Fri. Feb 22nd, 2019

पुलिस की कार्यशैली पर सीएम ने उठाया सवाल, कहा-बिहार में हर हाल में रूकना चाहिए अपराध

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पटना {बिहार} से मधुरेश प्रियदर्शी —सूबे में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं एवं शराबबंदी को लेकर राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग के साथ बैठक की। इस हाईलेवेल बैठक में पब्लिक एवं अन्य स्रोतों से मिले फीडबैक के आधार पर सीएम ने डीजीपी पीके ठाकुर से एसपी स्तर से हो रहे खेल पर सवाल उठाया और क्राइम के लिए पुलिस को दोषी ठहराया। बिहार की कानून व्यवस्था पर सीएम का यह बड़ा सवाल गृह विभाग के आला अधिकारियों को चौंका गया। हालांकि सीएम का यह कथन अधिकारिक बयान से अलग कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार सीएम ने सूबे में अपराध एवं शराब की अवैध बिक्री को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि अब बहुत हो चुका। क्राइम रूकनी चाहिए। अपराधियों को पकड़कर उनपर स्पीडी ट्रायल चलवाइए और सजा दिलाइए। यह काम शराब कारोबारियों के मामले में भी होनी चाहिए।

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर, गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियोंके साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के एसपी को थाना स्तर तक जाकर अपराध के स्रोत तलाशने के निर्देश दिया। सीएम ने साफ किया कि अगर एसपी को लगता है कि थाना स्तर पर किसी प्रकार की कोताही हो रही है तो अविलंब कार्रवाई करें। उनकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय स्तर पर देखी जाएगी और इसकी समीक्षा होगी।

बैठक के बाद गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि सूबे के किसी जिले में अपराध का आंकड़ा बढ़ता है तो एसपी के स्तर पर देखा जाएगा कि किस थानेदार के क्षेत्र में अधिक घटनाएं हो रही है। वैसे थानेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। हत्या, दुष्कर्म, डकैती, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार व कमजोर वर्ग पर हो रहे अत्याचार के मामले को प्रमुखता से देखा जाएगा। सुबहानी ने कहा कि सूबे में कुछ तरह के अपराधों में कमी तो कुछ अपराधों में वृद्धि हुई है। पुलिस मुख्यालय ने इस बात को गंभीरता से लिया है कि पेट्रोल पंप एवं राहगीर अपराधियों के निशाने पर हैं। रंगदारी की घटनाएं बढ़ी है। एेसे अपराधों पर भी सरकार नजर रख रही है। सीएम ने दशहरा, मुहर्रम के अलावा दीपावली व छठ को शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाने के लिए पर्याप्त कानून व्यवस्था करने को कहा है। सूबे में सांप्रदायिक तनाव नहीं हो, इसके लिए एसपी से लेकर डीएम तक को अलर्ट कर दिया गया है। अब देखना यह है कि सीएम के फटकार का पुलिस विभाग पर क्या असर होता है!

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