Sat. Feb 23rd, 2019

प्यार मुझसे जाे किया तुमने ताे क्या पाओगी : जगजीत सि‌ंह

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आपने जब पहली बार मुहब्बत की होगी, तो वो आपके दिल की आवाज बना होगा. जब पहली बार आपका दिल टूटा होगा, तो उसकी आवाज ने आपका दिल बहलाया होगा. जब आप लंबे सफर पर चले होंगे, तो उस आवाज ने आपकी तन्हाई बांटी होगी. मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह ऐसी ही मखमली आवाज के जादूगर थे.

कई भारतीय भाषाओं में अपनी गायिकी के चलते मील का पत्थर साबित हो चुके जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को बीकानेर के श्रीगंगानगर में हुआ था. 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह इस दुनिया को छोड़ कर चले गए. भले ही जगजीत सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सदाबहार आवाज में गायी गईं गजलें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं.

‘चाहे छीन लो मुझसे मेरी जवानी, मगर मुझको लौटा दो वो बचपन का सावन, वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी’ हो या ‘चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश, जहां तुम चले गये’। जैसे सैकड़ों भाव समेटे जीवन के हर पड़ाव और सवालात जगजीत सिंह की गजलों में रचे बसे हैं। जगजीत सिंह को संगीत उनके पिता सरदार अमर सिंह धमानी जो की एक सरकारी कर्मचारी थे उनसे विरासत में मिला। बाद में वह 24 साल की उम्र में 1965 में मुंबई आ गए थे और दो साल बाद ही 1967 में उनकी मुलाकात गज़ल गायिका चित्रा से हुई और 1969 में दोनों विवाह बंधन में बंध गए।

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