Sat. Sep 22nd, 2018

पेट्रोल पर घपलेबाजी चरम पर

देश मे पेट्रोल पर घपलेबाजी चरम पर पहुंच गई है औऱ समय आ गया है कि सरकार इसकी जिम्मेदारी ले। आज के समय मे पेट्रोल कोई विलासिता नही बल्कि हर आदमी की जरूरत है। महंगाई की दरों पर लगाम तो दूर की बात है, इस पेट्रोल के दामो की वृद्धि ने तो महँगाई की हालत सुरसा के मुँह सरीखी कर दी है।
बहुत हो गया है, आम आदमी को इतना मूर्ख न समझे, कंपनी पेट्रोल के दामो को बढ़ाने का ठीकरा सरकार के सिर पर फोड़ती है और सरकार कंपनियों पर। कब तक ये चूहे बिल्ली का खेल चलेगा?
जनता क्यों अपनी खून पसीने की कमाई आपको दे? जवाब देने की जिम्मेदारी सिर्फ़ औऱ सिर्फ़ सरकार की है, पेट्रोलियम कंपनियों की नही। जनता इतनी भी मूर्ख नही कि वो सही गलत न समझे।
सरकार ने नोटबन्दी की, जनता ने हज़ारो कष्ट सहे सिर्फ इसलिये की इस देश का भविष्य उन्नत हो, हर आम आदमी तरक्की करे, खुशहाली आये। GST लेकर आये उस पर भी जनता ने साथ दिया, न जाने कितनी नई चीज़े आयी, जनता ने समर्थन दिया, लाखो लोगो ने सब्सिडी को ठोकर मार दी। अब सरकार की जवाबदेही बनती है कि वो जनता के इस समर्थन का बदला चुकाए। पेट्रोल के दाम बढ़ने से हर घर का हिसाब किताब गड़बड़ा रहा है। जनता ने साथ दिया तो अब आप भी जनता का साथ दो, पेट्रोल के दाम कम करे ताकि महंगाई पर लगाम कसी जा सके। मुँह फेरने या ज़िम्मेदारी से भागने से कुछ नही होने वाला, याद रखियेगा जनाब ये पब्लिक है ये सब जानती है।
डॉ शिल्पा जैन सुराणा
वारंगल
तेलंगाना

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