Tue. Mar 19th, 2019

भारत-नेपाल सीमा से खुंखार आतंकी अब्दुल करीम टुंडा गिरफ्तार

radheshyam-money-transfer

abdultundaदिल्ली पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के खुंखार आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया है। बम बनाने में माहिर टुंडा की पुलिस को 40 मामलों में तलाश थी।

उसका नाम 26/11 के मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान को सौंपे गए 20 आतंकियों की सूची में भी शामिल है। टुंडा को हाफिज सईद के साथ दाउद इब्राहिम का भी करीबी माना जाता है।
आतंकी बनने के पहले होम्योपैथिक दवाएं बेचता था टुंडा
बताया जाता है सन 2000 में एक बम विस्फोट में उसके मारे जाने की खबर पुलिस को मिली थी। उसके बाद पुलिस उसकी फाइल बंद करने की योजना बना रही थी, लेकिन लश्कर के शीर्ष आतंकी अब्दुल रजाक मसूद से पूछताछ के दौरान टुंडा के जीवित होने की जानकारी मिली।
पुलिस उसकी बंगलादेश, नेपाल और अन्य स्थानों पर तलाश करती रही थी। उसने इंटरपोल को भी टुंडा के बारे में जानकारी दी।
टुंडा की गिरफ्तारी को भारतीय सुरक्षा एजेंसीयां बड़ी सफलता मान रही हैं।
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की कोर्ट ने टुंडा की तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। टुंडा के पास से 23 जनवरी, 2013 को पाकिस्तान द्वारा जारी पासपोर्ट बरामद किया गया है। गौरतलब है कि 26/11 के मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान को सौंपे गए डोजियर में टुंडा का नाम 15वें स्थान पर था। टुंडा 1990 के दशक में मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली में धमाकों में आरोपी है। टुंडा आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के अलावा जैश ए मोहम्मद और मरकज अल दावा से भी जुड़ा रहा है। मरकज अल दावा का ही नाम अब जमात-उद-दावा कर दिया गया है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी अब्दुल करीम टुंडा को कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने 80 के दशक में ट्रेनिंग दी थी और वह बम तथा उन्नत विस्फोटक तैयार करने में माहिर माना जाता है।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of