Sun. Oct 21st, 2018

नेपाल आदिवासी जनजाती पत्रकारों का जमघट

Photo Fonijनेपालगन्ज , पवन जायसवाल, पाल्गुन ११ गते ।
नेपाल आदिवासी जनजाती पत्रकार महासंघ (फोनिज) ने अपना मध्य तथा सुदुरपश्चिमाञ्चल क्षेत्रीय जमघट फाल्गुन ११ गते आइतवार को बाँके जिला के नेपालगन्ज में सम्पन्न किया है ।
आदिवासी जनजाति पत्रकार महासंघ (फोनिज) बाँके के आयोजना में सम्पन्न क्षेत्रीय जमघट ने आदिवासी जनजाति पत्रकारों का हकहितों के लियें  १७ बुदे माँगों के साथ घोषणा पत्र भी जारी किया है ।
नेपाल आदिवासी जनजाति पत्रकार महासंघ (फोनिज) के अध्यक्ष दण्ड गुरुङ ने नेपाल पत्रकार महासंघ समावेशी होना चाहिए बताया । आदिवासी जनजाति पत्रकारों का छाता संगठन फोनिज को मध्य तथा सुदूरपश्चिमाञ्चल क्षेत्रीय स्तरीय जमघट को सम्बोधन करते हुयें उन्हों ने नेपाल पत्रकार महासंघ एकल जातिय नेतृत्व के कारण जातीय मुद्दाए“ को नही उठा सका है  जिकिर किया ।
नेपाल पत्रकार महासंघ में भी आदिबासी जनजातियों की प्रतिनिधित्व नहोने से भी जातीय मुद्दा नही उठा है कहते हुयें अध्यक्ष गुरुङ ने नेपाल पत्रकार महासंघ मे में समावेसी प्रतिनिधित्व ही फोनिज का पहला मा“ग रहा है स्पष्ट किया  । उन्हों ने नेपाल पत्रकार महासंघ के हरेक जिला शाखा में जातीय बाहुल्यता के आधारों में प्रतिनिधित्व कराने की मा“ग  किया ।
फोनिज केन्द्रिय समिति के ओर से महासचिव गजुरधन राई ने अवधारणा पत्र प्रस्तुत किया था । क्षेत्रीय संयोजक खेम बुढा कने अध्यक्षता में सम्पन्न जमघट में  पत्रकार महासंघ के अधिवेशन को मध्य नजर करते हुयें नेपाल पत्रकार महासघं को कैसे समावेशी बनया जाय उस  बारे में बातचीत किया गया ।
फोनिज बा“के जिला के अध्यक्ष उमा थापा मगर ने स्वागत मन्तव्य किया था  सञ्चार माध्यम में आदिवासी जनजातियों का संस्कृति, परम्परा, भाषा तथा राजनीतिक मुद्दा उठान करना, जनजाति पत्रकारों की समस्याए“ और समाधानों के प्रयासों के बारे में भी बातचीत किया गया है ।
मध्य तथा सुदुरपश्चिमनञ्चल के फोनिज क्षेत्रीय अध्यक्षों की सहभागिता रही जमघट में थारु पत्रकार संघ के अध्यक्ष लक्की चौधरी, नेपाल पत्रकार महासंघ के केन्द्रीय सदस्य दिलिप थापा मगर, फोनिज के निवर्तमान अध्यक्ष मोहन सिंह लामा,  सल्लाहकार समिति के संयोजक खिम घले लगायत लोगों ने मन्तब्य किया था ।
आदिवासी जनजातीयों की मुद्दा तथा नेपाली सञ्चार जगत को समावेशी बनाना चाहिए जैसे मा“ग को समावेश किया गया घोषणा पत्र में पत्रकारों का विभिन्न संगठनों में आबद्ध बा“के के प्रतिनीधियों ने प्रतिबद्धता  साथ सुझाव भी दिया ।

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