Sat. Apr 20th, 2019

देखो मधुमास के रंग यहाँ,सतरंगी कुशुमके संग यहाँ….नव वर्ष की शुभकामना : स्वामी देवस्वरूप (अजय)

radheshyam-money-transfer

अपना नववर्ष 2076 , स्वामी देवस्वरूप (अजय)

नव वर्ष की शुभकामना
मेरे सभी दिव्य आत्माओं,पूण्य चेतनाओं,प्रेमल हृदयों के स्वामी मित्रों को इस बसंतीय नववर्ष का हृदय से शुभकामना अर्पण करता हूँ। जीवन की यात्रा उमंगमय हो,आनन्दमय हो,प्रज्ञापूर्ण और होशपूर्ण हो,सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय हो। प्रेम से परमात्मा तक हो। शिला से शिव तक हो। काम से राम तक हो।जोड़वा से बुद्ध तक हो। गुरु से गोविन्द तक हो। साकार से ओंकार तक हो। ध्यान से निर्वाण तक हो। संदेह से समाधि तक हो।
नोट:- दो हृदय कुशुम अर्पण करता हूँ।

है अपना यह नववर्ष अहो।
सबओर यहाँ उत्कर्ष अहो।।
उपवनमें कलियाँ झूम रही।
कोयल की कुक अति हर्ष अहो।।
देखो मधुमास के रंग यहाँ।
सतरंगी कुशुमके संग यहाँ।।
भँवरे मदमस्त है पी मधवा।
कलियाँ है बिखेरे उमंग यहाँ।।

वैशाखी बन लक्ष्मी आई।
घरघर वैभव धन है छाई।।
धरती उगले हीरे मोती।
गदगद किशान जग हर्षाई।।

नववर्ष का है यह ढंग अहो।
कणकण में भरा है उमंग अहो।।
नहीं शीत लहर न उष्ण कहर।
हर वृक्ष सजे अंग अंग अहो।।

देखो प्रकृति के उत्सव को।
भँवरे कोयल के महोत्सव को।।
बनके दुलहन वशुधा नाचे।
बालक हिय में रंगोत्सव को।।

सब प्रेम फुहार को बाँट रहा।
दिल खोल के दिल को बाँट रहा।।
शुभ भाव से भावित है सब जन।
गले मिल शुभकामना बाँट रहा।।

यहाँ प्रकृति पुरुष का मधुर मिलन।
नहीं बाहर भीतर कोई जलन।।
गुणगुण रुनझुन झंकार बजे।
नववर्ष हेतु दिल है अर्पण।।

स्वामी देवस्वरूप (अजय)

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of