Tue. Sep 25th, 2018

फोरम और राजपा कब जाएगी सरकार में ?

काठमांडू, १० अप्रिल । नेपाल में जब नयाँ सरकार बनता है, नये प्रधानमन्त्री को भारत भ्रमण में जाने के लिए जल्दबाजी हो जाती है । चुनाव के बाद केपीशर्मा ओली नेतृत्व में नयां सरकार बन गया है, दो महीने के अन्दर प्रधानमन्त्री ओली भारत भ्रमण कर वापस भी हो चुके हैं । भारत भ्रमण में जाने से पूर्व नेपाल की राजनीति में सरकार गठन और सरकार में शामील होनेवाला सम्भावित राजनीतिक दलों के बारे में खूब चर्चा हो गई । जब प्रधानमन्त्री की भारत भ्रमण तय हो गई, उसके बाद कुछ दिन के लिए यह मुद्दा ओझल में पड़ गई । लेकिन अब फिर नयाँ सरकार, मन्त्रिपरिषद् बिस्तार तथा सरकार में शामील होनेवाल सम्भावित राजनीतिक दलों के बारे में बहस होने लगा है । राजनीतिक वृत्त में चर्चा होने लगा है कि अब संघीय समाजवादी फोरम नेपाल और राष्ट्रीय जनता पार्टी कब सरकार में शामील होगी ? आज प्रकाशित नयां पत्रिका दैनिक ने भी इसके बारे में चर्चा की है ।

प्रधानमन्त्री की समस्या
संविधानतः सिर्फ २५ को ही मन्त्री बनया जा सकता है । ओली मन्त्रिपरिषद् में अभी २२ मन्त्री हैं । अब सिर्फ ३ को ही मन्त्री नियुक्त किया जा सकता है । सहरी विकास मन्त्रालय और स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय बांकी है । दो मन्त्रालय और तीन सिट में फोरम और राजपा दोनों दल सहभागी होने की सम्भावना नहीं है । ऐसी अवस्था में प्रधानमन्त्री सिर्फ एक दल को सरकार में शामील कर सकते हैं । ओली की प्राथमिकता में फोरम नेपाल है । अगर दोनों दल को शामील करना है तो मन्त्रिपरिषद् संबंधी संवैधानिक प्रावधान को ही बदलना पड़ेगा ।

फोरम का विवाद
फोरम को अधिकतम दो मन्त्री और एक राज्यमन्त्री मिल सकता है । उसमें एक में पार्टी अध्यक्ष उपेन्द्र यादव लगभग तय है । बांकी एक मन्त्री और राज्यमन्त्री के लिए राजेन्द्र श्रेष्ठ, रेणु यादव, मोहम्मद इस्तियाक राई, उमाशंकर अरगरिया, प्रदीप यादव और हरिनारायण रौनियार दावी कर रहे हैं । उपेन्द्र यादव चाहते हैं कि श्रेष्ठ को मन्त्री बनाकर पार्टी को राष्ट्रीय स्वरुप प्रदान किया जाए, लेकिन पार्टी महासचचिव रामसहाय यादव कह रहे हैं कि प्रत्यक्ष निर्वाचित को ही मात्री बनाना चाहिए ।

राजपा की अन्यौलता
पार्टी में ६ अध्यक्ष हैं, उसमें से दो अध्यक्ष राजेन्द्र महतो और शरतसिंह भण्डारी चाहते हैं कि सरकार में शामील होना चाहिए । लेकिन महेन्द्र राय यादव, अनील झा और राजकिशोर यादव इसके विपक्ष में हैं । संयोजक महन्थ ठाकुर अभी तक मौन हैं । इसीलिए राजपा अभी तक संसदीय दल के नेता छनौट में असफल हो रही है । सरकार में शामील होना तो दूरी बात है ।
नयां पत्रिका ने प्रधानमन्त्री के राजनीतिक सल्लाहकार विष्णु रिमाल, फोरम अध्यक्ष उपेन्द्र यादव और राजपा नेता राजेन्द्र महतो का भी अन्तरवार्ता लिया है । जहां रिमाल ने कहा है फोरम नेपाल से मन्त्रियों की नाम उपलब्ध किया जाएगा तो प्रधानमन्त्री तत्काल मन्त्रिपरिषद् बिस्तार के लिए तय है, उनके अनुसार बांकी तीन मन्त्रालय फोरम के लिए ही रखा गया है । इधर यादव और महतो का कहना है कि सबसे पहले संविधान संशोधन के लिए प्रक्रिया शुरु होना चाहिए, उसके बाद ही सरकार में शामील होने के संबंध में विचार–विमर्श किया जा सकता है ।

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