Sun. Nov 18th, 2018

बीरगंज में धनवन्तरी एवं गांधी जयंती पर “स्वास्थ्य के लिए दौड़” कार्यक्रम

वीरगंज । 5 नोवेम्बर 2018 बीरगंज में धनवन्तरी जयंती एवं 150 वा गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय वाणीज्यदूतावास और ब्रम्हभूमि हेल्थ रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में “स्वास्थ्य के लिए दौड़” कार्यक्रम का आयोजन किया गया । शुबह 6:00 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में वाणिज्यदूतावास के कॉउंसेलेट जनरल बि.सी. प्रधान,पर्सा जिला के प्रमुख जिल्ला अधिकारी लोकनाथ पौडेल, पर्सा जिल्ला के प्रहरी उपरीक्षक, ब्रम्हभूमि हेल्थ रिसर्च सेंटर के निर्देशक डॉ राकेश कुमार सिंह, सचिव डॉ मनीष सिंह,कार्यक्रम के सदस्य डा.मुकेश सिहं, अंतरर्राष्ट्रीय धावकद्वय बुद्धवीर लामा और बैकुंठ मानन्धर, वरिष्ठ शिक्षा सेवी रामचंद्र महतो कुशवाहा लगायत 700 से ज्यादा लोगों का सहभागिता था । यह दौड़ बीरगंज पावरहाउस चौक से शुरू होकर नारायणी उप क्षेत्रीय अस्पताल में समाप्त हुआ । इस दौड़ कार्यक्रम के बाद दौड़ के सहभागीयों ने अस्पताल परिसर में सरसफाई कार्यक्रम का आयोजन किया ।
इसी अवसर पर दिन में 11 बजे बीरगंज स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आयुर्वेद के ऊपर चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया । कांसुलेट जेनरलद्वारा धनमन्तरी पूजन कर आरम्भ किये गए इस कार्यक्रम में
ब्रम्हभूमि हेल्थ रिसर्च सेंटर के निर्देशक डॉ राकेश कुमार सिंह ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की,नेपाल सिर्फ कृषि प्रधान देस ही नहीं वल्कि जडीबुटी प्रधान देस भी है। यहाँ के जंगलों और पहाड़ों में संजीवनी प्रदान करने बाली बूटियों की भरमार है। हिमाच्छादित क्षेत्रों में दिव्य औषधीय गुणों से युक्त जडीबुटी कप हम प्रयोग में नही ला पा रहे हैं।अब समय अनुकूल हो रहा है, वैज्ञानिक तकनीको के कारण। अतः हमें आधुनिक तकनीक को व्यवहार में लाकर विषैले रासायनिक औषधियों के दुष्प्रभाव तथा इसके दुश्चक्र के आम जनमानस को बचाना होगा। और यह दायित्व हम आयुर्वेद चिकित्सकों का है। अंग्रेजी औषधियों के चंगुल में फ़सते जा रहे भोले भाले जनता को सुरक्षा प्रदान कर आयुर्वेद से उठे भरोसे को पुर्स्थापित करना होगा। उन्होंने आयुर्वेद को पुनर्जीवित करने और इसपर सोध करके आगे बढ़ने का सलाह कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टरों को दिया । उन्होंने कहा, आयर्वेद के डॉक्टरों को निराश होने की जरूरत नही है, अगर ईमानदारी से प्रयत्न किया जाए तो आयुर्वेद के क्षेत्र में प्रचुर संभावनाएं हैं । कार्यक्रम में उपस्थित आयुर्वेदिक डॉक्टरों के जिज्ञासाओं का भी डॉ राकेश ने जवाब दिया । कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कांसुलेट जनरल ने आयुर्वेद पर अपना विचार व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र में सोध एवं विकास के लिए सकारात्मक सहयोग की बात की ।

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