Thu. Apr 25th, 2019

बसंत पंचमी : ऐसे करें मां सरस्वती की उपासना, मिलेंगे वरदान

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्‍व माना जाता है. मां सरस्वती ब्रह्मा जी की पुत्री मानी जाती हैं. मां सरस्वती विद्या तथा बुद्धि की देवी हैं. इनकी पूजा से हर प्रकार का ज्ञान, कला, संगीत और वाणी का वरदान प्राप्त होता है. मान्यता है कि मंद बुद्धि, गूंगे तथा बहरे लोगों को भी इनकी पूजा से विशेष लाभ होता है. ग्रहों में इनका संबंध बुध तथा बृहस्पति से माना जाता है. मां सरस्वती की पूजा पाठ में हमेशा पीले रंग के वस्त्र, पीले मिष्ठान और पीले फूलों का ही प्रयोग किया जाता है. अगर कुंडली में विद्या बुद्धि का योग ना हो और शिक्षा में बार-बार बाधा आए तो मां सरस्वती की बसंत पंचमी पर पूजा विशेष फलदाई होती है.

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त-

सरस्वती पूजा मुहूर्त: सुबह 7.15 से 12.52 बजे तक.

पंचमी तिथि का आरंभ: 9 फरवरी 2019, शनिवार को 12.25 बजे से प्रारंभ होगा.

पंचमी तिथि समाप्त: 10 फरवरी 2019, रविवार को 14.08 बजे होगी.

मां सरस्वती की उपासना विधि क्या है-

– सरस्वती मां की पूजा नित्य प्रातः की जा सकती है.

– माघ माह की पंचमी तिथि को इनकी विशेष पूजा होती है.

– सफ़ेद कमल पर बैठी वीणाधारिणी मां सरस्वती का स्वरूप सर्वोत्तम माना जाता है.

– सफ़ेद अथवा पीले वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए और पूजा का आसन भी पीला हो तो सर्वोत्तम माना जाता है.

– पूजा में सफ़ेद अथवा पीले फूल तथा हलवा या मेवा अर्पित करना चाहिए.

– इसके बाद मां के मंत्रों का स्फटिक की माला पर जाप करें.

– मंत्र ॐ ऐं नमः मन्त्र का 108 बार जाप जरूर करें.

विद्या-बुद्धि एकाग्रता तथा प्रतियोगिता में कैसे लाभ मिलेगा-

– बसंत पंचमी का पूरी श्रद्धा भावना से व्रत रखें.

– प्रातः सरस्वती वंदना या सरस्वती मंत्र का जाप करें.

मंत्र होगा – ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः इस मंत्र को रोज 108 बार पढ़ना शुरू कर दें.

– मांसाहार का प्रयोग बिलकुल बंद कर दें और घर का शुद्ध सात्विक भोजन ही करें.

– अपने सोने के कमरे में मां सरस्वती का एक चित्र जरूर लगाएं. हर रोज उठने के बाद उनके दर्शन जरूर करें. ऐसा लगातार करने से आपको चमत्कारिक परिणाम जरूर दिखेगा.

मूक तथा बधिर लोगों को कैसे फायदा होगा-

– बसंत पंचमी पर नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ कराएं.

– सरस्वती मंत्र के अभिमंत्रित जल का पान सुबह शाम कराएं.

मंत्र होगा – ॐ नमः भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा

– सलाह लेकर पन्ना या पीला पुखराज धारण कराएं.

– प्रत्येक बुधवार को हरी वस्तुओं का दान कराएं.

– मांसाहार का सेवन बिल्कुल बंद कर दें.

वाणी को प्रभावशाली बनाने के लिए कैसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न-

– श्वेत कमल पर बैठी हुईं मां सरस्वती का चित्र या मूर्ति स्थापित करें.

– उनके सामने बैठकर गाय के घी का दीया जलाकर “ऐं” मंत्र का स्फटिक की माला से जाप करें.

– जाप के बाद 5 मिनट तक ज्ञान मुद्रा का प्रयोग करें.

– उसके बाद स्फटिक की माला गले में धारण करें.

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