 2018

जनकपुर-पटना बस सेवा में नेपाली कस्टम और सशत्र द्वारा व्यवधान, बन्द हो सकता है बस सेवा

नवीन कुमार नवल, जलेश्वर | नेपाल भारत के सम्बन्ध कुछ उतार चढाव के बाद भारत के प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी चार साल के कार्यकाल मे चार वार नेपाल आने से सम्बन्ध प्रगाढ बनना स्वभाविक है । सार्क एवम् विमस्टेक जैसे सम्मेलन का आयोजना काठमाण्डु मे होने से व्यापार, यातायात, बिजली पानी सहित कई आर्थिक योजना का साथसाथ विकास की शुरुआत इसिका देन है । पिछले माह जूलाई मे मोदीजी का जनकपुरधाम आगमन से देश की कई सम्भावना जग चूकी है । उसमे मधेश की सबसे ज्यादा उम्मीद देखी जा रही है । उसी समय रामायण सर्किटका उदघाटन कर दोनो देश के प्रधानमन्त्री द्वारा जनकपुर से अयोध्या बस सेवा शुरु किया गया जो एक सप्ताह मे ही बन्द हो गया । उसके बाद बुद्ध सर्किट, जैन सर्किट, शिव सर्किट, विद्यापति सर्किट से दोनो देश से सम्बन्धित स्थल को पर्यटकीय सम्बन्ध जोड ने हेतु चर्चा परिचर्चा जारी है तो उसी प्रभाव सें विमस्टेक सम्मेलन के वाद जनकपुर से पटना (विहार) बस सेवा शुरु हुई ।
बस सेवा पटना से विहार के मुख्यमन्त्री नितिशकुमार द्वारा एवम जनकपुर से नेपाल के प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत द्वारा दमखम के साथ हरी झंडी दिखाकर ११ सितम्बर रवाना किया गया जो चल भी रहा है । दो बस विहार सरकार परिवहन निगम द्वारा एवम् दो बस नेपाल भारत मैत्री यातायात संघ द्वारा चलाया गया । लेकिन दो देश के मध्य बोर्डर एवं कष्टम के कारण प्रशासनिक सहयोग न मिलने सें यात्री एवम् बस के सम्वाहक राकेश प्रसाद देव निराश हो रहे हैं । इसी की जानकारी लेने के वजह से मैने पटना से जनकपुर बस सेवा से यात्रा की जिसमे मैने देखा कि बस पटना गान्धी मैदान सरकारी बस स्टेण्ड से रात ९ बजे खुला जो मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक सरकारी बस स्टेण्ड होते हुए ४ बजे भिठामोड बोर्डर पर पहुचा जहाँ भारत के कष्टम एवम् एस एस बी द्वारा चेक करके तुरुन्त छोड दिया गया लेकिन नेपाल बोर्डर पर आनेपर २ घण्टा रुकना परा वहाँ डियुटी मे तैनाथ सशस्त्र प्रहरी बल से काफी अनुनय विनय भी किया गया लेकिन कोई जवावदेही नही लिया न कष्टम भन्सार विभाग का पत्ता था । ६ बजे नियमित समय पर ही भन्सार खोला गया तब मैने भन्सार इन्चार्ज बोधराज काँफ्ले से बात की तो उसने स्पष्ट जवाफ दिया कि मुझे सरकारी निकाय से (उपरसे) कोइ आदेश नही आया है मै कैसे पहले खोल दु । साथ ही भन्सार खुलने के वाद भन्सार कटाने के वाद गाडी को जाँचपडताल करके ६ः३० बजे छोडा गया । भारत नेपाल बस सेवाके गाडी नम्बर बिआर०६पिडि ८१५ का ड्राइभर मुकेश ठाकुरने बताया की इतना झमेला हमलोगो को डेली करना पडता है जिससे यात्री निराश हो रहे है एवम् हमलोग भी उदास है । क्योंकि ८ बजे जव पहुँचेंगे तो १० बजे तक फिर वापस जाना पडता है । यात्री को भी पटना से जनकपुर आने में तकरिवन ११ घण्टा लगजाते है जवकि ६ घण्टा काफी है । हमलोग न गाडी के साफ कर पाते है न आराम न खाना ठिक से खा पाता है तो इससे प्रतिदिन सेवा कैसे सुचारु रख पायेंगे । हम लोग भी कुछ दिनो कें वाद अयोध्याबाली बस की तरह भिठामोड से पटना ही चलाने लगेंगे । अगर इस पर विचार नही किया गया तो शुरु किया गया सर्किट के तहत पर्यटन विकास, व्यापार मे दोनो देश की उपलब्धि की आशा है जो जोखिम मे पडजाना लाजिमी हैं । इस पर दोनो देशकी सरकार एवम् उच्चस्तरीय लोगों की पहल करने की आवश्यकता है ताकि दोनो देशों की सम्बन्ध को थप मजवुती बनानेबाला ए सर्किट की सेवाँए निरन्तरता पा सकें ।

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