Sun. Dec 9th, 2018

भ्रूण हत्या से महिलाओं की संख्या में कमी

करुणा झा:राष्ट्रीय जनगणना तथा अन्य तथ्यांक अनुसार देश में पुरुषों की संख्या से महिलाओं की अधिक है। लेकिन सप्तरी के सदरमुकाम राजविराज में महिलाओं की संख्या दिनों दिन घट रही है। जनकारों का कहना है कि महिला और पुरुष बीच हो रहे लैंगिक विभेद के कारण यह सब हो रहा है। इसके प्रमुख कारणों में शिक्षा की कमी भी मानी जाती है।
विशेषतः वंश चलानेवाले बेटा के प्रति मोह होना और बेटियों के विवाह में दहेज देने की अनिवार्यता के कारण तर्राई के कुछ समुदायों में भ्रूण अवस्था में ही कन्या को मार देने की प्रथा दिनों दिन बढÞ रही है। इसके परिणाम स्वरूप समाज में नारी की संख्या का घटना स्वाभाविक है। दहेज के कारण से बेटी को जन्म नहीं देना या जन्म हो जाने के बाद भी उसे उपेक्षित रखना तथा नियमानुसार उसका जन्मदर्ता भी नहीं करवाना, इसके चलते भी पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम देखी गई है।
राजविराज नगरपालिका के आर्थिक वर्ष०६९/०७० के जन्मदर्ता रर्ेकर्ड ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है। जिस में कुल १ हजार १ सौ ९५ जन्मदर्ताओं में से महिला की संख्या ५ सौ ४४ और पुरुषों की संख्या ६ सौ ५१ है। इस तरह पुरुषों की तुलना में महिला की संख्या १ सौ ७ से कम है। विगत आर्थिक बर्षमें भी दर्ता हुए कुल ७ सौ ९१ में से पुरुषों की संख्या ४ सौ ३७ और महिलाओं की संख्या ३ सौ ५४ है। जो कि पुरुषों की तुलना मे ८३ कम है। ऐसे ही २०६८ साल की जनगणना के अनुसार भी पुरुषों की तुलना मंे महिलाओं की संख्या कम है। परन्तु, सम्पर्ूण्ा जिला के तथ्यांक में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। जनगणना अनुसार सप्तरी की जनसंख्या में से ३ लाख १३ हजार ८ सौ ४६ पुरुष और ३ लाख २५ हजार ४ सौ ३८ महिलाएँ हैं।
ऐसे ही, २०६२ साल में राजविराज नगरपालिका द्वारा तैयार किया गया प्रोफाइल में भी नगर में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम दिखाई गई है। जिस में ५३ दशमलव १ प्रतिशत पुरुष और ४६ दशमलव ९ प्रतिशत महिला की संख्या उल्लेखित है।
तर्राई के कुछ समुदाय में बेटी के विवाह में दहेज देने की बाध्यता के कारण बेटी को पैदा न करने का प्रचलन बढÞने से यह समस्या बढÞती जा रही है। महिला अधिकार के क्षेत्र में कार्यरत संघ संस्थाओं ने भी इस बात की पुष्टि की है। गैरकानूनी रूप में लिंग पहचान कर गर्भ में कन्या भ्रूण पहचानने के बाद परिवार के दबाब में भ्रूण हत्या करने का प्रचलन भी बढÞ रहा है। इस कारण से महिलाओं की संख्या में भारी कमी आ रही है, ऐसा महिला अधिकारकर्मियों ने बताया है।
ऐसे ही बाल कल्याण समिति सप्तरी के सदस्य सुरेन्द्र गुप्ता बताते हैं कि पुरुष की तुलना में महिलाओं की संख्या कम होने में भ्रूण हत्या भी एक महत्त्वपर्ूण्ा कारण है। उनका कहना है कि इस विषय में गम्भीरतापर्ूवक समाज के सभी पक्ष को समय में ही अनुसन्धान कर समस्या का निदान करना होगा। नहीं तो भविष्य में महिलाओं की संख्या असहज ढंग से घट सकती है। जिससे सामाजिक सम्बन्धों में खलल पडÞने की सम्भावना बढÞ जाती है। िि
ि

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of