Sat. Nov 17th, 2018

पण्डित और पी. आर प्रकरण

lalbabuश्वेता दीप्ति, काठमान्डू, पी. आर, ग्रीन कार्ड प्रकरण से चर्चित लालबाबू पण्डित ने सत्तारुढ काँग्रेस पार्टी पर ही आराप लगाया है कि उनकी वजह से सम्बन्धित व्यक्तियों पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है । पण्डित का मानना है कि ११ सौ से अधिक निजामति कर्मचारी ग्रीनकार्ड, डिभी, पी. आर धारी हैं । एक व्यक्ति जो राज्य की नौकरी में है, जनता के द्वारा चुकाए कर से उसे पैसे मिल रहे हैं उसे अपनी नौकरी और देश के प्रति समर्पित होना चाहिए । नौकरी काल में ही छुट्टी लेकर विदेश जाना और वहाँ की नागरिकता प्राप्त करने वालों की संख्या बढ रही है । इसे रोकना तो अवश्य चाहिए । एक ओर नेपाली जनता भूख, बदहाली, गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रही है वहीं दूसरी ओर एक सरकारी कर्मचारी देश और विदेश दोनों जगहों से फायदा ले रहा है । कर्मचारी पदान्नति, महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, अतिरिक्त आमदनी और आकर्षक वेतन पाते हैं तो देश वापस आते हैं और इसका फायदा लेकर फिर वापस लौट जाते है. । सुविधा मिल रही है तो देश नहीं तो बेतलबी छुट्टी आदि का उपयोग कर विदेश इसे रोकने के लिए उनका उठाया गया कदम निःसन्देह सराहनीय था किन्तु जब सरकार ही बाधा उत्पन्न करे तो क्या हो सकता है । उनके द्वारा चौथा संशोधन ऐन पास नहीं होने दिया जा रहा है । आखिर ये पास हो भी तो कैसे पास करने वालों के ही नाते रिश्तेदार ही सबसे पहले चपेट में आएँगे ।

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