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भारतीय राष्ट्रपति मुखर्जी से मधेशी नेताओं ने कहा : आन्दोलन ही विकल्प

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काठमांडू, ४,नवम्बर | नेपाल भ्रमण पर आये भारतीय राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि नयां संविधान की प्रभावकारी कार्यान्वयन के लिये सभी पक्ष को समेट्ना जरूरी है और इसके लिये नेपाल द्वारा हो रहे प्रयास स्वागत योग्य है।

अपने दुसरे दिन के कार्यक्रम में बिहीबार को काठमाण्डू में एक विचार विमर्ष कार्यक्रम के समापन समारोह में बोलते हुये मुखर्जी ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच विगत में मतभेद भी दिखा लेकिन वह अव समाधान हो गया यह ख़ुशी की बात है |

उन्होंने भारत के प्रख्यात प्राविधिक शिक्षण संस्था इन्डियन इन्स्टिच्युट अफ टेक्नोलोजी (आइआइटी) में नेपाली विद्यार्थी भी भारतीय सरह प्रवेश परीक्षा देकर उच्च स्तर में अध्ययन कर पाने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समेटकर ले जाने का प्रयाश स्वागत योग्य है |

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा “नयां संविधान की प्रभावकारी कार्यान्वयन के लिये नेपाल सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों को एक साथ ले जाने का प्रयास की हम सफलता की कामना करतें है | उनका स्पष्ट संकेत तराई केन्द्रित असंतुष्ट दलों की ओर था |

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने तराई के नेताओं को कहा कि उन्हें विश्वास है कि मधेश की मांग भी पूरी होगी | राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से अपने भेंट में तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष महंत ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि संसोधन दिखावा मात्र है | ठाकुर ने कहा कि उन्हें नही लगता है कि संविधान में मधेश की इच्छा अनुसार संसोधन किया जायेगा | वहीं फोरम के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से कहा कि मांग पूरा नही हुई तो आन्दोलन ही विकल्प है | उन्होंने कहा कि अब होनेवाले आन्दोलन में हम अपने सभी पडोसी से सहयोग की अपेक्षा रखतें है | इसी तरह सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा की सरकार संसोधन के नाम पर आल टाल कर रही है |

नेपाली के राजनीतिक मामला में बहुत ही  सावधानी पूर्वक राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की शब्दावली चयन की गई थी | जसमे कुछ लोगों को लगता है कि राष्ट्रपति ने संविधान का स्वागत ही कर दिया और अब भारत का रुख भी बदल गया | लेकिन उन्होंने बड़ी ही मर्यादित और सावधानी पूर्वक भाषा का प्रयोग किया है | उन्होंने विगत में नेपाल और  भारत के बीच मतान्तर होने के बाबजूद  दोनों देशों के नेतृत्व द्वारा उसका समाधान खोजने पर भी खुशी व्यक्त की व्यक्त की ।

 

 

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