Wed. Oct 17th, 2018

नेताओं की रोजगारी के लिए अनावश्यक समिति

काठमांडू, २ अप्रिल । नेपाल में आवश्यकता से ज्यादा नेता हैं, प्रायः अधिकांश नेता राज्य कोष की रकम दुरुपयोग कर ही जीते हैं । यह आरोप नहीं सच्चाई है । इसीलिए तो यहां आवश्यकता से ज्यादा मन्त्री, राज्यमन्त्री भी बनाए जाते हैं । इतना ही नहीं, जो मन्त्री तथा राज्यमन्त्री बनते हैं, वह अपनी कार्यकर्ता व्यवस्थापन के लिए मन्त्रालय मातहत में अनावश्यक दरबन्दी सिर्जना कर कार्यकर्ता भी भरती करते हैं । ऐसी अवस्था में हैं, संसदीय समिति निर्माण अभियान भी ।


मन्त्री पद के लालायित असंख्या नेताओं में कुछ नेता ही मन्त्री बने हैं । लेकिन जो मन्त्री नहीं बन पाए, उन का व्यवस्थापन पार्टियों के लिए चुनौती भी बन रहा है । इस तथ्य को मध्यनजर करते हुए विज्ञों की सुझाव विपरित आवश्यकता से ज्यादा संसदीय समिति निर्माण होने जा रहा है । राज्य कोष की आर्थिक भार को कम करने के लिए और कार्य सम्पादन ठीक–ठाक रखने के लिए कम से कम संसदीय समिति निर्माण के लिए सुझाव आया था । लेकिन उसके विपरित अब १४ संसदीय समिति निर्माण की तैयारी हो रही है, जहां मन्त्री बनने में असफल नेताओं को सभापति बनाकर रोजगारी दिया जाएगा ।
आज प्रकाशित कान्तिपुर के अनुसार मन्त्री की चाहत रख कर भी उसमें असफल नेता संसदीय समिति के सभापति बनने के लिए तैयार हो गए हैं । संसदीय समिति के सभापति को राज्यमन्त्री की तरह सुविधा प्राप्त होगी । नियमावली मस्यौदा समिति की आइतबार सम्पन्न बैठक ने प्र्रतिनिधिसभा में १० और राष्ट्रीय सभा ४ संसदीय समिति निर्माण के लिए निर्णय किया है । संसदीय मामिला के जानकारों का कहना है कि ज्यादा समिति निर्माण करने से राज्य कोष में आर्थिक भार पड़त है और कम करने में भी दिक्कत होती है ।

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