Sun. Nov 18th, 2018

प्रदेश का नाम और राजधानी में असमंजसता कायम

काठमांडू, १० जुलाई । कुल ७ प्रदेशों में से दो प्रदेशों ने अपना नाम और स्थायी राजधानी के सम्बन्ध में निर्णय किया है । लेकिन बांकी पाँच प्रदेश में उसका नाम और स्थायी राजधानी संबंधी विषय को लेकर विवाद और असमंजसता बनी हुई है । आज प्रकाशित नयां पत्रिका दैनिक में यह समाचार है ।
समाचार अनुसार एक ही दल के भीतर अलग अलग मत होने के कारण प्रदेशों का नाम और राजधानी संबंधी विषयाें में निर्णय नहीं हो पाया है । प्रदेश नं. १ में अभी तक इसके सम्बन्ध में विचार–विमर्श भी शुरु नहीं हो पाया है । प्रदेश नं. २ की हालत और भी जटिल है । यहां सत्ता पक्ष और प्रतिपक्षी दल के सांसदों के बीच नाम के सम्बन्ध में विवाद है । सत्तारुढ दल संघीय समाजवादी फोरम नेपाल और राष्ट्रीय जनता पार्टी प्रदेश का नाम ‘मधेस’ रखना चाहते हैं । लेकिन नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के नेता उसमें असहमत हैं ।
प्रदेश नं. ३ में नाम से ज्यादा स्थायी राजधानी के सम्बन्ध में ज्यादा विवाद है । वैसे तो इस प्रदेश का नाम क्या हो सकता है, इसके बारे में भी विचार–विमर्श शुरु नहीं हो पाया है । लेकिन स्थायी राजधानी हेटौडा उपर्युक्त नहीं है, ऐसा कहते हुए नुवाकोट, काभ्रे, भक्तपुर और चितवन के सांसदों ने लिखित प्रस्ताव प्रदेशसभा में पेश किए है । प्रदेश नं. ५ में भी राजधानी के संबंध में विवाद है तो प्रदेश नं. ७ में अभी तक कोई भी विचार–विमर्श शुरु नहीं हो पाया है । स्मरणीय है, प्रदेशसभा गठन का समय ५ महिने से भी अधिक हो चुका है ।

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