Sat. Oct 20th, 2018

दलित महिलाओं के उपर यौनजन हिंसा मे वृध्दि

dalitकैलास दास,जनकपुर, भदौ १९ । दलित महिलाओं के उपर सबसे ज्यादा यौनजन हिंसा बढी है एक कार्यक्रम में वक्ताओं कही है ।

नेपाल राष्ट्रिय दलित समाज कल्याण संघ धनुषा के आयोजना मे गुरुवार हुये एक अन्तरक्रिया में वक्ताओं ने कहा कि महिला हिंसा तो है ही लेकिन सबसे ज्यादा दलित महिलाओं के उपर यौनजन हिंसा मे वृध्दि हुइ है । राष्ट्रिय कार्यायोजना कार्यान्वयन की अवस्था और शान्ति निर्माण प्रक्रिया में समाजिक सहभागिता सम्बन्धी विषय पर अन्तरक्रिया का आयोजन किया गया था ।

महिला के सवाल पर महिला की उपस्थिति कम होना हिंसा को बढावा देना है । इस प्रकार के कार्यक्रम में महिलाओं की विशेष सहभागिता होना चाहिए वक्ताओं ने जिकिर किया था । वक्ताओं ने यह भी कहा कि  जब तक नीति निर्माण में महिलाओं की सहभागिता ज्यादा से ज्यदा नही होगा महिला हिंसा में कमी नही आऐगी ।

कार्यक्रम में सहायक शिक्षा अधिकारी दानीकान्त झा ने कहा कि महिला हिंसा में प्रशासन जब तक इमान्दार नही होगा कमी होना सम्भव नही है । पवार पैसा और पुलिस इमान्दार हो जाए तो इसे न्यून किया जा सकता है ।

नेपालबार एशोसिएशन जनकपुर के अध्यक्ष उमेश पजियार ने महिला की सहभागिता राज्य के नीति निर्माण में नही होगा तबतक महिला हिंसा में कमी सम्भव नही है । बलत्कार सम्बन्धी कानून में बलत्कारी उपर सजाय का प्रावधान कमजोर होने के कारण बलत्कार की घटना दिनप्रतिदिन बढती जा रही है ।उन्होने यह भी कहा कि महिला हिंसा विरुद्ध के मुद्दा में नेपाल बार एशोसिएशन जनकपुर निःशुल्क पैरवी करेगा ।

कार्यक्रम में महिला तथा बालबालिका सेवा केन्द्र के प्रतिनिधि मिना केसी, लक्ष्मीपुर वगेवा गाविस का सचिव मेनुका धमला, कृषि विकास कार्यालय धनुषा का अधिकृत रामस्वार्थ यादव, सेतो गुरास का अध्यक्ष सम्झना बर्मा, महिला अधिकारकर्मी एवं महिला मानव अधिकार रक्षक संजाल का अध्यक्ष रेणु झा, सचिव हेमलता सिग्देल, संघ का केन्द्रिय सदस्य रुप नारायण साफी, कानून व्यवसायी बालकृष्ण कार्की सहित के वक्ताओं ने महिला हिंसा के बारे में विचार रखा था ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of