Mon. Sep 24th, 2018

भारतीय पूर्व प्रधानमन्त्री वाजपेयी जी के प्रति नेपाल में श्रद्धाञ्जली सभा

लिलानाथ गौतम, काठमांडू, २४ अगस्त ।

भारतीय पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रति नेपाल (काठमांडू) एक श्रद्धाञ्जली सभा आयोजन किया गया । नेपाल भारत मैत्री समाज तथा अन्य विभिन्न सामाजिक तथा सांस्कृतिक संघ–संस्थाओं की ओर से शुक्रबार आयोजित श्रद्धाञ्जली सभा में नेपाल के पूर्व प्रधानमन्त्री, मन्त्री, राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता, कुटनीतिज्ञ, प्रशासक तथा अन्य विशिष्ठ पदाधिकारी सहभागी थे ।

नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी के सभापति में सम्पन्न कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए तथा श्रद्धाञ्जली मन्तव्य व्यक्त करते हुए नेपाल स्थित भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने कहा कि संदीय प्रजातान्त्रिक अभ्यास के लिए स्व. विजपेयी जी एक मिसाल हैं । उनका यह भी मानना है कि वाजपेयी जी नेपाल के प्रति निकट और मित्रवत सम्बन्ध रखनेवाले राजनीतिज्ञ थे । इस सन्दर्भ में राजदूत पुरी ने कुछ तस्वीरें भी सार्वजनिक की, जो नेपाल और नेपालियों के बीच स्व. वाजपेयी की प्रेम दर्शती थी ।

श्रद्धाञ्जली मन्तव्य रखते हुए नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्वप्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल ने कहा कि अद्भूत और अतुलनीय वक्तृत्व क्षमता के स्व. वाजपेयी जी का नेपाल के साथ जो संबंध है, उसको विशेष मानते थे । उनका यह भी मानना है कि स्व. वाजपेयी जी विश्व जगत के ल्एि ही एक आदर्श राजनेता थे और भारत की भौतिक पूर्वाधार विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा । पूर्व प्रधानमन्त्री तथा नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुुर देउवा ने कहा कि नेपाल–भारत सम्बन्ध को हरदम मजबूत रखने के लिए प्रयासरत स्व. वाजपेयी जी व्यक्तगत सम्बन्ध के हिसाब से उन के लिए एक अभिभावक के तरह ही थे ।

इसीतरह पूर्व प्रधानमन्त्री लोकेन्द्र बहादुर चन्द ने कहा कि स्व. वाजपेयी जी राजनीतिक नैतिकता के लिए एक मिशाल थे, स्व. वाजपेयी जो कहते थे, वह उनकी व्यवहार में दिखाई देता था । व्यक्तिगत बातचीत संबंधी प्रसंग में पूर्वप्रधानमन्त्री चन्द ने स्व. वाजपेयी जी का एक वाक्य कहा– नेपाल में कंकड़–कंकड़ में शंकर हैं । उनका यही मानना है कि स्व. वाजपेयी जी नेपाल के शुभचिन्तक और उदार हृदयवाले राजनेता थे ।

राष्ट्रीय जनता पार्टी के संयोजक महन्थ ठाकुर ने श्रद्धाञ्जली मन्तव्य वक्त करते हुए कहा कि स्व. वाजपेयी जी एक महापुरुष थे, जो भारतीय लोकतन्त्र के लिए एक बहुत बड़ा हस्ती हैं । संयोजक ठाकुर को मानना है कि वाजपेयी जी की निधन से भारत को ही नहीं, नेपाल को भी भावविह्वल कर दिया है । उन्होंने यह भी कहा कि स्व. वाजपेयी जी मानव समाज के लिए एक विशिष्ठ व्यक्तित्व थे, जिनकी निधन से पूरे मानव समाज को क्षति पहुँच गई है । राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (लोकतान्त्रिक) के अध्यक्ष पशुपति शमशेर राणा को मानना है कि नेपाल–भारत संबंध में स्व. वाजपेयी जी का योगदान अतुलनीय है । उनका यह भी मानना है कि व्यक्तिगत बातचीत में स्व. वाजपेयी जी कम ही बोलते थे, लेकिन जो भी बोलते थे, वह महत्वपूर्ण वाक्य होता था ।

पूर्व राजदूत तथा परराष्ट्रविद् भेष बहादुर थापा को कहना है कि स्व. वाजपेयी जी नेपाल को हिन्दू राष्ट्र के रुप में देखना चाहनेवाले शुभचिन्तक थे । उनका यह भी मानना है कि भारत की सामाजिक, आर्थिक रुपमान्तरण के लिए स्व. वाजपेयी जी का महत्वपूर्ण योगदान है । कार्यक्रम में सामाजिक अभियान्ता सुन्दरमणि दीक्षित ने स्व. वाजपेयी जी का नेपाल और उनका परिवारिक संबंध के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म–संस्कृति के दृष्टिकोण से स्वं वाजपेयी जी नेपाल और भारत दोनों देशों के अभिभाव थे और वह चाहते थे कि नेपाल के हर राजनीतिक नेताओं से अच्छी संबंध बना रहे ।

श्रद्धाञ्जली मन्तव्य रखते हुए ज्योतिष वासुदेव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वाजपेयी जी एक अध्यात्मिक पुरुष भी थे, जो सभी राजनीतिक दल और नेताओं के लिए सर्वस्वीकार्य होते थे । उनका मानना है कि स्व. वाजपेयी में वह आध्यात्मिक शक्ति था, जो सभी राजनीतिज्ञों को प्रभावित करती थी । कार्यक्रम के सभापति तथा नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी का भी कहना है कि स्व. वाजपेयी जी नेपाल के लिए एक मित्रवत शुभचिन्तक थे ।

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